लाड़ली बहना योजना अगले 5 साल भी जारी रहेगी, MP Cabinet ने 1.14 लाख करोड़ रुपए के खर्च को दी मंजूरी

Mohan Yadav Cabinet के 18 बड़े फैसले: लाड़ली बहना, नर्मदा मिशन और स्वास्थ्य योजनाओं को मिली मंजूरी

लाड़ली बहना योजना अगले 5 साल भी जारी रहेगी, MP Cabinet ने 1.14 लाख करोड़ रुपए के खर्च को दी मंजूरी

Bhopal। मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav की अध्यक्षता में मंगलवार को Bhopal में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में महिलाओं, बेटियों, किसानों, स्वास्थ्य, नर्मदा संरक्षण और सड़क विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। मंत्री परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुई। कैबिनेट बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023 को अगले पांच साल तक जारी रखने का है।

सरकार अगले पांच साल में लाड़ली बहना योजना पर 1,14,365 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना को भी जारी रखने का फैसला किया गया है। इस योजना के लिए अगले पांच साल में 16,326 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। दोनों योजनाओं के जरिए महिलाओं और बेटियों से जुड़ी सरकारी सहायता को आगे भी जारी रखा जाएगा।

लाड़ली लक्ष्मी और मातृ वंदना योजना भी जारी

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को भी वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी रहेगी। इसमें 60 प्रतिशत केंद्रांश और 40 प्रतिशत राज्यांश होगा। अगले पांच साल में योजना पर 2,137 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

बैठक से पहले मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने युवाओं और बच्चों से जुड़े कई विषयों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि 5 से 15 साल तक के बच्चों की प्रतिभा पहचानने के लिए टैलेंट हंट अभियान पर जोर दिया जाएगा। युवाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क तैयार करने और देश के एक करोड़ युवाओं को AI स्किल की ट्रेनिंग देने की बात भी उन्होंने कही।

स्वास्थ्य योजनाओं पर 11,835 करोड़ रुपए

कैबिनेट ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की मौजूदा योजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी। इनमें उप स्वास्थ्य केंद्रों की निरंतरता, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और अस्पतालों व औषधालयों के भवन निर्माण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाले अतिरिक्त प्रोत्साहन को भी जारी रखने का फैसला किया गया। स्वास्थ्य क्षेत्र की इन योजनाओं पर अगले पांच साल में 11,835 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

नर्मदा संरक्षण के लिए बनेगा नमन मिशन

कैबिनेट ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के ‘निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन’, यानी नमन मिशन, के गठन को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य नर्मदा नदी के संरक्षण और उससे जुड़े विकास कार्यों को एक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना है।

लोक निर्माण मंत्री Rakesh Singh ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि नर्मदा को अविरल बनाए रखने के लिए इस मिशन को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 35 प्रतिशत से अधिक आबादी नर्मदा नदी के किनारे रहती है। ऐसे में नदी का संरक्षण और उससे जुड़े क्षेत्रों का विकास सरकार की प्राथमिकता है।

किसानों की 3 योजनाएं 5 साल तक जारी रहेंगी

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की 500 करोड़ रुपए से कम वित्तीय आकार वाली तीन विभागीय योजनाओं को भी अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक रहेगी। इस फैसले से कृषि क्षेत्र से जुड़ी इन योजनाओं को अगले पांच साल तक निरंतरता मिलेगी। सरकार ने किसानों से जुड़ी योजनाओं को बीच में रोकने के बजाय तय अवधि तक जारी रखने का फैसला किया है।

सड़क विकास निगम में 35 नए पद

मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के कामकाज को बेहतर तरीके से चलाने के लिए स्वीकृत संरचना में 35 नए पद बनाए जाएंगे। इसके अलावा पहले से स्वीकृत सात पदों को भी 19 सितंबर 2026 के बाद अगले पांच साल तक बनाए रखने की मंजूरी दी गई है।

विज्ञान और तकनीक की योजनाओं को मंजूरी

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की तीन प्रमुख योजनाओं को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। इनमें अनुसंधान, योजना और विकासीय गतिविधियां, निर्देशन एवं प्रशासन और विज्ञान को लोकप्रिय बनाने व विज्ञान के प्रसार से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।

मंत्री Rakesh Singh के मुताबिक अगले पांच साल के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की योजनाओं पर 492 करोड़ रुपए से अधिक खर्च प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभाग का बजट 734 करोड़ रुपए है।

पुलिस और प्रशासन से जुड़े फैसले

गृह विभाग के दो मामलों में राज्य से बाहर निजी अस्पतालों में हुए इलाज के चिकित्सा बिलों के भुगतान को मंजूरी दी गई। इनमें Bhopal जिले के निरीक्षक Karan Singh और Chhatarpur जिले के सहायक उप निरीक्षक स्वर्गीय Chandrabhan Singh का मामला शामिल है।

वन विभाग के सेवानिवृत्त तत्कालीन वनपाल Raghuveer Singh Yadav के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को भी मंजूरी मिली। इसमें नुकसान की राशि की वसूली और 10 प्रतिशत पेंशन तीन साल तक रोकने का फैसला शामिल है। सहकारिता विभाग के सेवानिवृत्त सहकारी निरीक्षक Praveen Jain के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

अदालतों के मामलों और जमीन आवंटन पर फैसला

कैबिनेट ने विभिन्न अदालतों के आदेशों के पालन से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इनमें Urmila Chauhan से जुड़ा Indore High Court का मामला, Supreme Court के तीन मामले और प्रोग्रामर्स के नियमितीकरण से जुड़ा Jabalpur High Court का मामला शामिल है।

इसके अलावा Sehore जिले की Ichhawar तहसील के ग्राम Bhaukhedi में कृषि विज्ञान केंद्र के निर्माण के लिए ICAR के National Soybean Research Institute को जमीन देने की मंजूरी दी गई। कुल 36.022 हेक्टेयर भूमि में से 20 हेक्टेयर जमीन स्थायी पट्टे पर आवंटित की जाएगी।

इस तरह Mohan Yadav Cabinet की बैठक में महिलाओं और बेटियों की योजनाओं से लेकर स्वास्थ्य, किसान, नर्मदा संरक्षण, विज्ञान, सड़क विकास और प्रशासन से जुड़े कुल 18 प्रस्तावों पर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।