23 February 2026: पथराव पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, दोनों ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप, पढ़ें इंदौर की खबरें
धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर हाईकोर्ट में चल रही बहस और विवाद के बीच इंदौर हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई।
इंदौर में पथराव पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, दोनों ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप
इंदौर में शनिवार को गांधी भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय पर भाजपा युवा मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव के बाद शहर की सियासत गरमा गई है। घटना के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अलग-अलग वीडियो जारी कर एक-दूसरे पर पथराव शुरू करने का आरोप लगाया है।
दरअसल, इंदौर में भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि पथराव की शुरुआत कांग्रेस और उनके साथ मौजूद असामाजिक तत्वों ने की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं पर सुनियोजित हमला किया गया। वही पथराव की घटना में कई लोग घायल हुए हैं।
भाजपा मंडल उपाध्यक्ष बिंदु चौहान भी घायल हुईं, जिनके हालचाल जानने स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अस्पताल पहुंचे। इस घटनाक्रम ने मामले को और राजनीतिक तूल दे दिया है। वहीं, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम की शुरुआत भाजपा की ओर से हुई। उनका कहना है कि पथराव और श्याही फेंकने की शुरुआत भाजपा कार्यकर्ताओं ने की, जिसके बाद स्थिति बिगड़ी। चौकसे ने यह भी स्वीकार किया कि बाद में भाजपा की ओर से फेंके गए पत्थरों को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वापस फेंका, जिससे दोनों पक्षों में टकराव बढ़ गया।
चिंटू चौकसे ने पुलिस के खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं को कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचने से रोकने की बात कही थी, लेकिन समीप स्थित निर्माणाधीन भवन में मौजूद ईंट-पत्थरों का उपयोग हमले में किया गया। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई में किसी प्रकार का भेदभाव हुआ तो कांग्रेस आगे कड़ा रुख अपनाएगी।
फिलहाल, पूरे मामले में दोनों दलों की ओर से अलग-अलग प्रकरण दर्ज कराए गए हैं। भाजपा की शिकायत में शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित कई कांग्रेस नेताओं को नामजद आरोपी बनाया गया है। वहीं कांग्रेस की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
धार भोजशाला को लेकर हाईकोर्ट में चल रही बहस के बीच इंदौर हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई
धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर हाईकोर्ट में चल रही बहस और विवाद के बीच आज इंदौर हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सबसे अहम बात यह सामने आई कि एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पहले ही हाईकोर्ट के पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी है और सभी पक्षकारों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। हाईकोर्ट ने दो सप्ताह में दोनों ही पक्षों को दावे आपत्ति और सुझाव देने का समय दिया है और अब अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।
दरअसल इंदौर हाईकोर्ट की डबल बैंच के दोनों ही न्यायाधीशों ने स्पष्ट किया कि अब सभी पक्ष 2 सप्ताह के भीतर इस सर्वे रिपोर्ट पर अपने-अपने दावे, आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को निर्धारित की गई है, जब इन आपत्तियों पर विस्तार से सुनवाई की जाएगी। गौरतलब है कि एएसआई की यह रिपोर्ट बेहद विस्तृत है, जो 10 भागों में फैली कुल 2089 पन्नों की यह दस्तावेजी रिपोर्ट है। जिसमें भोजशाला परिसर में किए गए 98 दिनों के सर्वे की रिपोर्ट है। रिपोर्ट में कई पुरातात्विक और धार्मिक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है।
