Surajpur Double Murder : मां-बेटी हत्या-रेप केस में 3 को फांसी, चौथे आरोपी को उम्रकैद

Surajpur Double Murder : कोर्ट ने 29 सितंबर को मामले में 4 आरोपियों को हत्या, रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी माना था। पीड़ित पक्ष के वकील संजय अंबस्ट ने कहा कि मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर कैटेगरी का है।

Surajpur Double Murder : मां-बेटी हत्या-रेप केस में 3 को फांसी, चौथे आरोपी को उम्रकैद

Surajpur Double Murder : सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर के चर्चित मां-बेटी हत्याकांड में स्पेशल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को फांसी की सजा दी है। चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अदालत ने 29 सितंबर को चारों आरोपियों को हत्या, रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी माना था। पीड़ित पक्ष के वकील संजय अंबस्ट ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर कैटेगरी का बताया था। उन्होंने दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई सुनवाई

सूरजपुर डबल मर्डर केस की सुनवाई न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। 29 सितंबर को चारों आरोपियों को दोषी ठहराए जाने के बाद मुख्य आरोपी कुलदीप साहू कोर्ट से बाहर निकलते समय हंसता हुआ नजर आया था। 

उसने पत्रकारों की तरफ स्माइली साइन भी बनाया था और वीडियो बनाने के लिए कहा था। इसके बाद मामले को लेकर लोगों में फिर नाराजगी देखने को मिली। अब सजा के ऐलान के साथ इस बहुचर्चित केस में अदालत की सुनवाई का अहम चरण पूरा हो गया है।

मुख्य आरोपी हंसते हुए बाहर निकला, उसने पत्रकारों को वीडियो बनाने भी कहा।

अक्टूबर 2024 को सामने आया था हत्याकांड

यह मामला 14 अक्टूबर 2024 को सामने आया था। आरोप है कि आरोपियों ने हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और उसकी बेटी की बेरहमी से हत्या की थी। वारदात से पहले पत्नी के साथ रेप किया गया था। इसके बाद चाकू से उसकी हत्या कर दी गई। 

आरोपियों ने बेटी के कपड़े उतारकर धारदार हथियार से उसकी भी हत्या कर दी। दोनों शवों को नग्न हालत में घर से करीब पांच किलोमीटर दूर फेंक दिया गया था। अगले दिन दोनों के शव मिलने के बाद सूरजपुर में तनाव और आक्रोश फैल गया था।

घर पहुंचा तो फर्श और दीवारों पर मिला खून

वारदात वाली रात हेड कॉन्स्टेबल ड्यूटी खत्म करने के बाद घर पहुंचा था। वहां उसे खून ही खून दिखाई दिया। पत्नी और बेटी घर में नहीं थीं। घर की दीवारों और फर्श पर खून के निशान थे। वह रातभर दोनों को तलाशता रहा। इसके बावजूद उनका पता नहीं चला। 

14 अक्टूबर को घर से करीब पांच किलोमीटर दूर दोनों के शव नग्न हालत में मिले। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंचने के लिए कई लोगों से पूछताछ की।

विवाद से शुरू हुई थी पूरी कहानी

इस हत्याकांड के पीछे अक्टूबर 2024 में हुए एक विवाद को वजह बताया गया। 9 अक्टूबर की रात शहनाज अख्तर का जगराता कार्यक्रम था। इसी दौरान मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के भाई संदीप साहू का नवापारा के कुछ युवकों से विवाद हो गया था। 

दो दिन बाद पुलिस संदीप साहू को थाने ले गई थी। आरोप लगाया गया कि थाने में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। यह भी कहा गया कि संदीप के खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। इस घटना से कुलदीप नाराज हो गया था।

कोर्ट से बाहर निकलते हुए मुख्य आरोपी कुलदीप साहू।

भाई से मारपीट का बदला लेने का आरोप

जांच में सामने आया कि कुलदीप साहू अपने भाई के साथ हुई मारपीट से नाराज था। आरोप है कि उसने इस घटना में शामिल लोगों को निशाना बनाने की योजना बनाई। इनमें वह पुलिसकर्मी भी शामिल था, जिसकी पत्नी और बेटी की बाद में हत्या कर दी गई। 

कुलदीप और इस पुलिसकर्मी के बीच पहले से भी विवाद था। पुलिस के मुताबिक, पुराने विवाद और भाई के साथ हुई कथित मारपीट ने घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया। इसके बाद मामला हत्या जैसी वारदात तक पहुंच गया।

कुलदीप साहू पर पहले से कई मामले दर्ज थे

कुलदीप साहू को सूरजपुर का बड़ा कबाड़ी कारोबारी और आदतन अपराधी बताया गया है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, चोरी, मारपीट और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत कई धाराओं में करीब दो दर्जन एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। फिल्टर प्लांट समेत अन्य सरकारी संपत्तियों से बार-बार चोरी की शिकायतों के बाद नगर पालिका ने उसके खिलाफ जिला बदर का प्रस्ताव भी पारित किया था।

इसके बाद सूरजपुर, सरगुजा, कोरबा, कोरिया, बलरामपुर-रामानुजगंज, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और मध्य प्रदेश के सिंगरौली में एक साल के लिए उसके प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। जिला बदर की अवधि पूरी होने से पहले लौटने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। बाद में वह जमानत पर बाहर था।

