भोपाल में निगम-मंडल नेताओं की ट्रेनिंग: CM बोले- काफिले की आदत छोड़ें, खंडेलवाल ने कहा- दुखी मन से करनी पड़ी कार्रवाई

भोपाल में निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों के नवनियुक्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत सदस्यों का प्रशिक्षण कार्यक्रम। सीएम ने दिए अनुशासन के निर्देश, कहा- PM की अपील का पालन करें

भोपाल में निगम-मंडल नेताओं की ट्रेनिंग: CM बोले- काफिले की आदत छोड़ें, खंडेलवाल ने कहा- दुखी मन से करनी पड़ी कार्रवाई

भोपाल में सोमवार को निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों के नवनियुक्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अटल बिहारी बाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में हुआ। इसमें करीब 60 मंत्री दर्जा प्राप्त पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य इन पदाधिकारियों को उनके कामकाज, वित्तीय प्रबंधन, शासन की प्रक्रियाओं और जिम्मेदारियों की जानकारी देना था। साथ ही विभागीय अधिकारियों और मंत्रियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करने पर भी जोर दिया गया।

काफिले की आदत छोड़ें, PM की अपील का पालन करें

प्रशिक्षण के दौरान नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया गया कि उन्हें “काफिले की आदत” छोड़नी होगी। कहा गया कि उत्साह में कार्यकर्ता कई बार बड़ी संख्या में गाड़ियों के साथ स्वागत के लिए पहुंच जाते हैं, जिससे गलत संदेश जाता है। नेताओं से कहा गया कि वे खुद भी इस तरह की संस्कृति को बढ़ावा न दें और प्रधानमंत्री की अपील का पालन करें। कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि ऊर्जा की बचत और सादगी को अपनाना जरूरी है।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और सादगी से जुड़े संदेश का पालन करने पर जोर दिया गया। कहा गया कि सार्वजनिक जीवन में बैठे लोगों को उदाहरण पेश करना चाहिए। नेताओं को यह भी बताया गया कि उनके व्यवहार और फैसलों पर जनता और सोशल मीडिया दोनों की नजर रहती है। इसलिए हर कदम सोच-समझकर उठाना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने दिए अनुशासन और जिम्मेदारी के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कोई भड़काने या उलझाने की कोशिश करे तो उससे खुद ही बचना होगा। उन्होंने कहा कि कोई दूसरा मदद नहीं करेगा, इसलिए जिम्मेदारी खुद की है। सीएम ने यह भी कहा कि काम करते समय अहंकार नहीं आना चाहिए। यदि अहंकार आता है तो नुकसान होता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से कहा कि वे नियम और कानून के दायरे में रहकर काम करें।

वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि हाल में हुई कुछ घटनाओं के कारण संगठन को कार्रवाई करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि यह फैसला दुखी मन से लिया गया, लेकिन अनुशासन जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी पदाधिकारी मेरिट के आधार पर चुने गए हैं, इसलिए उन्हें अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभानी चाहिए। किसी भी आदेश का पालन करना जरूरी है।

संगठन का संदेश - आदेश का इंतजार न करें

बीजेपी प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि अब सभी पदाधिकारी सीधे जिम्मेदारी के दायरे में हैं और उनकी परफॉर्मेंस पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि आदेश का इंतजार किए बिना काम शुरू करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर भी हर गतिविधि पर नजर रहती है। इसलिए आचरण और व्यवहार पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने सभी से सादगी और अनुशासन के साथ काम करने की अपील की।

कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने भी प्रशिक्षण दिया। 18 विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने पदाधिकारियों को वित्तीय प्रबंधन, नीति निर्माण, अधिकारों, दायित्वों और शासन की प्रक्रियाओं की जानकारी दी। साथ ही यह भी समझाया गया कि विभागीय स्तर पर कैसे बेहतर तरीके से काम किया जाए।

वाहन रैलियों के बाद बढ़ी सख्ती, पूछे गए सवाल

हाल ही में कुछ निगम-मंडल अध्यक्षों द्वारा स्वागत में निकाली गई वाहन रैलियों को लेकर विवाद हुआ था। इस पर बीजेपी नेतृत्व की ओर से नाराजगी जताई गई थी। इसके बाद संगठन ने सख्त कदम उठाते हुए भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष को पद से हटा दिया और पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष के अधिकार फिलहाल फ्रीज कर दिए गए।

प्रशिक्षण के दौरान कुछ मामलों पर सीधे सवाल-जवाब भी हुए। सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष ने कहा कि उनकी रैली के वीडियो में सामान्य ट्रैफिक को भी जोड़कर दिखाया गया। वहीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि उनका कोई रैली कार्यक्रम नहीं था और वे आधिकारिक निरीक्षण यात्रा पर थीं। उन्होंने कहा कि वीडियो में सड़क पर चलने वाले अन्य वाहनों को भी गलत तरीके से जोड़ा गया।

पूरे कार्यक्रम में संगठन और सरकार का फोकस अनुशासन, सादगी और बेहतर प्रशासनिक छवि पर रहा। नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया गया कि उनका व्यवहार जनता में सरकार की छवि बनाता है। साथ ही यह भी कहा गया कि किसी भी तरह की दिखावे की राजनीति से बचना होगा। पद का उपयोग जनता की सेवा के लिए होना चाहिए, न कि शक्ति प्रदर्शन के लिए।