सर्वे रिपोर्ट में दर्शाया गया है कि परिसर में भगवान शिव, विष्णु, वासुकी नाग, और गणेश सहित कई प्राचीन मूर्तियाँ और शिल्प मिले हैं, जिनका केमिकल ट्रीटमेंट कर उन्हें वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है। सबसे सनसनीखेज खुलासा यह है कि भोजशाला में 16 तलघर याने सब-टेरेनियन स्ट्रक्चर्स पाए गए हैं, जिनका उल्लेख दस्तावेज में विस्तार से किया गया है। इसके अलावा सर्वे में यह भी प्रमाण मिले हैं कि कमाल मौला मस्जिद के निर्माण में भोजशाला के प्राचीन अवशेषों का उपयोग किया गया था।
यह निष्कर्ष मामले को और भी संवेदनशील बना देता है। 98 दिनों की मेहनत से तैयार की गई एएसआई रिपोर्ट अब इस विवाद की दिशा तय करने वाली साबित होगी। सभी पक्षकारों की आपत्तियों और दावों के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हाई कोर्ट 16 मार्च को इस ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण मामले में क्या रुख अपनाता है।
इंदौर में कांग्रेस का प्रदर्शन, चार वार्डों में मूलभूत सुविधाएं बहाल करने की मांग
इंदौर के भागीरथपुरा में हुए दूषित जलप्रदाय कांड के बाद शहर के विभिन्न वार्डों में स्वच्छ पेयजल की मांग तेज हो गई है। इसी कड़ी में वार्ड क्रमांक 74, 75, 77 और 78 की मूलभूत समस्याओं को लेकर शहर कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के जोन क्रमांक 13 का घेराव कर प्रदर्शन किया।
दरअसल, प्रदर्शन में कांग्रेस पार्षदों सहित कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम अधिकारियों और महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि संबंधित वार्डों में लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं की प्रमुख मांगें है कि नलों में आ रहा गंदा और दूषित पानी बंद कर स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति की जाए।
सड़कों पर जल जमाव की समस्या का स्थायी समाधान हो, उसके साथ ही बंद पड़ी या खराब स्ट्रीट लाइटों को शीघ्र दुरुस्त करी जाये साथ ही आधी-अधूरी सड़कों का निर्माण कार्य पूरा करना और टूटे हुए चैंबर और नालियों की मरम्मत तत्काल करी जाये। वहीं नेताओं ने कहा कि भागीरथपुरा की घटना के बाद भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया है और कई वार्डों में लोग आज भी गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस आगामी दिनों में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने निगम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की।
शहर में अपराध पर प्रभावी रोकथाम के लिए ग्रेडिंग सिस्टम लागू
इंदौर शहर में अपराध पर प्रभावी रोकथाम और पुलिसिंग में दक्षता लाने के लिए पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने अब ग्रेडिंग सिस्टम लागू किया है। इंदौर के सभी चार पुलिस जोन के 32 थानों को इस नई व्यवस्था के तहत हर महीने अंक दिए जाएंगे जो थाना रैंकिंग में नंबर वन आएगा उसे पुरस्कार मिलेगा। वहीं जिस थाने का परफॉर्मेंस सबसे खराब होगा वहां के थाना प्रभारी सहित अधिकतर स्टाफ को 10 दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। शहर में कानून-व्यवस्था मजबूत रखने और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है। ग्रेडिंग सिस्टम के लागू होने के बाद अब थानों में न केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि जनता को भी तेज, प्रभावी और जवाबदेह पुलिस सेवा मिलने की उम्मीद है।
