Navratri Garba 2026 : गरबा में जाने मुस्लिम युवाओं को लेनी होगी अनुमति, वक्फ बोर्ड बोला-तिलक लगाएं, मूर्ति पूजा करें
Navratri Garba 2026 : वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि गरबा में छेड़छाड़ और लव जिहाद जैसे मामले सामने आते हैं। उन्होंने नाम बदलकर गरबा में शामिल होने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने की बात भी कही।
Navratri Garba 2026 : रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम युवाओं से गरबा में शामिल होने पर समिति की अनुमति लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम युवक गरबा में जाएं तो मूर्ति पूजा करें, तिलक लगाएं और कलावा बांधें। अपनी मां और बेटियों के साथ ही जाएं। दूसरे समाज की महिलाओं के साथ गरबा न करें।
गरबा आस्था का विषय, नियमों का पालन जरूरी
डॉ. सलीम राज ने कहा कि गरबा आस्था का विषय है। यह मुस्लिम समाज की आस्था नहीं है। इस्लाम में मूर्ति पूजा का स्थान नहीं है। जब आस्था नहीं तो गरबा में जाने की जरूरत नहीं। गरबा पर्यटन या मनोरंजन का केंद्र नहीं है। अगर शामिल होना है तो नियमों का पालन करें और नाम दर्ज कराएं। उन्होंने छेड़छाड़ और अन्य मामलों का जिक्र करते हुए नाम बदलकर जाने वालों के खिलाफ एफआईआर की बात कही।
बजरंग दल ने आयोजकों को दी चेतावनी
बजरंग दल ने नवरात्रि के गरबा आयोजनों को लेकर आयोजकों को चेतावनी दी है। रायपुर जिला संयोजक भूषण साहू ने कहा कि गरबा धार्मिक आयोजन हैं। इन्हें सिर्फ मनोरंजन का रूप न दिया जाए। धार्मिक मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है। पालन न होने पर संगठन विरोध करेगा।
सुरक्षा और 14 बिंदुओं की मांग
संगठन ने कलेक्टर को आवेदन दिया है। इसमें महिलाओं की सुरक्षा, अलग आने-जाने की व्यवस्था, पहचान पत्र जांच, सीसीटीवी, महिला सुरक्षा कर्मी और शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की मांग की गई है। गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक समेत 14 बिंदुओं पर स्पष्ट निर्देश जारी करने को कहा गया है। विवाद होने पर आयोजक खुद कार्रवाई न करें। तुरंत पुलिस को सूचना दें। आग बचाव, इमरजेंसी एग्जिट और पुलिस बल तैनाती की भी मांग की गई है।

गरबा समितियों के लिए गाइडलाइन की मांग
- हर गरबा पंडाल में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा स्वयंसेवक तैनात किए जाएं। जरूरत के हिसाब से महिला सुरक्षा कर्मियों की भी व्यवस्था की जाए।
- पंडाल में आने-जाने के लिए अलग और व्यवस्थित रास्ते बनाए जाएं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग की जाए।
- महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। छेड़छाड़ या अभद्र व्यवहार की शिकायत के लिए तुरंत शिकायत करने की व्यवस्था हो।
- पंडाल और आने-जाने वाले रास्तों पर पर्याप्त CCTV कैमरे लगाए जाएं। कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच में इसका इस्तेमाल हो सके।
- पंडाल में आने वाले सभी लोगों पर समान सुरक्षा नियम लागू हों। किसी की गतिविधि संदिग्ध लगे या कानून के खिलाफ लगे तो आयोजक खुद उससे विवाद न करें, बल्कि तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना दें।
- गरबा और पूजा कार्यक्रम में धार्मिक मर्यादा और तय पूजा-पद्धति का पालन कराया जाए। आयोजक समिति लगातार कार्यक्रम की व्यवस्था पर नजर रखे।
- पंडाल में अश्लील या आपत्तिजनक गतिविधियों, किसी समुदाय या धर्म के खिलाफ भड़काने वाले नारे, गाने या अन्य सामग्री पर रोक रहे।
- अगर किसी व्यक्ति द्वारा महिलाओं से छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार, मारपीट, धार्मिक भावनाएं भड़काने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की जाती है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी जाए।
- आयोजक समिति अपने मुख्य पदाधिकारियों और सुरक्षा में लगे स्वयंसेवकों की सूची संबंधित पुलिस थाने या प्रशासन को उपलब्ध कराए।
- पंडाल में अग्निशमन उपकरण, बिजली की सुरक्षा, आपातकालीन निकास, प्राथमिक उपचार और भीड़ नियंत्रण की उचित व्यवस्था हो।
- लाउडस्पीकर और दूसरे ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल अनुमति और तय नियमों के मुताबिक ही किया जाए।
- किसी भी तरह की अफवाह, सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट या साम्प्रदायिक तनाव फैलाने वाली गतिविधि पर नजर रखी जाए और ऐसी जानकारी मिलने पर तुरंत प्रशासन को बताया जाए।
- किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से आयोजक या भीड़ खुद पूछताछ या मारपीट न करे। कानून अपने हाथ में लेने के बजाय हर मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए।
- प्रशासन सभी प्रमुख गरबा पंडालों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की जांच करे और जरूरत के अनुसार पुलिस बल तैनात करे।

