कूनो में 5 शावकों को जन्म : सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई, देश में चीतों की संख्या बढ़कर हुई 60

5 Cubs Born in Kuno : KJP21, मुखी और KGP12 के बाद भारत में जन्मी तीसरी मादा चीता है। 5 नए शावकों के जन्म से देश में चीता संरक्षण एवं पुनर्स्थापना के प्रयासों को सफलता मिली है। सीएम ने विशेषज्ञों सहित कूनो की पूरी टीम को बधाई दी है।  

कूनो में 5 शावकों को जन्म : सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई, देश में चीतों की संख्या बढ़कर हुई 60

5 Cubs Born in Kuno : मध्य प्रदेश। श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में एक बार फिर किलकारियां गूंजी हैं। यहां भारत में जन्मी मादा चीता KJP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। उनके जन्म के साथ ही इलाके में चारों ओर खुशियों की लहर दौड़ गई है। इसके साथ ही अब भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 60 हो गई है। इनमें 41 भारतीय धरती पर जन्मे चीते शामिल हैं। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और सीएम डॉ. मोहन यादव ने विशेषज्ञों सहित कूनो की पूरी टीम को बधाई दी है। 

तीसरी भारतीय मादा चीता और नई वंशावली

KJP21, मुखी और KGP12 के बाद भारत में जन्मी तीसरी मादा चीता है। पांच नए शावकों के जन्म से देश में चीता संरक्षण एवं पुनर्स्थापना के प्रयासों को सफलता मिली है। इन शावकों का जन्म चीतों की नई पीढ़ी के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

इन पांच शावकों को जन्म देने वाला पिता बोत्सवाना से लाया गया नर चीता है। इस प्रकार इन शावकों के जन्म के साथ भारत में बोत्सवाना वंशावली की शुरुआत हुई है। इससे देश में बढ़ती चीता आबादी में एक नई आनुवंशिक वंशावली का समावेश हुआ है।

चीता पुनर्स्थापना अभियान में जुड़ा एक और अध्याय

भारतीय धरती पर चीतों की एक और पीढ़ी का जन्म प्रोजेक्ट चीता की उल्लेखनीय यात्रा में एक और गौरवपूर्ण अध्याय है। यह उपलब्धि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता संरक्षण के लिए निरंतर किए जा रहे वैज्ञानिक प्रबंधन, निगरानी और संरक्षण प्रयासों को भी रेखांकित करती है। कूनो की पूरी टीम के अथक प्रयासों से यह सफलता मिली है।

सीएम मोहन यादव ने दी बधाई

इस खुशी के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेषज्ञों सहित कूनो की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने प्रोजेक्ट चीता से जुड़े पशु चिकित्सकों, वन अधिकारियों, मैदानी अमले और प्रबंधन टीम के समर्पण को सराहा। उनके प्रतिबद्धता और अथक प्रयासों से भारत में चीता पुनर्स्थापना की यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है। कूनो नेशनल पार्क में यह उपलब्धि चीता संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है।