पुलिस प्रणाली में कसावट लाने के लिए इस ग्रेडिंग में थानों की अपराध नियंत्रण क्षमता, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, केस डिस्पोज़ल, पेट्रोलिंग, संवेदनशील मामलों में रिस्पॉन्स टाइम सहित कई पैरामीटर शामिल रहेंगे। नई व्यवस्था के तहत शहर में अब थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, ताकि हर थाना बेहतर प्रदर्शन कर सके। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह का स्पष्ट निर्देश है कि जो थाना पहले स्थान पर आएगा उसे सम्मानित किया जाएगा, उसके स्टाफ को प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
इसका उद्देश्य पुलिस बल को प्रेरित करना और जनता के बीच भरोसा बढ़ाना है, लेकिन दूसरी ओर, जो थाने लगातार लापरवाही दिखाएंगे और रैंकिंग में सबसे नीचे पाए जाएंगे, उनके लिए सख्त कार्रवाई का रोडमैप तैयार किया गया है। सबसे कम अंक पाने वाले थाना प्रभारी और प्रमुख अधिकारियों को दस दिनों की विशेष ट्रेनिंग पर भेजा जाएगा, जिसमें उन्हें आधुनिक पुलिसिंग, अपराध विश्लेषण और केस प्रबंधन की उन्नत तकनीकें सिखाई जाएंगी। यदि इसके बाद भी थाने की कार्यशैली में सुधार नहीं होता है, तो कमिश्नरेट ने साफ कर दिया है कि संबंधित थाना प्रभारी को सस्पेंड तक किया जा सकता है।
10वीं कक्षा की छात्रा लापता, रेलवे पुलिस की मदद से नई दिल्ली में बरामद
इंदौर की एक दसवीं कक्षा की छात्रा लापता हो गई थी, जिसे रविवार को रेलवे पुलिस की मदद से नई दिल्ली में बरामद कर लिया गया है। छात्रा पिछले दिन अपनी मां की डांट-फटकार के बाद भावनात्मक रूप से परेशान थी और गलत ट्रेन में बैठकर दिल्ली पहुंच गई थी जिसे एरोड्रम पुलिस दिल्ली से वापस लेकर लौट रही है।
दरअसल, इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र की कृष्णबाग कॉलोनी निवासी दसवीं कक्षा की नाबालिग जब वह घर वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और रेलवे पुलिस जीआरपी और आरपीएफ से भी संपर्क किया। पुलिस ने ट्रेन से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर छात्रा की तलाश की और दिल्ली के एक स्टेशन पर उसे सुरक्षित पाया। रेलवे पुलिस ने तुरंत छात्रा के परिवार को सूचना दी और दोनों के बीच परिवारिक बातचीत कराई।
प्राथमिक पूछताछ में छात्रा ने बताया कि वह डांट से नाराज़ होकर उज्जैन जाने के बजाय गलत गाड़ी में बैठ गई थी, जिसकी वजह से वह दिल्ली में उतर गई थी। पुलिस ने उसे समझा-बुझाकर परिवार से बात करवाई। जांच के दौरान किसी आपराधिक घटना या शारीरिक खतरे के सबूत नहीं मिले हैं, और मामला फिलहाल एक पारिवारिक झगड़े और गलत ट्रेन बर्थिंग की स्थिति के रूप में दर्ज किया गया है।
बाणगंगा थाना क्षेत्र में मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस ने लिया तुरंत एक्शन
इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र के जगदीश नगर गली नंबर 10 में छेड़छाड़ की बात को लेकर दो पक्षों के युवकों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल विवाद के दौरान दोनों पक्षों के कई युवक आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे पर हमला कर दिया। मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। हालांकि, घटना के बाद दोनों ही पक्षों में से किसी ने भी पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई।
वहीं, वायरल वीडियो के आधार पर बाणगंगा थाना पुलिस ने मामले में स्वसंज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने प्रीवेंटिव एक्शन के तहत वीडियो में दिखाई दे रहे कुछ युवकों को हिरासत में लिया है। इनमें हितेश, रोशन, मुन्ना सहित एक नाबालिग शामिल है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही दोनों पक्षों के अन्य युवकों की पहचान कर उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, भले ही किसी पक्ष द्वारा औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई हो या नहीं। मामले की जांच जारी है।
