पश्चिम बंगाल के फालता में चल रही वोटिंग, 29 अप्रैल को हुए चुनाव में गड़बड़ी के आरोप के बाद की जा रही रिपोलिंग

पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर हो रहे दोबारा मतदान, 285 बूथों पर कड़ी सुरक्षा, TMC उम्मीदवार ने पीछे खींचे हाथ, 24 मई को आएंगे नतीजे

पश्चिम बंगाल के फालता में चल रही वोटिंग, 29 अप्रैल को हुए चुनाव में गड़बड़ी के आरोप के बाद की जा रही रिपोलिंग

पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर बुधवार को दोबारा मतदान शुरू हो गया। सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है और शाम 6 बजे तक मतदान होगा। चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत बनाया है। पूरे विधानसभा क्षेत्र में कुल 285 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं और हर बूथ पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।

फालता सीट पर दोबारा मतदान ऐसे समय हो रहा है जब यहां पिछले चुनाव के दौरान EVM में गड़बड़ी और कथित छेड़छाड़ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। चुनाव आयोग ने जांच के बाद पूरे विधानसभा क्षेत्र में रिपोलिंग कराने का फैसला लिया था। इस सीट का रिजल्ट अब 24 मई को घोषित किया जाएगा।

EVM विवाद के बाद रिपोलिंग का फैसला

फालता विधानसभा सीट पर पहली बार 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। मतदान खत्म होने के बाद भाजपा ने आरोप लगाया था कि कुछ बूथों पर EVM मशीन में भाजपा के चुनाव चिन्ह वाले बटन पर टेप चिपकाया गया था। इसके कारण मतदाता सही तरीके से वोट नहीं डाल पा रहे थे।

भाजपा ने कई बूथों पर EVM में तकनीकी गड़बड़ी और छेड़छाड़ का आरोप भी लगाया। मामला बढ़ने के बाद चुनाव आयोग ने विशेष जांच कराई। जांच के दौरान कई बूथों पर अनियमितताओं के संकेत मिले। बताया गया कि लगभग 60 बूथों पर गड़बड़ी के सबूत सामने आए।

जांच में यह भी पता चला कि कुछ मतदान केंद्रों पर लगे वेब कैमरों की फुटेज से छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने का आदेश जारी किया।

हर बूथ पर कड़ी सुरक्षा, दोगुने जवान तैनात

चुनाव आयोग इस बार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं चाहता। यही वजह है कि सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है। पिछली बार जहां हर बूथ पर चार जवान तैनात थे, वहीं अब आठ सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय बलों की निगरानी भी बढ़ाई गई है। चुनाव आयोग के अधिकारी लगातार मतदान प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराया जा सके।

TMC उम्मीदवार ने चुनाव से पीछे खींचे हाथ

फालता सीट पर इस बार सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम तब हुआ जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने मतदान से दो दिन पहले चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। उन्होंने 18 मई को सार्वजनिक रूप से चुनाव से पीछे हटने का ऐलान किया।

हालांकि चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, इसलिए EVM मशीनों में उनका नाम और पार्टी का चुनाव चिन्ह बना रहेगा। ऐसे में मतदाता चाहें तो उनके पक्ष में भी वोट डाल सकेंगे। फालता सीट पर इस बार कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा और TMC के बीच माना जा रहा है।

फालता सीट पर TMC का मजबूत कब्जा

फालता विधानसभा सीट कभी वामपंथी दल CPI(M) का गढ़ मानी जाती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां तृणमूल कांग्रेस ने मजबूत पकड़ बना ली है। 2011 से लगातार TMC इस सीट पर जीत दर्ज कर रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में TMC उम्मीदवार ने यहां करीब 40 हजार वोटों से जीत हासिल की थी। दूसरी ओर भाजपा अब तक इस सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सकी है।

फालता, दक्षिण 24 परगना जिले का हिस्सा है। जिले की कई सीटों पर भाजपा ने पिछले चुनाव में मजबूत प्रदर्शन किया था, लेकिन फालता सीट अब भी TMC का मजबूत क्षेत्र मानी जाती है। अब सभी की नजर 24 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी है।