Sanitation Workers Protest : इंदौर में सफाई कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, 9 सूत्रीय मांगों को लेकर 5 दिन की हड़ताल शुरू
Indore Sanitation Workers Protest : सफाई कर्मचारियों ने आज से पांच दिन के काम बंद आंदोलन का ऐलान किया है। बड़ी संख्या में कर्मचारी नगर निगम आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।
Indore Sanitation Workers Protest : मध्य प्रदेश। स्वच्छता में लगातार आठ साल से नंबर वन रहने वाले इंदौर में अब सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। शहर के सफाई कर्मचारी आज से पांच दिवसीय काम बंद हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों ने नगर निगम आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना देकर अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि पांच दिन की हड़ताल फिलहाल सांकेतिक आंदोलन है। यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
आज से पांच दिन तक काम बंद
दरअसल, इंदौर में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले सफाई कर्मचारियों ने अब अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता अपना लिया है। सफाई कर्मचारियों ने आज से पांच दिन के काम बंद आंदोलन का ऐलान किया है। बड़ी संख्या में कर्मचारी नगर निगम आयुक्त कार्यालय के बाहर पहुंचे और धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ये हैं सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांग
सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि सभी सफाई कर्मचारियों को स्थायी किया जाए और स्थायी तौर पर 5 हजार नए सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए, साथ ही कर्मचारियों ने समान काम के लिए समान वेतन देने की भी मांग रखी है। इसके साथ ही मेडिकल आधार पर कर्मचारी के परिवार के सदस्य को नियुक्ति देने, अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया को सरल बनाने और ठेकेदार एवं एनजीओ प्रथा को बंद करने की मांग की गई है।
नियुक्ति की तारीख से दिया जाए स्थायी कर्मचारी का दर्जा
कर्मचारियों का कहना है कि विनियमित कर्मचारियों को उनकी नियुक्ति की तारीख से ही स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। वही सफाई कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को नियुक्ति देने की मांग भी रखी है। वहीं दीपावली पर बोनस के रूप में एक माह का वेतन देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि पांच दिन की यह हड़ताल फिलहाल सांकेतिक आंदोलन है। यदि इस दौरान उनकी 9 सूत्रीय मांगों पर नगर निगम की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तो कर्मचारी आगे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला करेंगे। ऐसे में लगातार आठ वर्षों से स्वच्छता में देश में अपनी पहचान बनाने वाले इंदौर की सफाई व्यवस्था के सामने अब सफाई कर्मचारियों की हड़ताल एक बड़ी चुनौती बन गई है।

