CG ED Raid : रामगोपाल अग्रवाल के घर ED की रेड, रायपुर-धमतरी के ठिकानों पर एक्शन

ED ने गुरुवार सुबह छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर एक साथ दबिश दी। रायपुर, दुर्ग-भिलाई और धमतरी में अलग-अलग टीमों ने ठिकानों की जांच की।

CG ED Raid : रामगोपाल अग्रवाल के घर ED की रेड, रायपुर-धमतरी के ठिकानों पर एक्शन

CG ED Raid : रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED की टीम ने आज रायपुर, दुर्ग-भिलाई और धमतरी में रेड मारी है। जानकारी के मुताबिक, गुरूवार सुबह ED अधिकारियों की टीम अलग-अलग जगह छानबीन शुरू की है। फिलहाल टीम द्वारा विभिन्न दस्तावेज और रिकार्ड्स की जांच की जा रही है। रामगोपाल अग्रवाल से जुड़े ठिकाने भी जांच के दायरे में रहे।

रायपुर से धमतरी तक ED की दबिश

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने गुरुवार सुबह छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर एक साथ दबिश दी। रायपुर, दुर्ग-भिलाई और धमतरी में अलग-अलग टीमों ने ठिकानों की जांच की। अधिकारियों ने दस्तावेज, कागजात और दूसरे रिकॉर्ड खंगाले।

यह कार्रवाई कथित शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले की जांच का हिस्सा बताई जा रही है। ED पहले ही कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को इस मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उन्हें 11 अगस्त 2026 को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया था।

रामगोपाल के घर पर करीब 9 घंटे कार्रवाई

रायपुर के अनुपम नगर स्थित रामगोपाल अग्रवाल के घर पर ED की टीम ने जांच की। धमतरी में सिहावा रोड स्थित उनके घर पर भी कार्रवाई हुई। धमतरी और रायपुर में टीम ने कई घंटे तक रिकॉर्ड की जांच की।

जानकारी के अनुसार, रायपुर और धमतरी के ठिकानों से कुछ दस्तावेज भी जांच के लिए लिए गए। ED ने रामगोपाल अग्रवाल को कथित शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में आरोपी बनाया है। एजेंसी का कहना है कि जांच में अपराध से अर्जित रकम के नेटवर्क में उनकी भूमिका सामने आई है।

अनूप अग्रवाल के घर भी पहुंची टीम

रायपुर के रवि नगर में कारोबारी अनूप अग्रवाल के घर पर भी ED की टीम पहुंची। अनूप अग्रवाल को रामगोपाल अग्रवाल का करीबी बताया जाता है। टीम ने घर के अंदर दस्तावेज और रिकॉर्ड की जांच की।

कार्रवाई के दौरान अधिकारी मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और दूसरे दस्तावेजों की जानकारी जुटाते नजर आए। फिलहाल इन ठिकानों से क्या-क्या मिला है, इसकी पूरी जानकारी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है।

दुर्ग में सजल जैन और विश्वास गुप्ता के ठिकानों पर जांच

दुर्ग में बिल्डर सजल जैन और कारोबारी विश्वास गुप्ता के घर पर भी ED की टीम सुबह करीब 6 बजे पहुंची। करीब सात अधिकारियों की टीम दोनों ठिकानों पर जांच कर रही थी। दोनों को रामगोपाल अग्रवाल का करीबी बताया जाता है।

यह भी चर्चा है कि कुछ अधिकारियों का पैसा उनके रियल एस्टेट कारोबार में लगा हो सकता है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल चर्चा के तौर पर ही देखा जा रहा है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिए CRPF के जवान भी तैनात किए गए।

बिल्डरों के ठिकानों पर पहले भी हुई थी कार्रवाई

दुर्ग में सजल जैन और विश्वास गुप्ता के ठिकानों पर इससे पहले ACB की कार्रवाई भी हो चुकी है। इस बार ED की जांच के दौरान क्या बरामद हुआ, इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। अधिकारी मीडिया से बातचीत से बचते रहे।

रायपुर के रवि नगर स्थित रामगोपाल अग्रवाल के करीबी अनूप अग्रवाल के घर पर जांच।

ED की टीम ने दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी कार्रवाई की जानकारी दी। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, विश्वास गुप्ता के ठिकाने पर कई घंटे की पूछताछ के बाद टीम रवाना हुई, जबकि सजल जैन के ठिकाने पर जांच जारी रहने की जानकारी सामने आई।

धमतरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का धरना

धमतरी में रामगोपाल अग्रवाल के घर ED की कार्रवाई का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और ED तथा सरकार के खिलाफ नारे लगाए। मौके पर विधायक, जिलाध्यक्ष और पार्टी के कई नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस प्रवक्ता शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि रामगोपाल अग्रवाल पहले से ED की हिरासत में हैं। ऐसे में उनके परिवार के घर कार्रवाई कर परिजनों को परेशान करना गलत है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और व्यापारी वर्ग में नाराजगी है।

कांग्रेस ने लगाया राजनीतिक बदले का आरोप

विधायक ओंकार साहू ने आरोप लगाया कि रामगोपाल अग्रवाल के परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरे प्रदेश में कार्रवाई का विरोध करेगी। धमतरी कांग्रेस जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने भी केंद्र की एजेंसी के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक द्वेष के कारण केंद्रीय एजेंसी का इस्तेमाल कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को आंदोलन के जरिए आगे उठाएगी। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब अलग से सामने आना बाकी है।

धमतरी में रामगोपाल अग्रवाल के घर दबिश के बाद बाहर कांग्रेस नेता जुटे।

कौन हैं रामगोपाल अग्रवाल?

