Indian Army का मजाक उड़ाने वाले पाकिस्तानी प्लेयर को SRH ने खरीदा
जिस खिलाड़ी पर इंडियन आर्मी का मजाक उड़ाने का आरोप लगा, उसी खिलाड़ी को IPL टीम सनराइजर्स हैदराबाद ने खरीद लिया, अब फैंस भड़क गए हैं और सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है, लआखिर SRH ने ऐसा फैसला क्यों लिया, पढ़े पूरी खबर
इंग्लैंड में होने वाली फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट लीग The Hundred के 2026 सीज़न के लिए हाल ही में खिलाड़ियों की नीलामी आयोजित की गई। लेकिन इस ऑक्शन की चर्चा क्रिकेट से ज्यादा एक विवादित फैसले को लेकर हो रही है। दरअसल, Sunrisers फ्रेंचाइज़ी ने पाकिस्तान के लेग स्पिनर Abrar Ahmed को करीब 2.34 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल कर लिया है।
इस फैसले के बाद भारतीय क्रिकेट फैंस का गुस्सा सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आ रहा है। कई यूजर्स ने फ्रेंचाइज़ी के खिलाफ #ShameOnSRH और #BoycottSunrisers जैसे हैशटैग ट्रेंड कराए हैं।

विवाद की वजह क्या है:
विवाद की जड़ पिछले साल के एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि Abrar Ahmed ने भारतीय सशस्त्र बलों का मजाक उड़ाने वाला पोस्ट शेयर किया था। इसके अलावा साल 2019 में Abhinandan Varthaman को पाकिस्तान में बंदी बनाए जाने की घटना से जुड़ी सामग्री भी उन्होंने शेयर की थी, जिसे लेकर भारतीय फैंस ने नाराज़गी जताई थी।
फैंस का कहना है कि जो खिलाड़ी भारतीय सेना का सम्मान नहीं करता, उसे भारतीय मालिकाना हक वाली टीम में जगह नहीं मिलनी चाहिए।
ऑक्शन के दौरान कौन था मौजूद:
जब यह नीलामी हुई, उस समय टीम मैनेजमेंट की ओर से Kavya Maran (CEO) और टीम के हेड कोच Daniel Vettori भी ऑक्शन टेबल पर मौजूद थे। खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर आलोचना तेज हो गई।
फ्रेंचाइज़ी की सफाई:
विवाद बढ़ने के बाद टीम की ओर से सफाई भी दी गई। हेड कोच Daniel Vettori ने कहा कि खिलाड़ी का चयन पूरी तरह क्रिकेटिंग रणनीति के आधार पर किया गया है। उनके मुताबिक, Abrar Ahmed को उनकी गेंदबाजी की विविधता और टीम की जरूरतों को देखते हुए चुना गया।

सोशल मीडिया पर बढ़ा विरोध:
जैसे-जैसे यह खबर वायरल हुई, सोशल मीडिया पर विरोध तेज हो गया। कई यूजर्स ने फ्रेंचाइज़ी के फैसले को गलत बताते हुए टीम के बहिष्कार की मांग तक कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद बढ़ने के बीच टीम से जुड़े एक X (ट्विटर) अकाउंट के सस्पेंड होने की भी चर्चा सामने आई।
यह पूरा विवाद एक बड़े सवाल को जन्म देता है, क्या खेल को देश और सेना के सम्मान से ऊपर रखा जा सकता है, या फिर खेल और राजनीति को अलग-अलग रखना ही सही रास्ता है, अब देखना होगा कि इस विवाद के बाद फ्रेंचाइज़ी कोई नया फैसला लेती है या नहीं।

