CM Mohan Yadav ने फास्ट ट्रैक कोर्ट का किया ऐलान, 75 हजार अतिथि शिक्षकों को री-जॉइनिंग नियमों में राहत

Govind Narayan Singh की जयंती पर CM Mohan Yadav ने दी श्रद्धांजलि, शिक्षा और न्याय व्यवस्था को लेकर लिए बड़े फैसले

CM Mohan Yadav ने फास्ट ट्रैक कोर्ट का किया ऐलान, 75 हजार अतिथि शिक्षकों को री-जॉइनिंग नियमों में राहत

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय Govind Narayan Singh की जयंती पर विधानसभा के सेंट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष Narendra Singh Tomar सहित स्वर्गीय Govind Narayan Singh के परिवारजन भी मौजूद रहे।

विधानसभा में याद किए गए पूर्व मुख्यमंत्री 

मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav और अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्वर्गीय Govind Narayan Singh के सार्वजनिक जीवन और प्रदेश के विकास में उनके योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के निर्माण और विकास में पूर्व मुख्यमंत्रियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे हमेशा स्मरण किया जाएगा। कार्यक्रम में विधानसभा के अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पुष्प अर्पित कर पूर्व मुख्यमंत्री को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट

मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने प्रदेश के चार बड़े शहरों Bhopal, Indore, Gwalior और Jabalpur में फास्ट ट्रैक कोर्ट शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के आह्वान के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने तुरंत निर्णय लेते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अदालतों में शिक्षा नीति सहित अन्य महत्वपूर्ण मामलों की तेज सुनवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के फैसलों को लागू करने में मध्य प्रदेश हमेशा अग्रणी राज्यों में रहा है और फास्ट ट्रैक कोर्ट को लेकर भी तत्काल कार्रवाई करते हुए नोटिफिकेशन जारी किया गया है।

CM Dr. Mohan Yadav ने मेडिकल शिक्षा को लेकर कहा कि कांग्रेस सरकार के समय जितने मेडिकल कॉलेज खोले गए थे, उससे कहीं अधिक मेडिकल कॉलेज भाजपा सरकार के कार्यकाल में खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और सरकार उसी दिशा में काम कर रही है।

75 हजार अतिथि शिक्षकों को री-जॉइनिंग नियमों में बड़ी राहत

शिक्षा से जुड़े मामलों को लेकर मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने कहा कि सरकार शिक्षा क्षेत्र के विषयों को संवेदनशीलता के साथ ले रही है और जरूरी फैसले लगातार किए जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश शासन ने स्कूल शिक्षा विभाग के करीब 75,000 अतिथि शिक्षकों को राहत देते हुए री-जॉइनिंग नियमों में बदलाव किया है। नए निर्णय के तहत 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता और पुराने हटाए जाने वाले आदेश से राहत दी गई है।

दरअसल, 20 फरवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार सात दिन अनुपस्थित रहने पर अतिथि शिक्षकों का नाम पोर्टल से हटाया जाना था। अब इस आदेश को निरस्त कर दिया गया है। वास्तविक कारणों से उपस्थिति पूरी नहीं कर पाने वाले शिक्षकों को दोबारा जुड़ने का अवसर मिलेगा।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर सरकार का जोर

अतिथि शिक्षकों को मिली राहत पर मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने कहा कि शिक्षा से जुड़े मामलों को सरकार संवेदनशील तरीके से सुलझा रही है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति को आगे बढ़ाने के साथ विश्वविद्यालयों और विद्यालयों में बेहतर व्यवस्थाओं के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार जो भी निर्णय ले रही है, वह किसी पर एहसान नहीं बल्कि अपनी जिम्मेदारी निभाने का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।