पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा संघर्ष, ओपन वॉर की स्थिति

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता तनाव अब खुले सैन्य टकराव में बदलता दिख रहा है। दूसरे दिन भी सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा संघर्ष, ओपन वॉर की स्थिति

पाकिस्तान और अफगानिस्तान (तालिबान सरकार) के बीच ड्यूरंड लाइन पर चल रहा तनाव अब पूर्ण युद्ध में बदल चुका है। पाकिस्तान ने इसे "ओपन वॉर" घोषित कर दिया है, जबकि अफगानिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर एयरस्ट्राइक और ग्राउंड हमले किए, जिसमें भारी जान-माल का नुकसान हुआ है।

पाकिस्तान की ओर से प्रमुख अपडेट

पाकिस्तानी सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि अफगान हमलों में 12 सैनिक शहीद हुए, 27 घायल हुए और 1 लापता है। पाकिस्तान का दावा है कि उसने अफगानिस्तान में 22 सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिसमें 274 तालिबान फाइटर्स मारे गए, 400+ घायल हुए, 83 पोस्ट तबाह और 17 पर कब्जा किया गया।

पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने कहा: हमारा धैर्य खत्म हो चुका है, अब अफगान तालिबान के साथ ओपन वॉर है। हमले काबुल, कंधार, पक्तिया और अन्य प्रांतों में किए गए, जिसमें हथियार डिपो और मिलिट्री हेडक्वार्टर निशाना बने।

अफगानिस्तान की ओर से प्रमुख अपडेट

अफगान डिफेंस मिनिस्ट्री और आर्मी चीफ कारी फसीहुद्दीन फितरत ने जवाबी हमलों की पुष्टि की। 

अफगानिस्तान का दावा:

पाकिस्तानी हमलों के जवाब में बॉर्डर पर बड़े पैमाने पर ऑपरेशन, जिसमें 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, कई जिंदा पकड़े गए और 19+ पोस्ट कब्जे में लिए गए। अफगान पक्ष के अनुसार, उनके 8 सैनिक शहीद हुए और 11 घायल हुए। अफगानिस्तान ने ड्रोन और एयरस्ट्राइक से पाकिस्तान के मिलिट्री कैंप पर हमले किए, जिसमें नवशेरा, जमरूद, एबटाबाद और इस्लामाबाद के नजदीक ठिकाने शामिल थे। कुछ रिपोर्ट्स में PM हाउस से 5 किमी दूर हमले का जिक्र है, लेकिन पाकिस्तान ने इसे TTP से जुड़ा ड्रोन अटैक बताया और खारिज किया।

आर्मी चीफ फितरत का कड़ा संदेश:

अगर पाकिस्तान ने उंगली भी उठाई, तो हम मुट्ठी से जवाब देंगे। हमारी डिफेंस फोर्सेस में इतनी क्षमता है कि इस्लामाबाद या किसी बड़े शहर में भी कोई सुरक्षित नहीं रहेगा। हम हर हमले का जवाब देंगे, और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करेंगे।

तालिबान प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा:

हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अगर पाकिस्तान जारी रखेगा तो हमारा हाथ उनकी गर्दन तक पहुंच सकता है।" अफगानिस्तान ने डायलॉग की अपील भी की है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि

यह तनाव TTP (Tehreek-e-Taliban Pakistan) के हमलों से बढ़ा, जिन्हें पाकिस्तान अफगानिस्तान पर दोष देता है। हाल के हफ्तों में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में मिलिटेंट कैंप पर स्ट्राइक कीं, जिसके जवाब में तालिबान ने बॉर्डर पर हमले तेज किए। दोनों पक्षों के दावे बहुत अलग हैं; स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई।

जनता में गुस्सा और प्रतिक्रिया

अफगानिस्तान में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन और जिहाद की मांग बढ़ी है। कुछ नागरिकों ने कहा कि पाकिस्तान इस्लाम और इंसानियत का दुश्मन है। पाकिस्तान में भी TTP और बॉर्डर सिक्योरिटी पर चिंता है।