LPG संकट पर संसद में हंगामा: लोकसभा कई बार स्थगित, विपक्ष का प्रदर्शन
एलपीजी की कमी को लेकर संसद में विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित हुई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया, वहीं TMC ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव पेश किया।
नई दिल्ली में संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पांचवें दिन शुक्रवार को LPG संकट को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी सांसदों ने सिलेंडर की कथित कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में हंगामा किया, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
सत्र की शुरुआत से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में LPG मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कई नेताओं ने सरकार पर देश में गैस की कमी और आम लोगों की परेशानियों को लेकर सवाल उठाए।
देश LPG की भारी किल्लत से जूझ रहा है। आम लोग परेशान हैं, मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं।
— Congress (@INCIndia) March 13, 2026
Compromised प्रधानमंत्री ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता कर, देशवासियों को कतार में खड़ा कर दिया है।
आज दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष @devendrayadvinc जी के नेतृत्व में कांग्रेस… pic.twitter.com/ldC4SyLiIK
लोकसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित:
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने LPG संकट पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के कारण स्पीकर Om Birla को पहले कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
12 बजे दोबारा सदन शुरू हुआ, लेकिन नारेबाजी जारी रहने के कारण इसे फिर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। दोपहर 2 बजे कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन करीब एक घंटे बाद लोकसभा को 16 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
#RajyaSabha की कार्यवाही 16 मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित.#BudgetSession pic.twitter.com/A5Rt1d2Nsy
— SansadTV (@sansad_tv) March 13, 2026
इस दौरान विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के खिलाफ भी नारे लगाए।
निलंबित सांसदों की वापसी की मांग:
विपक्ष ने सदन से निलंबित 8 सांसदों की बहाली की मांग भी उठाई। इस पर स्पीकर Om Birla ने कहा कि अगर सांसद सदन की मेजों पर चढ़कर विरोध करेंगे तो कार्रवाई होना स्वाभाविक है। उन्होंने सभी सांसदों से संसद की गरिमा बनाए रखने की अपील की।
सरकार का जवाब:
लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कुछ चुनौतियां सामने आई हैं, लेकिन सरकार स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि ₹1 लाख करोड़ का आर्थिक स्थिरीकरण कोष (Economic Stabilization Fund) वैश्विक संकटों से निपटने में मदद करेगा और देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखेगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे समय में सभी दलों को देशहित में एकजुट होकर काम करना चाहिए, लेकिन विपक्ष गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपना रहा है।
#BudgetSessiom2026
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Finance Minister @nsitharaman replies to the discussion on the Supplementary Demands for Grants (2nd Batch) for 2025–26 in the Lok Sabha.#LokSabha #Parliament #Budget #India @LokSabhaSectt @nsitharamanoffc @FinMinIndia
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विपक्ष के आरोप:
विपक्षी दलों का कहना है कि देश के कई हिस्सों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विपक्षी नेताओं ने सरकार से इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।

CEC को हटाने का प्रस्ताव:
इस बीच Trinamool Congress ने मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar को पद से हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव देने की भी घोषणा की। इस प्रस्ताव पर कई विपक्षी दलों के सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। संविधान के अनुच्छेद 324(5) के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया वही है, जो सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने के लिए अपनाई जाती है।

बड़ा राजनीतिक टकराव:
LPG संकट, वैश्विक ऊर्जा हालात और चुनाव आयोग को लेकर संसद में जारी टकराव ने बजट सत्र की कार्यवाही को प्रभावित किया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और देश की राजनीति में और गर्माने की संभावना है।

