Jharkhand Protest Update : JPSC-14 और JSSC-CGL समेत परीक्षाएं रद्द, फिर क्यों जारी छात्र आंदोलन?

Jharkhand Protest Update : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को JPSC-14 और JSSC-CGL समेत संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया लेकिन छात्रों ने अपना विरोध खत्म नहीं किया।

Jharkhand Protest Update : JPSC-14 और JSSC-CGL समेत परीक्षाएं रद्द, फिर क्यों जारी छात्र आंदोलन?

Jharkhand Protest Update : रांची। झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया। उन्होंने JPSC-14 और JSSC-CGL समेत संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया। सरकार के इस फैसले के बाद आंदोलन को लेकर तस्वीर बदल गई है। हालांकि छात्रों ने अपना विरोध खत्म नहीं किया है। छात्र नेताओं का कहना है कि उनकी मुख्य मांग अभी पूरी नहीं हुई है। वे पूरे मामले की CBI जांच चाहते हैं। उनका कहना है कि केवल परीक्षाएं रद्द करने से आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

छात्रों ने CBI जांच की मांग दोहराई

स्टूडेंट्स नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि, मंत्री दीपिका पण्डे और इरफ़ान अंसारी प्रदर्शनकरियों से मिलने के लिए पहुंचे थे।  इस दौरान उन्होंने छात्रों से आंदोलन और अनशन समाप्त करने की अपील की। छात्रों ने फिलहाल उनकी अपील स्वीकार नहीं की। रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक नोटिफिकेशन का पहले अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद आंदोलन की अगली रणनीति तय होगी। उन्होंने साफ किया कि छात्रों की प्रमुख मांग परीक्षाओं से जुड़े मामलों की CBI जांच है।

नोटिफिकेशन और दूसरी परीक्षाओं पर भी सवाल

छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा कि छात्र सबसे पहले यह देखना चाहते हैं कि JSSC की ओर से परीक्षा रद्द करने का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी हुआ है या नहीं। उन्होंने TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं का भी मुद्दा उठाया। छात्रों ने CDPO और FSO परीक्षाओं को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। इसके अलावा उम्र सीमा की कटऑफ को लेकर भी छात्रों की मांग है। उनका कहना है कि 2018 की कटऑफ को लेकर सरकार का रुख अभी स्पष्ट नहीं है।

आखिरी मांग पूरी होने तक आंदोलन

रविंद्र पासवान ने सरकार के फैसले का स्वागत किया और इसे छात्रों के हित में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं रद्द करने के फैसले के लिए सरकार को धन्यवाद दिया जाता है। हालांकि, उन्होंने सरकार से रद्द की गई परीक्षाओं की CBI जांच का आदेश देने की मांग की। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगों पर सहमति नहीं बनती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। भूख हड़ताल खत्म करने की अपील के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

सरकार के पुराने रुख के बाद बढ़ी उम्मीदें

गौरतलब है कि सरकार पहले भी TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं की जांच की बात कह चुकी है। अब मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं, परिणामों और चयन प्रक्रिया को रद्द करने की बात स्पष्ट की है। इस फैसले के बाद छात्रों की कई मांगों पर कार्रवाई हुई है, लेकिन CBI जांच को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। यही कारण है कि छात्र आंदोलन खत्म करने के बजाय सरकार से लिखित और स्पष्ट निर्णय की मांग कर रहे हैं।