नौतपे से पहले तपा भारत: 48°C के साथ बांदा दुनिया का तीसरा सबसे गर्म शहर, MP का खजुराहो लिस्ट में चौथे नंबर पर
25 मई से नौतपा शुरू हो रहे हैं, लेकिन उससे पहले ही आधे से ज्यादा भारत गर्मी की आग में जल रहा है। उत्तर प्रदेश के बांदा में तापमान 48°C रिकॉर्ड हुआ। 20 मई को ये दुनिया का तीसरा सबसे गर्म शहर रहा।
देश में नौतपा शुरू होने से पहले ही गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश के बांदा में तापमान करीब 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे यह इस समय देश ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हो गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 20 मई को बांदा दुनिया के सबसे गर्म शहरों की सूची में तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, इस लिस्ट में चौथे नंबर पर 47.4°C तापमान के साथ मध्य प्रदेश का खजुराहो रहा।

बांदा से ज्यादा तापमान केवल मिस्र के असवान में 49.4°C और सऊदी अरब के अराफात में 48.4°C रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक देश में बांदा में सबसे ज्यादा तापमान होने के पीछे मुख्य कारण इसका कर्क रेखा के नजदीक होना है। इसके अलावा सीधी धूप, साफ आसमान, मिट्टी में नमी की कमी वाला पठारी इलाका, सूखती नदियां, जंगलों की कटाई और खनन शामिल हैं।
महाराष्ट्र में भी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी
भीषण गर्मी का असर सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। महाराष्ट्र में भी हालात बेहद गंभीर रहे। वर्धा में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया, जबकि नागपुर में भी पारा लगभग 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरियाणा के रोहतक में 46.9°C और मध्य प्रदेश के नौगांव में भी पारा 46.6°C तक पहुंच गया। राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, बिहार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा सहित कई राज्यों में भी तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से अधिक रिकॉर्ड किया गया।

क्यों पड़ रही है इतनी भीषण गर्मी?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार गर्मी बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। पाकिस्तान के बलूचिस्तान और थार मरुस्थल से आ रही सूखी और गर्म हवाएं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक सीधे पहुंच रही हैं। इसके अलावा आसमान का साफ रहना, नमी की कमी और लगातार सूखा मौसम भी तापमान बढ़ा रहा है। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि कई क्षेत्रों में जंगलों की कटाई और जमीन में नमी की कमी ने भी गर्मी को और तेज कर दिया है। इससे मई के आखिरी हफ्ते या जून वाली गर्मी अभी से महसूस हो रही है।

मानसून की रफ्तार भी पड़ी धीमी
आम तौर पर इस समय तक मानसून आगे बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार वह अंडमान-निकोबार और कोलंबो के आसपास ही अटका हुआ है। इसके आगे बढ़ने के लिए जरूरी मौसमीय सिस्टम कमजोर पड़े हुए हैं, जिससे देश के बड़े हिस्से में राहत नहीं मिल पा रही है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में जल्द मौसम बदल सकता है। वहां बारिश के संकेत हैं, लेकिन उत्तर और मध्य भारत अभी भी तपिश झेलता रहेगा।

मौसम विभाग ने अरुणाचल, असम, मेघालय में कुछ जगह भारी से भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, लक्षद्वीप, कर्नाटक के कुछ हिस्सों में 24 मई तक बारिश का अच्छा दौर रह सकता है। बाकी देश तपता रहेगा।

लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों को दिन के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है।
अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने 22 और 23 मई के लिए कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में गंभीर गर्मी, जबकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र में तेज लू चलने की संभावना है। कुछ पहाड़ी राज्यों में बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई गई है।

22 मई को राजस्थान, यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पंजाब में हीटवेव का अलर्ट। जबकि बिहार में बारिश का ऑरेंज अलर्ट। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ ओले भी गिर सकते है।

23 मई को राजस्थान में गंभीर हीटवेव का अलर्ट है, इस दौरान रातें भी गर्म रहेंगी। छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी हीटवेव चलेगी। असम, मेघालय, केरल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश का अनुमान है।
Varsha Shrivastava 
