जून-जुलाई में भी पड़ेगी भीषण गर्मी, मानसून श्रीलंका में अटका; MP-UP समेत कई राज्यों में कम बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 2026 में मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। जून-जुलाई में उत्तर भारत में हीटवेव जारी रहने और मध्यप्रदेश, यूपी, बिहार समेत कई राज्यों में कम बारिश की संभावना जताई गई है।

जून-जुलाई में भी पड़ेगी भीषण गर्मी, मानसून श्रीलंका में अटका; MP-UP समेत कई राज्यों में कम बारिश का अलर्ट

देश में इस साल मानसून को लेकर मौसम विभाग (IMD) ने अपने शुरुआती अनुमान को बदल दिया है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल भारत में सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं, जिसका सीधा असर खेती-किसानी और आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने बताया कि प्रशांत महासागर में एक्टिव हो रहे अल-नीनो (El Nino) के कारण मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ रही हैं। आइए जानते हैं मौसम विभाग की इस चेतावनी के मुख्य बिंदु और इसका देश पर क्या असर होगा।

बारिश का नया अनुमान: आंकड़ों की नजर से..
IMD ने करीब एक महीने पहले जताए गए अपने अनुमान में संशोधन किया है:

  • संशोधित अनुमान: इस साल मानसून सीजन में देश में औसतन 78 सेंटीमीटर बारिश होने की उम्मीद है।
  • पिछला अनुमान (13 अप्रैल): मौसम विभाग ने पहले 80 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान लगाया था।
  • ऐतिहासिक औसत: 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर देश में औसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है।
  • इस साल की स्थिति: कुल बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का करीब 90% रहने का अनुमान है। (100% LPA को सामान्य बारिश माना जाता है, यानी इस बार 10% की कमी रहेगी)।

केरल में कब आएगा मानसून? क्यों हुई देरी..
केरल में मानसून की दस्तक को लेकर मौसम विभाग का पहला पूर्वानुमान गलत साबित हुआ है।

कहाँ अटका है मानसून..
मानसून पिछले 5 दिनों से केरल के तट से महज 30-35 किमी दूर श्रीलंका में अटका हुआ है। अगले दो-तीन दिनों तक इसके आगे बढ़ने के आसार नहीं हैं।

नई तारीख..
IMD के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. एम. मोहापात्रा के अनुसार, मानसून अगले 7 दिनों के भीतर (करीब 7 जून तक) केरल पहुंच सकता है।

पहले का अनुमान..
विभाग ने 15 मई को कहा था कि मानसून तय समय (1 जून) से 5 दिन पहले, यानी 26 मई को ही आ जाएगा।

दिलचस्प फैक्ट..
पिछले साल (2025) मानसून तय समय से 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। बीते 150 सालों में 1918 में मानसून सबसे पहले 11 मई को आया था, जबकि 1972 में सबसे देरी से 18 जून को केरल पहुंचा था।

जून-जुलाई में भी चलेगी भीषण हीटवेव (लू)..
गर्मी से अभी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। जून और जुलाई के महीनों में भी देश के कई हिस्सों में भीषण हीटवेव चलेगी।

  1. प्रभावित राज्य: उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश।
  2. तापमान: आमतौर पर इन महीनों में तापमान 30-35 डिग्री रहता है, लेकिन इस बार तापमान सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा रहने की आशंका है।
  3. कम बारिश वाले राज्य: जून के महीने में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में सामान्य से काफी कम बारिश होगी। वहीं, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में सामान्य बारिश का अनुमान है।

'मानसून कोर जोन' पर संकट: फसलों पर पड़ेगा सीधा असर..
मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल मानसून के कोर जोन (Core Zone) में कम बारिश होगी। यह भारत का वह इलाका है जहां की खेती सबसे ज्यादा मानसून की बारिश पर निर्भर करती है।

प्रमुख क्षेत्र..
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र का विदर्भ, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, और उत्तर प्रदेश व बिहार के कुछ हिस्से। इन इलाकों में बारिश कम या खराब होने से फसलों, किसानों और देश के कुल खाद्य उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है।

छत्तीसगढ़ में मौसम का हाल..
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी पड़ी रही है। कुछ जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के लोगों को बेसब्री से मानसून का इंतजार है। छत्तीसगढ़ में दो जून तक नौतपा है। इस बीच कुछ जगहों पर मौसम का मिजाज बदला है। मौसम विभाग ने प्रदेश में बारिश के साथ-साथ मानसून को लेकर अपडेट दिया है।

मध्य प्रदेश में मौसम का हाल..
मध्य प्रदेश में नौतपा के बीच मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। ग्वालियर में शुक्रवार सुबह 6 बजे से रुक-रुक कर, जबकि मुरैना जिले में तेज बारिश हुई. अचानक बदले मौसम से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। बता दें कि गुरुवार को भी दमोह समेत कई जिलों में ओले गिरे और बारिश हुई। मौसम विभाग ने शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, वहीं भोपाल, जबलपुर समेत 27 जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट है। यहां पारा 43 डिग्री के ऊपर ही रहेगा।

आंधी और बारिश का अलर्ट..
नौतपा में छत्तीसगढ़ तप रहा है। इस बीच आमलोगों के लिए राहत देने वाली खबर सामने आई है। प्रदेश के कई जिलों में अगले दो दिनों तक आंधी और बारिश का अलर्ट है। साथ ही 60 किमी की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। सूरजपुर और अंबिकापुर में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। इसके साथ ही रायगढ़ और सुकमा में भी तेज आंधी चली है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। रायपुर में भी धूल भरी आंधी का अलर्ट है।

आम आदमी और अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर..
भारत की करीब 64% आबादी कृषि पर निर्भर है और केवल 55% खेती योग्य जमीन ही सिंचित है। ऐसे में कमजोर मानसून का असर हर वर्ग पर दिखेगा:

  • महंगाई की मार: फसलों का उत्पादन घटने से आने वाले दिनों में सब्जियों, दालों सहित खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
  • खेती-किसानी में नुकसान: खरीफ सीजन की बुवाई में देरी होगी, जिससे किसानों की लागत और जोखिम दोनों बढ़ सकते हैं।
  • ग्रामीण मांग में कमी: खेती कमजोर रहने पर गांवों में आय कम होगी, जिससे ग्रामीण बाजार में ट्रैक्टर और टू-व्हीलर जैसे वाहनों की बिक्री पर असर पड़ सकता है।
  • पानी और बिजली का संकट: डैम और जलाशयों का जलस्तर नीचे रहने से पानी की किल्लत हो सकती है। वहीं, ज्यादा गर्मी के कारण बिजली की खपत (पावर डिमांड) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगी।