Nobel Prize 2026: Anne Carson को साहित्य का नोबेल, ग्रीक-रोमन साहित्य को आधुनिक दुनिया से जोड़ा
कविता, गद्य और प्राचीन साहित्य को नए रूप में गढ़ने वाली कनाडाई लेखिका Anne Carson बनीं साहित्य की नोबेल विजेता, ग्रीक-रोमन परंपराओं को नए अंदाज में पेश करने के लिए मिला सम्मान; ग्रीक-रोमन साहित्य को आधुनिक दुनिया से जोड़ा, चर्चित किताब 'द ब्यूटी ऑफ द हसबैंड'
कनाडा की लेखिका Anne Carson को 2026 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। Nobel Committee ने उन्हें यह सम्मान उनकी साहित्यिक रचनाओं के लिए दिया है, जिनमें उन्होंने पुराने Greek-Roman साहित्य और परंपराओं को नए और अलग अंदाज में पेश किया। उनकी रचनाओं में कविता, गद्य और प्राचीन साहित्य का अनोखा मेल देखने को मिलता है।
Stockholm में दिसंबर में होगा सम्मान
नोबेल पुरस्कार के सभी विजेताओं को दिसंबर में Stockholm, Sweden में सम्मानित किया जाएगा। विजेताओं को मेडल, डिप्लोमा और पुरस्कार राशि दी जाती है। इस साल पुरस्कार राशि करीब 1.2 करोड़ Swedish Krona यानी लगभग 11.5 करोड़ रुपए बताई गई है।
10 साल में 4 महिलाओं को साहित्य नोबेल
पिछले 10 साल में साहित्य का नोबेल पुरस्कार पाने वाले 10 लेखकों में 4 महिलाएं शामिल हैं। इनमें 2024 की विजेता Han Kang भी हैं, जो South Korea से हैं। वह एशिया से साहित्य का नोबेल जीतने वाली प्रमुख लेखिकाओं में शामिल हैं। इस अवधि में दक्षिण एशिया से किसी लेखक को साहित्य का नोबेल नहीं मिला।
ऐसे चुना जाता है साहित्य का नोबेल विजेता
हर साल Swedish Academy साहित्य के नोबेल के लिए नामांकन मंगाती है। अकादमी के सदस्य, साहित्य और भाषा के प्रोफेसर, पूर्व नोबेल विजेता और लेखक संगठनों के प्रमुख नाम भेज सकते हैं। लेखक खुद को नामांकित नहीं कर सकते।
नोबेल कमेटी पहले करीब 15 से 20 नामों की सूची तैयार करती है। इसके बाद मई तक इसे 5 उम्मीदवारों तक सीमित किया जाता है। फिर Swedish Academy के 18 सदस्य वोटिंग के जरिए अंतिम विजेता चुनते हैं।
नॉमिनेशन 50 साल तक रहता है गोपनीय
साहित्य के नोबेल के लिए नामांकित लेखकों की पूरी सूची सार्वजनिक नहीं की जाती। नामांकन से जुड़ी जानकारी 50 साल तक गोपनीय रहती है। इसलिए 2026 में किन लेखकों को नामांकित किया गया, इसकी पूरी जानकारी 2076 में सामने आएगी।
नोबेल रिकॉर्ड के मुताबिक, Sarvepalli Radhakrishnan, Sri Aurobindo, Tarashankar Bandyopadhyay और R.K. Narayan जैसे भारतीय लेखकों को भी अलग-अलग वर्षों में साहित्य के नोबेल के लिए नामांकित किया गया था।
Varsha Shrivastava 
