सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार सख्त, अवैध इमारतों पर बुलडोजर और सभी PG-हॉस्टलों की जांच

दिल्ली के सत्य निकेतन में PG इमारत गिरने के बाद सरकार ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के सभी PG और हॉस्टलों की जांच के निर्देश दिए हैं। हादसे के मामले में अब तक 5 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार सख्त, अवैध इमारतों पर बुलडोजर और सभी PG-हॉस्टलों की जांच

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में PG की इमारत ढहने के बाद सरकार ने अवैध निर्माण और जर्जर इमारतों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई तेज करने के साथ दिल्ली के सभी PG और हॉस्टलों की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, हादसे के मामले में पुलिस अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

हादसे के बाद एक्शन में सरकार 

सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को पांच मंजिला PG इमारत अचानक ढह गई थी। हादसे में 7 लोगों की मौत हुई, जबकि 5 लोग घायल हुए। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए करीब 27 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।हादसे के बाद इमारत में चल रहे मरम्मत और निर्माण कार्य को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि निर्माण के दौरान जरूरी अनुमति और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

अवैध निर्माण पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने MCD को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में अवैध निर्माण की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को भवनों के रिकॉर्ड की जांच करने और यह पता लगाने को कहा गया है कि कथित अवैध निर्माण कब हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन था। खास तौर पर बिना मंजूरी बनी अतिरिक्त मंजिलों और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों पर कार्रवाई की तैयारी है। जरूरत के मुताबिक ऐसी इमारतों को सील करने या ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।

सभी PG और हॉस्टलों की जांच

सत्य निकेतन की घटना के बाद अब दिल्ली में PG और निजी हॉस्टलों की सुरक्षा को लेकर व्यापक जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें भवन की संरचनात्मक स्थिति, निर्माण की मंजूरी, फायर सेफ्टी और दूसरे जरूरी सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। सरकार का फोकस खास तौर पर उन इमारतों पर है, जहां बिना अनुमति निर्माण, अतिरिक्त मंजिल या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की आशंका है। PG में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए यह जांच अहम मानी जा रही है।

मामले में अब तक 5 गिरफ्तारी

सत्य निकेतन PG हादसे की जांच में अब तक 5 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार लोगों में इमारत से जुड़े हरिराम गुप्ता, उर्मिला गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता के अलावा लेबर कॉन्ट्रैक्टर सानोज और PG संचालक सुधांशु शामिल हैं। PG संचालन से जुड़ा दूसरा पार्टनर शुभम त्यागी अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इमारत में हुए निर्माण और मरम्मत के दौरान किसकी क्या भूमिका थी।

जर्जर इमारतों पर भी नजर

हादसे के बाद आसपास की जर्जर और असुरक्षित इमारतों को लेकर भी प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सत्य निकेतन में एक आसपास की असुरक्षित इमारत को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार अब ऐसी इमारतों की पहचान करने पर जोर दे रही है, जहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में हो सकती है। आने वाले दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

PG व्यवस्था को लेकर भी उठे सवाल

सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में छात्रों के लिए संचालित PG और निजी हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद PG को लाइसेंस, संरचनात्मक सुरक्षा और फायर सेफ्टी जैसे मानकों के दायरे में लाने की दिशा में भी सरकार की ओर से कदम उठाए जा रहे हैं।