मऊगंज में बाढ़ का कहर, चार दिन की बारिश ने बदला जिले का नक्शा

मऊगंज में चार दिन से जारी बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। नईगढ़ी में 100 से ज्यादा घर जलमग्न हैं। पाइपलाइन कंपनी का एक कर्मचारी लापता है।

मऊगंज में बाढ़ का कहर, चार दिन की बारिश ने बदला जिले का नक्शा

राजेंद्र पयासी मऊगंज

मऊगंज।
जिले में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश और बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नईगढ़ी कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में एक सैकड़ा से ज्यादा घरों में पानी घुस गया है। कई जगहों पर लोगों के घरों के आंगन और गलियां पानी में डूब गईं। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।सबसे ज्यादा खराब स्थिति नईगढ़ी क्षेत्र में सामने आई है। यहां लगातार बारिश के बाद जलभराव इतना बढ़ गया कि कई घरों में कमर तक पानी पहुंच गया। लोग रातभर जागकर अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाते रहे। अचानक बढ़े पानी से लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

नईगढ़ी में घरों में घुसा पानी, गलियां बनीं तालाब

नईगढ़ी कस्बे में आधा सैकड़ा से ज्यादा घरों में पानी घुसने की जानकारी सामने आई है। कई गलियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। घरों के आंगन में पानी भरने के बाद लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले कई सालों में उन्होंने बारिश और पानी का ऐसा तेज बहाव नहीं देखा।बारिश के चलते बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई, जिससे रात के समय राहत और बचाव कार्य में परेशानी आई। लोग अपने परिवार और जरूरी सामान को सुरक्षित रखने में जुटे रहे।

मवेशी बहे, अनाज और घरेलू सामान भी खराब

तेज पानी के बहाव की चपेट में आने से कई मवेशियों के बहने की भी जानकारी सामने आई है। वहीं घरों में रखा अनाज पानी में भीगकर खराब हो गया। कपड़े, बर्तन और दूसरे जरूरी सामान को भी नुकसान पहुंचा है। कई कच्चे मकानों के ढहने की जानकारी सामने आई है।लगातार बारिश के कारण खेतों में भी पानी भर गया है। फसलों को हुए नुकसान का अभी आंकलन किया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक किसानों को लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका है।

पाइपलाइन कंपनी के दो कर्मचारी फंसे, एक लापता

बाढ़ के पानी में पाइपलाइन कंपनी के कर्मचारी भी फंस गए। नईगढ़ी कस्बे के अष्टभुजा धाम के पास निर्माणाधीन पानी फिल्टर प्लांट के नजदीक तेज पानी के बीच कंपनी के इंजीनियर अर्जित जाना फंस गए।अर्जित जाना कोलकाता के रहने वाले हैं। तेज बहाव के बीच फंसे इंजीनियर को स्थानीय युवकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सुरक्षित बाहर निकाला।वहीं इसी कंपनी में काम करने वाला 21 वर्षीय कर्मचारी आकाश अभी लापता है। आशंका है कि वह तेज पानी के बहाव में बह गया हो, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। उसका मोबाइल फोन भी बंद बताया जा रहा है। आकाश किस जगह और किस स्थिति में है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।लापता कर्मचारी की तलाश में SDRF, होमगार्ड और पुलिस की टीमें नदी किनारे और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा, प्रभावित इलाकों में पहुंच रहा अमला

बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। कलेक्टर, एसपी, तहसीलदार और मुख्य नगर पालिका अधिकारी समेत प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं।निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन की ओर से राहत शिविर तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रभावित परिवारों को भोजन और जरूरी सामान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर की अपील, घबराएं नहीं, सतर्क रहें

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जर्जर भवनों, नदी-नालों और तटबंधों के आसपास जाने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव के लिए टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं।

बारिश जारी रही तो और बिगड़ सकते हैं हालात

मऊगंज जिले में अगर बारिश का दौर आगे भी जारी रहता है तो नदी-नालों का जलस्तर और बढ़ सकता है। इससे निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।फिलहाल प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है। SDRF, होमगार्ड और पुलिस की टीमें लापता कर्मचारी की तलाश के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। वहीं ग्रामीणों की नजर अब बारिश के रुकने और जलस्तर कम होने पर टिकी है।