पाकिस्तान को सिंधु का ‘एक बूंद’ पानी नहीं देंगे, केंद्रीय मंत्री के बयान पर बौखलाया पाकिस्तान, दी ‘एक्ट ऑफ वॉर’ की धमकी

सिंधु जल समझौते पर केंद्रीय मंत्री CR Patil के सख्त बयान के बाद पाकिस्तान बौखला गया है। पाकिस्तान ने भारत की जल नीति पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'एक्ट ऑफ वॉर' बताया है। जानिए पूरा मामला।

पाकिस्तान को सिंधु का ‘एक बूंद’ पानी नहीं देंगे, केंद्रीय मंत्री के बयान पर बौखलाया पाकिस्तान, दी ‘एक्ट ऑफ वॉर’ की धमकी

नई दिल्ली: सिंधु जल समझौते को लेकर भारत ने एक बार फिर अपना सख्त रुख दोहराया है. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने साफ कहा है कि सरकार की कोशिश है कि सिंधु नदी का एक भी बूंद पानी पाकिस्तान न जाए. उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक बार फिर ‘एक्ट ऑफ वॉर’ करार दिया है.

CR पाटिल ने हाल ही में सिंधु जल समझौते के निलंबन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि समझौता फिलहाल सस्पेंड है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले के बाद सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और भविष्य में पाकिस्तान को जाने वाले पानी को पूरी तरह रोकने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं.

‘पाकिस्तान को नहीं मिलेगी पानी की एक बूंद’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत के हिस्से का पानी पूरी तरह देश के उपयोग में आए. उन्होंने दावा किया कि परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है और आने वाले वर्षों में पाकिस्तान को सिंधु का पानी नहीं मिलने की स्थिति बन सकती है.

भारत के बयान पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

भारत के इस रुख पर पाकिस्तान ने कड़ी आपत्ति जताई है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान की कृषि और करोड़ों लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि साझा नदियों के पानी को रोकना अंतरराष्ट्रीय नियमों और द्विपक्षीय समझौतों की भावना के खिलाफ होगा. पाकिस्तान ने यह भी आरोप लगाया कि पानी को राजनीतिक दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.

फिर दोहराई ‘एक्ट ऑफ वॉर’ की चेतावनी

पाकिस्तान ने कहा कि वह अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कूटनीतिक, राजनीतिक, कानूनी और आर्थिक सभी विकल्पों का इस्तेमाल करेगा. साथ ही चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान के लिए जरूरी पानी को रोकने की कोशिश की गई तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं और ऐसी कार्रवाई को ‘एक्ट ऑफ वॉर’ माना जाएगा.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद सस्पेंड हुआ समझौता

गौरतलब है कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया था। केंद्र सरकार का कहना है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देने और उसे रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की नीति नहीं छोड़ता, तब तक समझौते की बहाली पर विचार नहीं किया जाएगा।

भारत पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि सिंधु और उसकी सहायक नदियों पर उसका वैध अधिकार है और देश अपने जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।