CG Farmers Protest : छत्तीसगढ़ में किसानों की ट्रैक्टर रैली और चक्काजाम, 1700 करोड़ बकाया भुगतान समेत 12 मांगें

CG Farmers Protest : संघ ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, लेकिन किसानों को उपज बेचने और उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

CG Farmers Protest : छत्तीसगढ़ में किसानों की ट्रैक्टर रैली और चक्काजाम, 1700 करोड़ बकाया भुगतान समेत 12 मांगें

CG Farmers Protest : रायपुर। भारतीय किसान संघ आज गुरुवार 8 अक्टूबर को अपनी मांगों को लेकर पूरे छत्तीसगढ़ में आंदोलन कर रहा है। लगभग सभी जिलों में किसान जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। कवर्धा में कार्यकर्ताओं और किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ रैली निकाली। जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते बंद कर दिए गए।

कवर्धा में रैली और जाम का असर

कवर्धा में ट्रैक्टर रैली के दौरान सड़कों पर जाम लग गया। आम लोगों को परेशानी हुई। कई राहगीर अस्पताल जा रहे थे, लेकिन प्रदर्शन के कारण उन्हें देरी हो रही थी। कुछ लोग खेत के रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे। एंबुलेंस भी जाम में फंसी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रास्ता दे दिया। प्रदर्शन के बाद किसान मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपेंगे।

संघ ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, लेकिन किसानों को उपज बेचने और उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सरकार समस्याओं को कागजों तक सीमित रखती है तो सड़क से शासन तक संघर्ष जारी रहेगा।

बकाया राशि और समर्थन मूल्य की मांग

संघ ने 2022-23 की धान खरीदी की लगभग 1700 करोड़ रुपये की लंबित राशि तत्काल जारी करने की मांग की। केंद्र से धान 3358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की अपील की गई। इसमें पिछले तीन साल की बढ़ोतरी भी शामिल हो। सब्जी और फल उत्पादक किसानों को भी कृषक उन्नति योजना में लाने की बात कही गई।

कटौती और टोकन व्यवस्था पर आपत्ति

धान खरीदी में प्रति बोरी अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम ही लिए जाने की मांग की गई। मनमाने अतिरिक्त वजन लेने पर रोक लगाने को कहा गया। टोकन व्यवस्था में बड़े किसानों के लिए 5, छोटे और सीमांत किसानों के लिए 3 व 1 टोकन की व्यवस्था करने की अपील की गई। इससे हर किसान अपनी पूरी उपज बेच सके।

छत्तीसगढ़ किसान संघ की प्रमुख मांगें

1 गौवंदन योजना लागू हो, जी-राम-जी योजना को गौ संरक्षण से जोड़ा जाए।
2 ₹1,700 करोड़ का बकाया धान भुगतान किसानों को तत्काल मिले।
3 धान ₹3,358 प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाए। 
4 सब्जी-फल किसानों को कृषक उन्नति योजना में जोड़ा जाए। 
5 15 नवंबर से 15 फरवरी तक धान खरीदी हो; प्रति तौल अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम लिया जाए।
6 बाढ़ से फसल नुकसान का सर्वे कर किसानों को उचित मुआवजा मिले।
7 धान खरीदी की टोकन व्यवस्था में सुधार; 7 बड़े किसानों को 5, लघु किसानों को 3 और सीमांत किसानों को 2 टोकन मिलें।
8 धान खरीदी के दौरान खाता समर्पण का 8 दबाव बंद किया जाए।
9 गन्ने के दाम में ₹150 प्रति क्विंटल बढ़ोतरी हो और कृषक उन्नति योजना में जोड़ा जाए।
10 अधूरी सिंचाई परियोजनाएं पूरी हों, नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी मिले।
11 बिजली विभाग के निजीकरण पर रोक लगे और महंगी खाद बिक्री पर कार्रवाई हो।
12 भूमि अधिग्रहण में उदयपुर डिक्लेरेशन लागू हो; रबी में मक्का-गेहूं की MSP पर खरीदी की जाए।