TMC में टूट पर छलका महुआ मोइत्रा का दर्द, बोलीं- ‘सयानी घोष जैसे लोग भी अगर पाला बदल लें तो किस पर भरोसा करें?’
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने पार्टी में जारी बगावत और टूट पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि सयानी घोष जैसी नेता का पाला बदलना सबसे ज्यादा तकलीफ देने वाला है. जानिए TMC संकट पर महुआ का पूरा बयान.
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय बड़े संकट से गुजर रही है. पार्टी में लगातार नेताओं के बगावती तेवर और पाला बदलने की खबरों के बीच TMC सांसद महुआ मोइत्रा का दर्द सामने आया है. उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सयानी घोष जैसी नेता भी साथ छोड़ सकती हैं. फिर भरोसा किस पर करें.
एक इंटरव्यू में महुआ मोइत्रा ने कहा कि राजनीति में मेहनत और प्रतिभा महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सबसे ऊपर वफादारी होती है. उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर कुछ घटनाओं ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से काफी दुख पहुंचाया है.
‘सयानी मेरी बेटी जैसी हैं’
महुआ मोइत्रा ने कहा कि सयानी घोष को वह अपनी बेटी की तरह मानती हैं. उन्होंने बताया कि सयानी बेहद मेहनती, प्रतिभाशाली और लोगों से जुड़ने वाली नेता हैं. महुआ ने कहा कि पार्टी ने पांच साल के भीतर सयानी घोष को काफी अवसर दिए. 2021 में पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें विधानसभा टिकट मिला, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष बनाया गया और 2024 लोकसभा चुनाव में जादवपुर जैसी प्रतिष्ठित सीट से उम्मीदवार बनाया गया. उन्होंने कहा कि जब ऐसे लोग पार्टी छोड़ने के बारे में सोचते हैं तो सबसे ज्यादा तकलीफ होती है.
‘डर पर काबू पाना जरूरी’
महुआ मोइत्रा ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि पार्टी छोड़ने के पीछे असली वजह क्या है, लेकिन हो सकता है कि डर या अन्य निजी कारणों का असर रहा हो. उन्होंने कहा कि उनकी सलाह हमेशा यही रहेगी कि नेताओं को अपने डर पर काबू पाना चाहिए. डर को हराए बिना राजनीति में आगे बढ़ना मुश्किल है.
TMC में बढ़ी बगावत की चर्चा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद TMC में अंदरूनी कलह और बगावत की चर्चाएं तेज हो गई हैं. काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय और सयानी घोष समेत कई नेताओं के पाला बदलने की अटकलें लगाई जा रही हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के कुछ नेताओं ने संसद में अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व से अलग होने और NDA को समर्थन देने की बात भी कही है. हालांकि इन दावों को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस जारी है.
बागी नेताओं पर साधा निशाना
महुआ मोइत्रा ने कहा कि कई ऐसे नेता, जो हाल तक पार्टी के साथ खड़े दिखाई दे रहे थे, अब बागी गुट में शामिल हो गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी छोड़ने वाले कई नेताओं के पास कुछ न कुछ छिपाने के लिए है. उन्होंने कहा कि अगर कोई वैचारिक कारणों से बीजेपी का समर्थन करता है तो वह खुलकर अपनी बात रख सकता है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर कुछ नेता अचानक पाला क्यों बदल रहे हैं.
‘लोकतंत्र का नया मॉडल बनाना चाहते हैं’
महुआ मोइत्रा ने बागी नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे बंगाल की राजनीति में एक नया मॉडल बनाना चाहते हैं, जहां विपक्ष का नेता भी वही चुने जो सत्ता पक्ष के साथ खड़ा हो. उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की सामान्य व्यवस्था नहीं है और जनता सब कुछ देख रही है.
shivendra 