पुलिसकर्मी पर खौलता तेल डालने का आरोप

13 अक्टूबर 2024 की शाम कुलदीप साहू अपने साथियों आर्यन विश्वकर्मा, चंद्रकांत चौधरी और रिंकू सिंह के साथ पुराने बस स्टैंड पर बैठा था। रात करीब नौ बजे आरक्षक घनश्याम सोनवानी की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने जिला बदर किए गए कुलदीप को पकड़ने की कोशिश की। 

आरोप है कि इसी दौरान कुलदीप ने आरक्षक पर खौलता हुआ तेल डाल दिया। इसके बाद वह तलवार से काट देने की धमकी देते हुए वहां से भाग गया। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर उसी दिन हेड कॉन्स्टेबल भी उसे पकड़ने के लिए निकले थे। आरोप है कि कुलदीप ने हेड कॉन्स्टेबल पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश भी की।

शाम को धमकी, रात में मां-बेटी की हत्या

पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर की शाम कुलदीप ने हेड कॉन्स्टेबल को तलवार से काटने की धमकी दी थी। उसे पकड़ने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों पर भी उसने गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। इसके बाद वह हेड कॉन्स्टेबल के घर पहुंचा। 

आरोप है कि घर में उसने पुलिसकर्मी की पत्नी के साथ रेप किया और फिर चाकू से उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसकी बेटी को भी चाकू मारा गया। दोनों के कपड़े उतारकर शवों को घर से करीब पांच किलोमीटर दूर फेंक दिया गया। इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था।

कुलदीप ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की

वारदात की रात पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की थी। इस दौरान मुख्य आरोपी कुलदीप साहू पर तत्कालीन विश्रामपुर थाना प्रभारी की टीम पर फायरिंग करने का आरोप लगा। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। वह झारखंड चला गया था। बाद में एनकाउंटर के डर से वापस लौटने की बात सामने आई। 

इसी दौरान बलरामपुर पुलिस की टीम ने उसे बस स्टैंड पर बस से उतरते ही पकड़ लिया। हत्याकांड के बाद सूरजपुर में आक्रोश बढ़ गया था और लोगों ने कुलदीप के घर तथा गोदाम के बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी थी।

गिरफ्तारी की मांग को लेकर उग्र हुआ था प्रदर्शन

आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए थे। भीड़ उग्र हो गई थी और चक्काजाम भी किया गया था। प्रदर्शनकारियों की ओर से आरोपी के एनकाउंटर की मांग भी उठाई गई थी। 

स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई। सरगुजा आईजी ने पुलिसकर्मियों के साथ मार्च भी निकाला था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी गई।

पांच आरोपियों की भूमिका जांच में सामने आई

पुलिस के अनुसार, इस मामले में कुलदीप साहू को मुख्य आरोपी और वारदात का मास्टरमाइंड बताया गया। उसकी उम्र 28 साल बताई गई है। उस पर मां-बेटी की हत्या और पुलिस पर फायरिंग का आरोप है। 

चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके चौधरी भी 28 साल का है और उसे मामले में सहयोगी बताया गया। वह NSUI नेता था। आरोप है कि उसने मां-बेटी पर चाकू से हमला किया और शवों को ठिकाने लगाने में मदद की। वारदात के बाद आरोपियों के साथ कार से भागने की बात भी सामने आई।

रिंकू और आर्यन पर भी गंभीर आरोप

फूल सिंह उर्फ रिंकू सिंह भी 28 साल का है। उसे कुलदीप का दोस्त और हत्याकांड में सहयोगी बताया गया। आरोप है कि वारदात के बाद वह झारखंड भाग गया था। बाद में एनकाउंटर के डर से सरेंडर करने वापस आया। 

आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी की उम्र 20 साल है। उस पर आरक्षक घनश्याम सोनवानी पर खौलता तेल डालने का आरोप था। बताया गया कि इस घटना के बाद आरोपी वहां से भाग गया था। इसी घटनाक्रम के बाद मां-बेटी की हत्या की वारदात सामने आई। 

मामले में सूरज साहू की भूमिका भी पुलिस जांच में सामने आई। उस पर कुलदीप और उसके साथियों को झारखंड भागने में मदद करने तथा पुलिस से जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया।

पुलिस ने करीब 50 लोगों से की पूछताछ

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने करीब 50 लोगों से पूछताछ की थी। जांच में आरोपियों की गतिविधियों, आपसी संपर्क और वारदात के बाद उनके भागने के रास्तों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने कुलदीप साहू के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों और उसकी आपराधिक गतिविधियों की भी जांच की। 

इसके अलावा उसके अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई भी की गई थी। जांच में कुलदीप और संबंधित पुलिसकर्मी के बीच पुराने विवाद की बात भी सामने आई थी। इन सभी पहलुओं को केस की जांच का हिस्सा बनाया गया।

कोर्ट के फैसले से मामले में आया अहम मोड़

29 सितंबर को कोर्ट ने चारों आरोपियों को हत्या, रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी माना था। इसके बाद सजा को लेकर सुनवाई हुई। अब स्पेशल कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके चौधरी और फूल सिंह उर्फ रिंकू सिंह को फांसी की सजा सुनाई है। आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक उम्रकैद दी गई है। इस फैसले के साथ सूरजपुर के चर्चित मां-बेटी हत्याकांड में अदालत ने दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा सुनाई है।