कांग्रेस ने पूरी दुनिया की माता-बहनों का अपमान किया- शिवराज सिंह चौहान

चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आमर्यादित आचरण पर सवाल उठाए, साथ ही नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

कांग्रेस ने पूरी दुनिया की माता-बहनों का अपमान किया- शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नेता प्रतिपक्ष के कल के व्यवहार को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है, लेकिन लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संसद में सरकार की ओर से विपक्ष की मांगों पर सकारात्मक जवाब देने के बावजूद लगातार नई-नई मांगें उठाई गईं। लोक हित में चलने बाले कार्य को टाला गया और उन्होंने  कहा कि कल जिस तरह का व्यवहार नेता प्रतिपक्ष  का उन्होंने देखा, वह एक भारतीय नागरिक के तौर पर उन्हें बेहद व्यथित करने वाला लगा।

उन्होंने कहा, “जो व्यवहार कल नेता प्रतिपक्ष ने किया, वह भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं है। वह अशोभनीय, अलोकतांत्रिक और लोकतांत्रिक मर्यादाओं की धज्जियां उड़ाने वाला है।”

शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र की महिला प्रधानमंत्री के बारे में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि महिलाओं के सम्मान के भी खिलाफ है। उन्होंने कांग्रेस से इस मामले में माफी मांगने की मांग की।

किसान समझौतों पर भी विपक्ष को घेरा

केंद्रीय मंत्री ने चंडीगढ़ की धरती से विपक्ष पर किसानों के मुद्दे को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ किसानों से जुड़े जितने भी समझौते हुए हैं, वे राष्ट्रहित, किसानहित और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि दुख की बात है कि विपक्ष को इन समझौतों में भी आपत्ति नजर आ रही है। शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से जुड़े फैसलों में सरकार का उद्देश्य देश और किसान दोनों के हितों की रक्षा करना है।

कांग्रेस से माफी की मांग

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन विरोध करते समय भाषा और व्यवहार की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस के रवैये की घोर निंदा करते हुए कहा कि इस तरह के आचरण से लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा प्रभावित होती है।

केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस से अपने आचरण पर विचार करने और आपत्तिजनक भाषा के लिए माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपरा में असहमति के बावजूद सम्मान और मर्यादा बनाए रखना हमारी राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा रहा है।