ट्रम्प का दावा: ईरान यूरेनियम सौंपने को तैयार, होर्मुज संकट पर 40 देशों की बैठक

Donald Trump ने दावा किया है कि Iran अपने संवर्धित यूरेनियम का भंडार सौंपने को तैयार है, लेकिन ईरानी मीडिया ने इस बयान को खारिज कर दिया है। इस बीच Strait of Hormuz संकट पर 40 देशों की अहम बैठक होने जा रही है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

ट्रम्प का दावा: ईरान यूरेनियम सौंपने को तैयार, होर्मुज संकट पर 40 देशों की बैठक

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान अपना संवर्धित (एनरिच्ड) यूरेनियम अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है। ट्रम्प का कहना है कि दोनों देश शांति समझौते के काफी करीब पहुंच गए हैं। लेकिन ईरानी मीडिया ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया और ट्रम्प पर "हवाई किले बनाने" का आरोप लगाया। इसी बीच, दुनिया के तेल सप्लाई को प्रभावित करने वाले होर्मुज स्ट्रेट संकट पर आज फ्रांस और ब्रिटेन की अध्यक्षता में लगभग 40 देशों की वर्चुअल बैठक हो रही है।

ट्रम्प का दावा..
ईरान न्यूक्लियर डस्ट सौंपने को तैयार, लास वेगास में प्रेस कॉन्फ्रेंस और व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा: वे (ईरान) हमें अपना न्यूक्लियर डस्ट वापस देने को तैयार हैं। ट्रम्प न्यूक्लियर डस्ट शब्द से ईरान के संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक को संबोधित कर रहे थे, जिसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि अगर डील हो गई तो तेल की सप्लाई सामान्य हो जाएगी और हालात ठीक हो जाएंगे। ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया कि अगर समझौता इस्लामाबाद में होता है तो वे खुद पाकिस्तान जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत इस वीकेंड फिर शुरू हो सकती है।


ईरानी मीडिया का पलटवार..
ट्रम्प हवाई किले बना रहे हैं, ईरान की सरकारी मीडिया (IRIB) ने ट्रम्प के दावे को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने एक फारसी कहावत भी साझा की – ऊंट कपास के बीज का सपना देखता है, यानी ऐसी उम्मीदें जो हकीकत से दूर हैं। ईरानी पक्ष का कहना है कि अमेरिका अभी भी अनावश्यक दबाव बना रहा है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने भी दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ देश खुद परमाणु हथियार रखते हैं, लेकिन ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम पर हमला कर रहे हैं।


ईरान का परमाणु स्टॉक..
IAEA रिपोर्ट क्या कहती है, IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) की रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के पास कुल 5-6 टन एनरिच्ड यूरेनियम है, जिसमें 440 किलोग्राम तक 60% एनरिच्ड यूरेनियम शामिल है। 90% एनरिचमेंट पर ही परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं। इसलिए अमेरिका और इजराइल लगातार ईरान पर दबाव डाल रहे हैं कि वह अपना स्टॉक सौंपे या कार्यक्रम सीमित करे। ट्रम्प का दावा अगर सही साबित होता है तो यह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बड़ा झटका दे सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट संकट..
आज 40 देशों की महत्वपूर्ण बैठक, दुनिया के तेल और LNG सप्लाई का करीब 20% होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता है। ईरान के साथ चल रहे तनाव और नाकेबंदी की वजह से इस रूट पर संकट गहरा गया है। आज फ्रांस और ब्रिटेन की अध्यक्षता में 40 देशों की वर्चुअल बैठक हो रही है। अमेरिका इस बैठक में शामिल नहीं होगा। बैठक का मुख्य मकसद – होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित और खुला रखना, समुद्री बारूदी सुरंगें हटाना और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। फ्रांस की रक्षा मंत्री ने कहा कि यूरोपीय देश जहाजों को एस्कॉर्ट करने की क्षमता रखते हैं।


इजराइल-लेबनान सीजफायर..
10 दिन का युद्धविराम लागू, ट्रम्प की पहल पर इजराइल और लेबनान शुक्रवार से 10 दिन के सीजफायर पर सहमत हो गए हैं। इसका मकसद स्थायी शांति बातचीत को आगे बढ़ाना है। इजराइल को आत्मरक्षा का अधिकार रहेगा, लेकिन आक्रामक कार्रवाई नहीं। लेबनान को हिजबुल्लाह को रोकने का दबाव। ट्रम्प ने हिजबुल्लाह से अपील की कि वह सीजफायर का पालन करे। हालांकि, सीजफायर के कुछ घंटों बाद ही उल्लंघन की खबरें आईं। लेबनान ने इजराइल पर गोलीबारी का आरोप लगाया, जबकि इजराइल के विपक्षी नेता याइर लैपिड ने इस डील की आलोचना की।


पिछले 24 घंटे के प्रमुख अपडेट्स..

  • पाकिस्तान ने सीजफायर का स्वागत किया और ट्रम्प की तारीफ की।
  • पोप लियो ने युद्ध पर अरबों खर्च करने वाले नेताओं की आलोचना की।
  • साउथ कोरिया का तेल जहाज होर्मुज संकट के कारण रेड सी रूट से निकला।
  • क्रूड ऑयल के दाम गिरे – ब्रेंट 98.05 डॉलर प्रति बैरल पर।
  • अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने कहा – ईरान के पास अभी भी हजारों मिसाइलें और ड्रोन बाकी हैं।
  • ट्रम्प ने दावा किया कि उन्होंने दुनिया में 9 जंगें रुकवाई हैं और यह दसवीं है।

वैश्विक प्रभाव और आगे क्या..
यह पूरा संकट न सिर्फ मिडिल ईस्ट की शांति, बल्कि वैश्विक तेल कीमतों, सप्लाई चेन और अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। साउथ कोरिया ने 38 हजार करोड़ रुपये का राहत पैकेज भी जारी किया है। ट्रम्प का कहना है कि ईरान के साथ समझौता "बहुत करीब" है, लेकिन ईरान की ओर से साफ इनकार और होर्मुज संकट की बैठक से लगता है कि रास्ता अभी भी चुनौतीपूर्ण है।