MP Assembly: कांग्रेस ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे विधायक

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता संशोधन विधेयक और मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026 पारित।

MP Assembly: कांग्रेस ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे विधायक

Bhopal। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है। सदन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता संशोधन विधेयक पारित हो गया है। विधानसभा कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई थी। लेकिन, बाद में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट, कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सदन का माहौल गरमा गया।

कांग्रेस विधायक हाथों में काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे और स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा कराने की मांग की। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने इस विषय पर चर्चा की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया, जिस कारण 15 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही भी स्थगित करनी पड़ी।

UPDATED-02:10 PM: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता संशोधन विधेयक पारित

दिनभर की बहसों और हंगामे के बीच विधानसभा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक को पारित कर दिया। इसके बाद निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पर चर्चा शुरू हुई, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच अलग-अलग मुद्दों पर बहस जारी रही।

UPDATED-02:00 PM: निजी विश्वविद्यालय विधेयक का कांग्रेस ने किया विरोध

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक पारित होने के बाद सदन में निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक-2026 पर चर्चा हुई। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने विश्वविद्यालय खोलने के लिए 25 एकड़ भूमि की अनिवार्यता समाप्त करने का विरोध किया। उनका कहना था कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी और छात्रों के भविष्य के साथ समझौता होगा।

वहीं, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भर्ती की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उन्होंने कहा कि नए विश्वविद्यालयों में पदों पर भर्ती में कुछ समय लग रहा है।

UPDATED-01:50 PM: प्रश्नकाल में कई अहम मुद्दों पर सरकार घिरी

  • प्रश्नकाल में कई अहम मुद्दों पर सरकार घिरी: मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रश्नकाल में सरकार को कई अहम मुद्दों पर विपक्ष के सवालों का सामना करना पड़ा। ई-अटेंडेंस, आदिवासियों की जमीन, किसानों का लंबित मुआवजा, केन-बेतवा परियोजना, भोपाल सिटी लिंक की पेनल्टी, वसीयत के आधार पर नामांतरण और चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना जैसे विषयों पर विधायकों ने सरकार से जवाब मांगा।
  • चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना पर तीखी बहस:चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को लेकर सदन में तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने 167 करोड़ रुपये की इस परियोजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। जवाब में मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि परियोजना पूरी हो चुकी है और इसके जरिए हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई हो रही है। विधानसभा अध्यक्ष ने भी परियोजना का निरीक्षण कराने और यदि कहीं कमियां हों तो उन्हें दूर करने के निर्देश दिए।
  • शिक्षा-किसानों का मुद्दा, दिल्ली लाठीचार्ज पर हंगामा: कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर सदन पहुंचे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष ने शिक्षा व्यवस्था, किसानों के लंबित मुआवजे, सिंचाई परियोजनाओं और केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित विस्थापितों के मुद्दे को लेकर सरकार से जवाब मांगा। वहीं, दिल्ली में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के मुद्दे पर भी सदन में हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस विषय पर चर्चा की मांग की, जबकि मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह मध्य प्रदेश के अधिकार क्षेत्र से बाहर का मामला है, इसलिए विधानसभा में इस पर चर्चा नहीं हो सकती।

UPDATED-01:29 PM: पेसा एक्ट को लेकर सदन में बहस

कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा कि ठीकरी तहसील के जिन गांवों में सोलर परियोजना के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया चल रही है, वह पेसा एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारियों की ओर से लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है।

इस पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने इन आरोपों से इनकार किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में भूमि आवंटन के मामलों में सामूहिक हितों और आदिवासियों के अधिकारों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। वहीं लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि सरकार हमेशा आदिवासियों के हित में काम करती रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए सदन में गलत टिप्पणियां नहीं की जानी चाहिए।

UPDATED-01:17 PM: भूमि अधिग्रहण का मामला उठा

इसके अलावा कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने राजपुर विधानसभा क्षेत्र में नवकरणीय ऊर्जा विभाग के सोलर प्लांट के लिए भूमि अधिग्रहण का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि बड़वानी जिले में पेसा एक्ट लागू है और ग्राम सभा की अनुमति के बिना भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद किसानों को भूमि अधिग्रहण के नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जिसके जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की भूमि का अधिग्रहण नहीं किया गया है और न ही भूमि अधिग्रहण की कोई प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति है और किसी तरह की गड़बड़ी की स्थिति नहीं है।

UPDATED-01:02 PM: रीवा पंचायत में भ्रष्टाचार का मामला 

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत में विधायक गिरीश गौतम ने रीवा जिले के गंगेव विकासखंड की महमूदपुर ग्राम पंचायत में कथित भ्रष्टाचार की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का ध्यान इस ओर दिलाया।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री राधा सिंह शुरुआत में संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने उन्हें विभाग का पूरा लिखित जवाब पढ़कर सुनाने के निर्देश दिए, जिसके बाद मंत्री ने विभाग की ओर से तैयार जवाब सदन में पढ़ा।

