एमपी में मौसम इन दिनों तेजी से बदल रहा है। पिछले 2 दिनों से एमपी के 20 से ज्यादा जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई है, जिससे कई किसानों की गेहूं और चने की फसलें खराब हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में मौसम बिगड़ने का मुख्य कारण साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सिस्टम का एक्टिव होना है।

कई जिलों में बारिश और तापमान में गिरावट
इस सिस्टम की वजह से पांढुर्णा में 24 फरवरी की दोपहर हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। जिन जिलों में बारिश हुई, वहां दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि अन्य जगहों पर पारा 30 डिग्री के पार रहा। रात में ठंड का असर कम रहा और कई बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया।

इन जिलों में हुई बारिश
24 फरवरी को छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, खंडवा, सीहोर, बैतूल, रतलाम, उज्जैन, रायसेन, इंदौर, अनूपपुर और डिंडौरी में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। हल्की बारिश वाले इलाकों में श्योपुर, शिवपुरी, रीवा, सीधी, ग्वालियर, टीकमगढ़, छतरपुर और सिंगरौली शामिल रहे। कई इलाकों जैसे शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सीधी और सिंगरौली में ओले भी गिरे, जिससे खेतों में ज्यादा पानी भरने से फसलें खराब हुईं।

हर बार की तरह इस बार भी राज्य का सबसे ठंडा इलाका पचमढ़ी रहा। यहां न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फरवरी में यह चौथी बार है जब प्रदेश में ओले और बारिश का दौर आया है। मौसम विभाग का कहना है कि 27 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव हो सकता है, जो 1-2 मार्च को बारिश को सक्रिय कर सकता है।