रामगोपाल अग्रवाल 1980 के दशक में कांग्रेस से जुड़े थे। बाद में वह AICC के सदस्य बने। वर्ष 2013 में उन्हें छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कोषाध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।

20 फरवरी 2023 को छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले ED ने उनके ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इसके बाद 21 जुलाई 2023 को अनुपम नगर स्थित उनके घर और अन्य ठिकानों पर फिर रेड हुई थी।

21 जुलाई 2023 की कार्रवाई के बाद से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे। हालांकि, वर्तमान स्थिति में ED ने उन्हें 11 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किए जाने की आधिकारिक पुष्टि की है।

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ED के अनुसार क्या है शराब घोटाले का मामला?

छत्तीसगढ़ का कथित शराब घोटाला राज्य के बड़े आर्थिक मामलों में शामिल है। ED और EOW की जांच के अनुसार, वर्ष 2019 से 2023 के बीच शराब कारोबार में एक कथित सिंडिकेट सक्रिय था। एजेंसी के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए अवैध कमीशन, बिना हिसाब की शराब की बिक्री और दूसरे माध्यमों से अपराध से हासिल रकम बनाई गई।

ED ने अपनी जांच में करीब 3,000 करोड़ रुपये के अपराध से हासिल धन का दावा किया है। दिसंबर 2025 की ED कार्रवाई में एजेंसी ने इसे करीब 2,883 करोड़ रुपये का अपराध से हासिल धन बताया था। हालांकि, ये जांच एजेंसियों के आरोप और निष्कर्ष हैं। मामले की न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।

रामगोपाल पर ED का क्या आरोप है?

ED की 12 अगस्त 2026 की प्रेस रिलीज के अनुसार, शराब कारोबार में कथित सिंडिकेट से बड़ी मात्रा में नकद रकम पैदा हुई। एजेंसी का दावा है कि इस रकम का एक हिस्सा रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया गया।

ED के मुताबिक, नकद रकम उनके निर्देश पर सिंडिकेट से जुड़े लोगों के जरिए रायपुर स्थित तत्कालीन कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचाई गई। एजेंसी ने यह भी कहा कि उन्हें PMLA की धारा 50 के तहत चार समन जारी किए गए थे, लेकिन वह पेश नहीं हुए। बाद में दर्ज बयान में उनके जवाबों को ED ने संतोषजनक नहीं माना। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला?

छत्तीसगढ़ का कथित कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन घोटाला धान की मिलिंग करने वाले राइस मिलर्स को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि से जुड़ा है। आपके दिए विवरण के अनुसार, वर्ष 2015 से 2023 के बीच प्रोत्साहन राशि बढ़ाने और उसके भुगतान में नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे।

जांच एजेंसी के अनुसार, इससे चुनिंदा राइस मिलर्स को अनुचित लाभ पहुंचाया गया और करीब 127 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता सामने आई। मामले में तत्कालीन अधिकारियों, राइस मिलर्स और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

कस्टम मिलिंग केस की टाइमलाइन

अक्टूबर 2023 में ED को कस्टम मिलिंग से जुड़े 140 करोड़ रुपये से अधिक की कथित वसूली का सुराग मिलने की बात सामने आई। 23 अक्टूबर 2023 को ED ने रायपुर की खुशी वाटिका में मनोज सोनी के घर और राइस मिलर्स के ठिकानों पर कार्रवाई की।

29 जनवरी 2024 को EOW ने मामले में FIR दर्ज की। 1 फरवरी 2024 को EOW ने करीब 3,500 पेज का पहला चालान कोर्ट में पेश किया। अप्रैल 2024 में मनोज सोनी और रोशन चंद्राकर की गिरफ्तारी हुई। 27 मई 2024 को ED ने रोशन चंद्राकर को कोर्ट में पेश किया।

फरवरी 2025 में EOW की ओर से 3,500 पेज के पहले चालान का भी उल्लेख किया गया। 10 जुलाई 2025 को अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को EOW ने औपचारिक रूप से रिमांड पर लिया।

जुलाई 2025 में दोनों को पूछताछ के लिए 11 दिन की रिमांड पर भेजे जाने की जानकारी सामने आई। 21 जुलाई 2025 को पूछताछ की अंतिम तारीख तय होने की बात कही गई थी। जुलाई 2025 में EOW की ओर से दूसरा चालान पेश किए जाने की संभावना भी जताई गई थी।