UPDATED-12:49 PM: आदिवासियों की जमीन का मामला 

विधायक हीरालाल अलावा ने आदिवासियों की जमीन गैर-आदिवासियों के नाम होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई जिलों में नियमों के बावजूद आदिवासियों की जमीन गैर-आदिवासियों को हस्तांतरित कर दी गई। उन्होंने पूछा कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है और क्या जमीन वापस दिलाई जाएगी।

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि अगर जांच में नामांतरण गलत पाया जाता है तो उसे निरस्त कर आदिवासी को जमीन का कब्जा वापस दिलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया कानून के प्रावधानों के तहत ही होती है।

इस पर हीरालाल अलावा ने कहा कि दमोह, छतरपुर, बालाघाट, रतलाम और मनावर समेत कई जगह नियमों का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए आदिवासियों की जमीन गैर-आदिवासियों के नाम की जा रही है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जहां कलेक्टर की अनुमति के बिना जमीन का नामांतरण हुआ है, वहां जांच कराई जाए।

UPDATED-12:29 PM: केन-बेतवा परियोजना पर गरमाया सदन

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने सदन में कहा कि पन्ना जिले में अब केवल दो परिवारों को मुआवजा दिया जाना बाकी है। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आपत्ति जताते हुए कहा कि 638 परिवार अब भी पुनर्वास सूची से बाहर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया में कई विसंगतियां हैं और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर भरोसा नहीं किया जा सकता। सिंघार ने कहा कि जो लोग गांव में नहीं रहते, उन्हें 8 से 10 करोड़ रुपये तक का मुआवजा मिल गया, जबकि गांव में रहने वाले कई पात्र परिवार अब भी भुगतान का इंतजार कर रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रभावित लोगों का जबरन विस्थापन कराया जा रहा है और विरोध करने पर पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने तक विस्थापन की कार्रवाई रोकी जाए। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यदि मुआवजा वितरण में किसी तरह की गड़बड़ी या विसंगति हुई है तो सरकार पूरे मामले की दोबारा जांच कराएगी।

UPDATED-11:43 AM: मुआवजा भुगतान पर सरकार से जवाब मांगा

विधानसभा में कांग्रेस विधायक विपिन जैन ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लंबित मुआवजे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मंदसौर जिले के 51,179 किसानों के लिए 80 करोड़ रुपए से अधिक की मुआवजा राशि स्वीकृत हुई थी, लेकिन अब तक 27 करोड़ 47 लाख रुपये का भुगतान नहीं हो सका है। उन्होंने सरकार से पूछा कि यह राशि किसानों को कब तक मिलेगी। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने जवाब में कहा कि मध्य प्रदेश में सबसे अधिक मुआवजा मंदसौर जिले में दिया गया है, लेकिन लंबित भुगतान कब तक होगा, इसकी कोई समय-सीमा नहीं बताई।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार स्पष्ट बताए कि किसानों का बकाया मुआवजा कब तक मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार खुद स्वीकार कर चुकी है कि 27 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है, जो करीब 15 हजार किसानों को दिया जाना है। यदि सरकार भुगतान नहीं करना चाहती तो यह भी साफ कर दे। सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने सरकार के जवाब पर असंतोष जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

UPDATED-11:21 AM: काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक

राहुल गांधी के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा की गई बर्बरता और छात्रों पर हुए अत्याचार के विरोध में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे। 

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि दिल्ली में अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ। विधानसभा में इस पर चर्चा की मांग की गई, लेकिन भाजपा सरकार जवाब देने से बचती रही उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक, भर्ती घोटाले, बेरोज़गारी और छात्रों पर अत्याचार, यही भाजपा सरकार की युवा नीति बन गई है। युवा जवाब मांग रहे हैं, सरकार सिर्फ़ अहंकार दिखा रही है।

UPDATED-11:03 AM: 7,765.76 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट पर चर्चा

आज विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के पहले अनुपूरक बजट पर भी चर्चा होगी। सरकार ने 7,765.76 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया है। बजट में सबसे बड़ा प्रावधान नर्मदा घाटी विकास विभाग के लिए 3,000 करोड़ रुपए का किया गया है। यह राशि सिंचाई परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण के भुगतान पर खर्च होगी।

इसके अलावा अनुपूरक बजट में कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए भी राशि का प्रावधान किया गया है। आज सदन में राजनीतिक टकराव के साथ-साथ अनुपूरक बजट पर भी विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।

UPDATED-10:48 AM: एक दिन पहले यानी सत्र के दूसरे दिन भारी हंगामे के बीच सरकार ने UCC (Uniform Civil Code) Bill सहित चार महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन से पारित करा लिया। इसके साथ ही सरकार ने अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) भी विधानसभा में पेश किया, जिस पर आज सदन में चर्चा होगी।

