स्लॉट बुकिंग बंद होने से भड़के किसान, मऊगंज कलेक्ट्रेट में किया उग्र प्रदर्शन

गेहूं उपार्जन को लेकर सरकार द्वारा किसानों के हित के लिए किए गए वादे नाकाफी साबित हो रहे हैं। स्लॉट बुक न होने के कारण 30 फीसदी से अधिक किसान अपना गेहूं बिक्री नहीं कर पाए हैं, जिसके कारण अब अन्नदाता परेशानियों के दौर से गुजर रहा है। सरकार द्वारा गेहूं खरीदी हेतु समय सीमा तो बढ़ाई गई, लेकिन स्लॉट बुकिंग का सिस्टम नहीं खोला गया, जिससे किसान अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है।

स्लॉट बुकिंग बंद होने से भड़के किसान, मऊगंज कलेक्ट्रेट में किया उग्र प्रदर्शन

रिपोर्टर -राजेंद्र पयासी

मध्य प्रदेश सरकार की योजना से परेशान किसानों में न केवल आक्रोश देखा जा रहा है, बल्कि अब अन्नदाता अपने अधिकार के लिए सड़क पर उतर चुका है। क्षेत्र में पड़ रही 45 डिग्री भीषण गर्मी के बीच भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रांत के आह्वान पर प्रांत के अन्य जिलों की तरह मऊगंज कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों किसानों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन के नाम कलेक्टर मऊगंज को चेतावनी भरा ज्ञापन सौंपा।

सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि गेहूं उपार्जन हेतु स्लॉट बुकिंग के लिए पोर्टल खोला जाए और किसानों का शत-प्रतिशत गेहूं खरीदा जाए। कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों किसानों ने कहा कि यदि सरकार द्वारा स्लॉट का पोर्टल खोलकर गेहूं की खरीदी नहीं की जाती है तो अब अन्नदाता शांत नहीं बैठेगा और अपने अधिकार के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। किसानों ने कहा कि खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है।

आज की स्थिति में उपार्जन केंद्रों से गेहूं का उठाव न होने के कारण 30 करोड़ से अधिक की राशि का अकेले मऊगंज जिले में किसानों का भुगतान नहीं हो पाया है। व्यापारियों को खुली छूट और किसानों के साथ दुर्व्यवहार का चल रहा सिस्टम अब नहीं चलने वाला है। यदि समय रहते किसानों के हित में निर्णय नहीं लिया गया तो अब अन्नदाता आर-पार की लड़ाई लड़ेगा।

मऊगंज कलेक्ट्रेट पहुंचे बड़ी संख्या में भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ताओं ने गेहूं खरीदी के लिए फिर से स्लॉट बुकिंग की मांग की और उपार्जन केंद्रों में छाया-पानी की बेहतर व्यवस्था बनाए जाने की मांग की।

उपार्जन केंद्रों में गेहूं बिकने के बाद कई दिनों तक किसानों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। समय पर किसानों का भुगतान किया जाए। बारदानों का अभाव बना हुआ है, किसान परेशान हो रहे हैं, किंतु व्यापारियों का माल धड़ल्ले से बिक रहा है और क्षेत्र का किसान दर-दर की ठोकरें खा रहा है। इस विषय को शासन-प्रशासन संज्ञान में लेकर जल्द से जल्द कार्रवाई करे और स्लॉट समस्या सहित अन्य सभी परेशानियों को सरकार जल्द से जल्द दूर करे।

आगामी खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त उर्वरक एवं बीज समय पर किसानों को उपलब्ध हो सके, इसके लिए आगामी तैयारी सरकार द्वारा कर ली जाए। अगर आगामी फसल में खाद का संकट आता है, तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

बिजली बिल की समस्या से किसान अभी भी निजात नहीं पा रहे हैं। बिजली बिल में सुधार के लिए किसान विगत चार-पांच महीने से परेशान हो रहे हैं, किंतु बिजली बिल में न सुधार हो पा रहा है और न ही कोई कमी आ रही है। विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था पूर्व से भी बदतर होती जा रही है और बिजली बिल में बेतहाशा वृद्धि लगातार हो रही है। इस पर नियंत्रण किया जाए। अघोषित कटौती एवं कम वोल्टेज की समस्या से उपभोक्ता परेशान हैं और उन्हें फिर भी बढ़ा हुआ एवरेज बिल थमा दिया जाता है। इस समस्या से तुरंत किसानों को निजात दिलाई जाए।

विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि प्रशासन द्वारा बिजली संबंधी समस्याएं सुनने के लिए कोई भी अधिकारी तैनात नहीं किए गए हैं, जिसके कारण शासन और प्रशासन द्वारा उपभोक्ताओं को भारी-भरकम बिजली बिल देकर किसानों का शोषण किया जा रहा है। मार्च 2025 से मार्च 2026 तक शासन के माध्यम से विद्युत वितरण कंपनी को कितनी बिजली प्राप्त हुई है एवं विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को कितनी बिजली की आपूर्ति की गई है, उपभोक्ताओं से कितनी वसूली हुई है और उपभोक्ताओं पर अभी कितना बिजली बिल शेष है, इन बिंदुओं की विधिवत पारदर्शी जांच कराई जाए।

इससे बिजली विभाग का सारा कदाचार और भ्रष्टाचार खुलकर सामने आ जाएगा, तभी किसानों को बिजली बिल से राहत मिलेगी। किसानों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि शासन एवं प्रशासन द्वारा किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय नहीं लिए गए तो अब अन्नदाता उग्र आंदोलन का रुख अख्तियार करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

ज्ञापन के दौरान इनकी रही विशेष उपस्थिति

किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन के नाम कलेक्टर मऊगंज को सौंपे गए ज्ञापन के दौरान मुख्य रूप से भारतीय किसान संघ के संभाग अध्यक्ष छोटेलाल द्विवेदी, जिला अध्यक्ष हरिशंकर पांडेय, जिला मंत्री पुष्पराज सिंह, संभागीय सह मंत्री अरुणेंद्र सिंह, जिला सह मंत्री यज्ञ नारायण सिंह एवं राममिलन प्रजापति, दशरथ सिंह, नर्मदा सिंह, गहरवार अरुण शुक्ला, चंद्रमौली मिश्रा, इंद्र बहादुर सिंह, तहसील अध्यक्ष मऊगंज विभूति भूषण सिंह, तहसील अध्यक्ष हनुमना रामकृष्ण मिश्रा, तहसील अध्यक्ष नईगढ़ी राम सिपाही पटेल, गजाधर नाथ पांडेय, त्रिवेणी प्रसाद पांडेय, मुद्रिका प्रसाद मिश्र, जिला उपाध्यक्ष, रमा निवास पांडेय, गणेश तिवारी, रमेश द्विवेदी, वैदेही प्रसाद पांडेय, गोविंद नारायण पाठक, आशीष पाठक, मंगलेश्वर सिंह, राम प्रसाद हरिजन, उमेश पांडेय, सिंकू पांडेय, नरेंद्र शर्मा, विकास शर्मा, जनार्दन शर्मा, सुरेश कुशवाहा, मनोज सिंह, रामसागर मिश्र, भगवान प्रसाद मिश्रा, नवनीत मिश्रा, नागेंद्र मिश्रा, छोटेलाल सिंह गोंड, पंचम सिंह गोंड, दादू लाल विश्वकर्मा, लक्ष्मी नारायण शुक्ला, बृजवासी शुक्ला, मनोज कुशवाहा, मनोज सिंह सहित बड़ी संख्या में भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।