सतना केंद्रीय जेल में गांजा-शराब सप्लाई का आरोप, मुख्य प्रहरी निलंबित
यूं तो जेल कष्टप्रद होती है, लेकिन अगर पावर और पैसा हो तो जेल के अंदर भी वीवीआईपी तरीके से रहा जा सकता है। देशभर में इसके कई उदाहरण सामने आ चुके हैं। सतना का केंद्रीय जेल भी इससे अछूता नहीं है। यहां भी कुछ कैदियों को नशे की हर सामग्री आसानी से उपलब्ध हो जाती है। इसके पीछे जेल में बंद रसूखदार कैदी और जेल के कतिपय कर्मचारियों का गठजोड़ है।
रिपोर्टर- अमित उपाध्याय
इस गठजोड़ का एक ऑडियो गुरुवार को सोशल मीडिया में वायरल हुआ। वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर जेल अधीक्षक लीना कोष्ठा ने मुख्य जेल प्रहरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
ऑडियो में हर काम का सौदा
गुरुवार को एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ। इसमें एक व्यक्ति जेल कर्मचारी से बातचीत करते सुनाई दे रहा है। बातचीत में जेल के अंदर गांजा और शराब की बोतल पहुंचाने तथा पांच हजार रुपये देने की बात की जा रही है।
एक अन्य ऑडियो में चर्चा होती है कि गांजा कितना लाना है और शराब की एक बोतल देनी है। साथ ही गांजा, शराब और पांच हजार रुपये सेमरिया चौराहा या बस स्टैंड पर मिलकर लेने की बात भी सामने आती है। वायरल ऑडियो में जेल कर्मचारी राजेन्द्र चौधरी का नाम प्रमुखता से सामने आया है।

पहले भी पकड़े जा चुके हैं जेल कर्मी
केंद्रीय जेल में बंद विचाराधीन और सजायाफ्ता कैदियों को गांजा-शराब व अन्य नशीले पदार्थ उपलब्ध कराने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। अब तक कई प्रहरी और मुख्य प्रहरी ड्यूटी के दौरान जेल के अंदर नशे की सामग्री ले जाते हुए पकड़े जा चुके हैं, जिनके खिलाफ निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की गई है।
जेल में बंद कैदियों से रुपये की मांग करने और उनसे मिलने आने वाले लोगों पर रुपये पहुंचाने का दबाव बनाने के आरोप भी जेल कर्मियों पर लग चुके हैं।
जेल प्रबंधन ने बताया कि गुरुवार को वायरल वीडियो में जिस मुख्य जेल प्रहरी राजेन्द्र चौधरी का नाम सामने आया है, उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और वायरल वीडियो की वॉइस रिकॉर्डिंग की जांच के निर्देश दिए गए हैं। पूरे मामले से जेल मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है।