वहीं, दूसरे दिन का अधिकांश समय सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक, नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन में बीता। देर शाम तक मामला विधानसभा से निकलकर मुख्यमंत्री कक्ष (CM Chamber) के बाहर पहुंच गया, जहां Congress विधायक देर रात तक धरने पर बैठे रहे।

UCC Bill पास, सरकार ने पारित कराए चार विधेयक

मानसून सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत UCC Bill को लेकर विपक्ष के विरोध से हुई। Congress विधायकों ने Bill का विरोध करते हुए सरकार पर बिना पर्याप्त चर्चा के इसे पारित कराने का आरोप लगाया। विपक्ष के हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी, लेकिन सरकार ने अपने बहुमत के आधार पर UCC Bill सहित चार महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन से पारित करा लिया।

इसी दौरान सरकार ने अनुपूरक बजट भी सदन में पेश किया। इस बजट पर आज विधानसभा में विस्तृत चर्चा होगी। विपक्ष ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि वह बजट के साथ-साथ सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं और विभिन्न विभागों के खर्च पर भी सवाल उठाएगा।

Paper Leak मुद्दे पर सरकार को घेरा

दिनभर UCC Bill पर चली बहस के बाद शाम को Congress ने Paper Leak का मुद्दा विधानसभा में उठाया। नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने दिल्ली के Jantar Mantar पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का मुद्दा सदन में उठाते हुए इस पर चर्चा कराने की मांग की। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने इस विषय पर चर्चा की अनुमति नहीं दी।

इसके बाद Congress विधायक सदन से बाहर निकल आए और मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और आरोप लगाया कि सरकार युवाओं से जुड़े सबसे बड़े मुद्दे पर चर्चा से बच रही है।

Umang Singhar बोले- युवाओं के भविष्य से जुड़ा है मामला

धरने के दौरान नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने कहा कि Paper Leak केवल किसी एक राज्य का विषय नहीं बल्कि पूरे देश के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा से बच रही है और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार छात्रों की समस्याओं पर चर्चा करने को तैयार नहीं है तो विपक्ष सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगा।

CM चैंबर के बाहर देर रात तक चला धरना

विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद भी Congress विधायक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर डटे रहे। विरोध जताने के लिए कुछ विधायक फर्श पर लेट गए। विधानसभा अध्यक्ष Narendra Singh Tomar ने विधायकों से धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन वे नहीं माने।

बाद में संसदीय कार्य मंत्री Kailash Vijayvargiya भी धरना स्थल पर पहुंचे और विपक्ष से बातचीत करने का प्रयास किया। इस दौरान उनकी नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar से तीखी बहस हुई और दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी भी हुई।

Rahul की गिरफ्तारी के विरोध में भी गरमाई राजनीति

दिल्ली में Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi, Mallikarjun Kharge और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद मध्य प्रदेश में भी Congress ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। बताया गया कि विपक्षी नेताओं ने Prime Minister Residence के पास Paper Leak और केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। इसी के विरोध में मध्य प्रदेश में भी Congress ने विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किए। विधानसभा के भीतर चल रहे धरने को भी इसी आंदोलन का हिस्सा बताया गया।

Jitu Patwari भी पहुंचे धरना स्थल

देर शाम Madhya Pradesh Congress के प्रदेश अध्यक्ष Jitu Patwari भी विधानसभा पहुंचे और धरना दे रहे विधायकों का समर्थन किया। इससे पहले वे Raj Bhavan (Lok Bhavan) के सामने धरने पर बैठे थे, जहां पुलिस ने उन्हें और अन्य कार्यकर्ताओं को हटाकर वाहन में बैठा लिया था।

विधानसभा पहुंचने के बाद Jitu Patwari ने कहा कि छात्रों को "देशद्रोही" कहने वाले मंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि असली दोषी वे लोग हैं जिन्होंने Paper Leak कराया और उन्हें संरक्षण दिया। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रदेशभर में Congress का प्रदर्शन

Bhopal के अलावा Indore, Jabalpur, Katni, Khandwa, Harda, Shajapur, Tikamgarh, Ratlam, Dabra और Khargone सहित कई जिलों में Congress और NSUI कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन, रैली और नारेबाजी की। कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जबकि कई जगह चक्काजाम की स्थिति बनी रही। हालांकि देर रात तक अधिकांश जिलों में प्रदर्शन समाप्त हो गए, लेकिन विधानसभा परिसर में Congress विधायकों का धरना रात करीब 11:30 बजे तक जारी रहा।

आज अनुपूरक बजट पर रहेगी नजर

मानसून सत्र के तीसरे दिन विधानसभा में सरकार द्वारा पेश किए गए Supplementary Budget पर चर्चा होगी। साथ ही संभावना है कि विपक्ष UCC Bill, Paper Leak, छात्रों के मुद्दे और दूसरे दिन हुए घटनाक्रम को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। ऐसे में आज भी सदन के भीतर तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।