शरद पवार की पार्टी ने एक साथ हटाए सभी प्रवक्ता, संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी
शरद पवार की NCP-SP ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए सभी प्रवक्ताओं को पद से हटा दिया। जानिए इसके पीछे की वजह, नए बदलाव और राजनीतिक मायने।
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी NCP-SP ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए अपने सभी प्रवक्ताओं को पद से हटा दिया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने 4 अगस्त की रात प्रेस नोट जारी कर इस फैसले की जानकारी दी। साथ ही कहा कि नई नियुक्तियां होने तक पूर्व एमएलसी विद्या चव्हाण और पार्टी नेता महेश तपासे अधिकृत प्रवक्ता के तौर पर जिम्मेदारी संभालेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष ने जारी किया आदेश
प्रेस नोट के अनुसार, मौजूदा सभी प्रवक्ताओं को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति की जाएगी। तब तक पार्टी का आधिकारिक पक्ष केवल विद्या चव्हाण और महेश तपासे ही रखेंगे।
लगातार हो रहे संगठनात्मक बदलाव
NCP-SP पिछले कुछ समय से संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल कर रही है। हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने सुशील बोर्दे को छात्र संगठन का अध्यक्ष, विशाल वाकडकर को युवा विंग का अध्यक्ष और राम राठौड़ को टीचर्स सेल का अध्यक्ष नियुक्त किया था। अब इसी कड़ी में प्रवक्ताओं के पूरे पैनल को भी बदल दिया गया है।

आखिर क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फैसला शशिकांत शिंदे के राज्यव्यापी संगठनात्मक दौरे के बाद लिया गया। दौरे के दौरान पार्टी के कामकाज और संगठन की समीक्षा की गई। बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व को लगा कि कई प्रवक्ता मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर पार्टी का पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रख पा रहे थे। इसी वजह से पूरे प्रवक्ता पैनल को हटाकर नए सिरे से टीम बनाने का निर्णय लिया गया।
हालांकि, पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत कारण नहीं बताए गए हैं।
एनडीए में शामिल होने की अटकलों के बीच फैसला
यह फैसला ऐसे समय आया है जब NCP-SP के भविष्य को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। हाल के दिनों में पार्टी के सत्तारूढ़ एनडीए में शामिल होने की अटकलें भी सामने आई हैं। हालांकि, इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर अलग-अलग राय होने की भी चर्चा है। ऐसे राजनीतिक माहौल के बीच प्रवक्ताओं को हटाने के फैसले को संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि पार्टी नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति कब करती है और आने वाले दिनों में संगठन में और क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।