इंदौर जिला जेल में एक बार फिर कैदी ने मोबाइल से रील बनाकर वायरल की
इंदौर जिला जेल में एक बार फिर कैदी ने मोबाइल से रील बनाकर वायरल की है, इससे पहले भी जेल के भीतर कैदियों ने रील बनाकर वायरल कर चुके हैं जिससे जेल की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग रहा है। दरअसल आजाद नगर थाना क्षेत्र में आने वाली जिला जेल के भीतर कई आरोपी सजा काट रहे हैं, शहर के कई ड्रग्स सप्लायर, और कुख्यात आरोपी इस जेल में बंद है जेल के भीतर कई बार वर्चस्व को लेकर विवाद होने की खबर सामने आती रहती हैं।
ताजा मामला एक बार फिर से जिला जेल से सामने आया है, जहां एक कैदी ने जिला जेल परिसर के वीडियो रील बनाकर वायरल कर दी है, जिससे जिला जेल की सुरक्षा और मोबाइल के इस्तेमाल होने की संभावना भी जताई जा रही है। ऐसे ही एक मामले में पिछले दिनों जेलर द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई थी, अब एक बार फिर वीडियो रील सामने आने के बाद पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है, जिस पर पुलिस सोशल मीडिया एकाउंट होल्डर की तलाश में जुट गई है। वही जिला जेल के अधीक्षक की तरफ से एक आवेदन संयोगितागंज थाने में दिया गया है। जिसके आधार पर पुलिस रील बनाने वालों की पहचान करने में जुटी है।
भंवरकुआ क्षेत्र में जुए के अड्डे पर पुलिस की दबिश, 23 जुआरियों के साथ 5 लाख रुपए नगद बरामद
इंदौर में दो थानों की पुलिस ने एक बड़े जुए के अड्डे पर छापा मार कर 23 जुआरियों को जुआ खेलते पकड़ा हे मोके से 5 लाख 5 हजार रुपए केश और ताश पत्ते बरामद किये हे वही सभी पर जुआ एक्ट के तहत कार्रवाही की गई है। मामला भंवरकुआ थाना क्षेत्र का है, जहां मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी थी कि गणेश नगर में एक मकान की छत पर बड़े स्तर पर जुआ चल रहा है।
जिस पर से दो थानों की पुलिस ने एक साथ मौक़े पर दबिश दी और 23 लोगों को ताश पत्ते का जुआ खेलते पकड़ा। आरोपियों के पास से 26 मोबाइल, 5 बाइक और 5 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस ने सभी पर जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की है। गौरतलब है कि यह जुआ लंबे समय से शुभम हॉस्टल परिसर में संचालित होता था।
चेकिंग के दौरान अवैध मादक पदार्थ के साथ एक युवक गिरफ़्तार, दो किलो गांजा बरामद
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में ड्रग्स तस्करी के ख़िलाफ़ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में चेकिंग के दौरान एक वाहन सवार युवकों को पकड़ा जिसके पास से दो किलो गांजा बरामद किया गया है। पूरा मामला इंदौर के भंवरकुआ थाना क्षेत्र का है। जहां पुलिस वाला चेकिंग की जा रही थी तभी स्कूटी सवार एक युवक देखकर भागने लगा पीछा कर उसे घेराबंदी कर पकड़ा, जिसने अपना नाम भरत बताया।
युवक की तलाशी लेने पर उसके पास से लगभग 2 किलो गांजा बरामद किया गया। एडिशनल DCP ने इस मामले में बताया कि चेकिंग के दौरान एक युवक भाग रहा था, तभी उसे घेराबंदी कर पकड़ा। उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से 2 किलो गांजा बरामद किया गया है। आरोपी सागर का रहने वाला है। आरोपी से पुलिस पूछताछ करने में जुटी है कि वह यहां किसको यह गांजा सप्लाई करने आया था और इससे वह लेकर आया है।
E-KYC के नाम पर युवाओं को बनाया साइबर ठगों ने शिकार, 5 लाख ठगे
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में साइबर ठगों द्वारा नए-नए तरीक़े से लोगों को अपना शिकार बनाया जा रहा है। कभी OTP के नाम पर कभी क्रेडिट कार्ड की लिमिट के नाम पर धोखा भी इनवेस्टमेंट के नाम पर इसी कड़ी में ई केवाईसी के नाम पर एक ठग ने युवक 5 लाख रुपये ठग लिए। मामला इंदौर के द्वारका पूरी थाना क्षेत्र का है। विकास नाम के व्यक्ति ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि वह एक निजी कंपनी में काम करता है। उसके पास बैंक ऑफ़ इंडिया के नाम से राहुल नाम के व्यक्ति का फ़ोन आया।
आरोपी ई केवाईसी के नाम पर लिंक भेजी जब उसने उसको अपडेट किया तो उसके खाते पर से मोबाईल नम्बर बदल गया और उसकी अकाउंट से 5 लाख रुपये निकाल लिए गए। इस पूरे मामले में एडिशनल DCP ने बताया कि ई केवाईसी के नाम पर युवक को बैंक ऑफ़ इंडिया का एंप्लॉयी बन करो। राहुल नाम के युवक ने फ़ोन किया था और ई केवाईसी करने और सॉफ़्टवेयर डाउनलोड करने को कहा था। जिसके बाद युवक ने भरोसा करके वह सब कर दिया जिसके बाद अकाउंट से 5 लाख रुपये महीना चले गए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मुक़दमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
देर रात तक डीजे बजाने वालो के खिलाफ़ पलासिया और खजराना पुलिस ने की कार्रवाई
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बोर्ड परीक्षा की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही CBSC की परीक्षाएं चल रही है। उसी को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा DJ बजाने की 1 सीमित मात्रा तय की गई है। साथ हीटाइम फिक्स किया गया है कि रात 10 बजे के बाद DJ का उपयोग नहीं किया जाएगा। यह आदेश न मानने वालों के ख़िलाफ़ पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी कड़ी में 2 थाना क्षेत्रों में पुलिस ने कार्रवाई दो DJ ज़ब्त किए हैं।
इंदौर जिला प्रशासन ने परीक्षाओं को देखते हुए देर रात तक DJ का उपयोग करने पर प्रतिबंध लगा दिया था और इसकी आवाज़ को एक सीमित मात्रा तक करने के आदेश दिए थे। आदेश की अवहेलना करते हुए थाना खजराना और पलासिया में कार्रवाई करते हुए दो DJ ज़ब्त किए हैं। एडिशनल DCP ने इस मामले में बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा नियम अनुसार देर रात तक DJ बजाने पर प्रतिबन्ध किया गया है पर कई लोग इसको मान नहीं रहे हैं। इसी के तहत 2 DJ संचालकों पर कार्रवाई की है और दो DJ को ज़ब्त किया गया है। नियमानुसार रात 10 बजे तक DJ का उपयोग किया जा सकता है और उसके आवाज़ की एक सीमित मात्रा के तहत इस्तेमाल किया जा सकता है।
मानसिक विक्षित महिला को बच्चा चोर समझ मारपीट करने वाला आरोपी पकड़ाए
मध्य प्रदेश के इंदौर में सोशल मीडिया पर बच्चा चोरी की अफ़वाह के करना कई महिलाओ में मुसीबत झेली और मारपीट का सामना भी करना पड़ गया। वहीं, वीडियो वायरल होने से बदनामी भी झेली। दूसरी और डेढ़ साल से लापता मानसिक विक्षित महिला बच्च चोरी के आरोप का शिकार हुई वीडियो वायरल हुआ तो परिजनों को जानकारी लगी जिसके बाद महिला को बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने मारपीट करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मामला भंवरकुआ थाना क्षेत्र का है, जहां एक महिला को बच्चा चोर समझ के मारपीट की गई और फिर पुलिस के हवाले कर दिया गया। इसी बीच मारपीट का वीडियो वायरल हुआ तो वीडियो महिला के परिजन जो मेरठ के निवासी थे, उनके पास पहुंचा। जिसके बाद परिजनों ने पुलिस से सम्पर्क किया और परिजनों से महिला को मिलवाया। पुलिस ने मामला दर्ज किया था और जांच शुरू की। वीडियो के आधार पर 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में एडिशनल डीसीपी ने बताया कि पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है।
Varsha Shrivastava 
