यहां जीवन नहीं मिलती है मौत! लक्ष्मी हॉस्पिटल बंद हो, ओनर पर दर्ज हो FIR
भोपाल के पटेल नगर स्थित लक्ष्मी हॉस्पिटल में सागर के एक युवक की मौत के बाद परिजनों ने जमकर बवाल काटा। पुलिस वाहन में तोड़फोड़ करने के साथ जमकर पत्थरबाजी की गई, जिसमें 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
भोपाल। राजधानी के पटेल नगर स्थित लक्ष्मी हॉस्पिटल में एक युवक की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। गुस्साए परिजनों और उनके परिचितों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ कर दी और पुलिस पर भी पथराव कर दिया। इस घटना में एक पुलिसकर्मी के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि तीन अन्य पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
चक्कर आने के बाद बेहोश हुआ युवक
जानकारी के अनुसार मृतक युवक की पहचान लक्ष्मण वंशकार के रूप में हुई है, जो भोपाल के आदमपुर छावनी इलाके का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि उसे पेट से जुड़ी गंभीर समस्या थी। 2 मार्च को अचानक चक्कर आने के बाद वह बेहोश हो गया था। इसके बाद परिजनों ने उसे इलाज के लिए पटेल नगर स्थित लक्ष्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था।

परिजनों को मरीज से मिलने की अनुमति नहीं
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद युवक की हालत के बारे में उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि युवक को साधारण समस्या थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उसे सीधे आईसीयू में भर्ती कर लिया। परिजनों का यह भी आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें मरीज से मिलने तक की अनुमति नहीं दी गई और डॉक्टरों ने बीमारी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
मौत की खबर पर फूटा परिवार वालों का गुस्सा
इसी बीच 4 मार्च की सुबह करीब 10:30 बजे अस्पताल प्रबंधन ने युवक की मौत की सूचना परिजनों को दी। अस्पताल की ओर से मौत का कारण कार्डिएक अरेस्ट बताया गया। लेकिन जैसे ही यह खबर परिजनों तक पहुंची, उनका गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण ही युवक की मौत हुई है।

अस्पताल परिसर में हंगामा और तोड़फोड़
मृतक के परिजन इलाज करने वाले डॉक्टर से मिलना चाहते थे, लेकिन अस्पताल स्टाफ ने बताया कि फिलहाल डॉक्टर अस्पताल में मौजूद नहीं हैं। इस बात से परिजन और अधिक नाराज हो गए और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
गुस्साए लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। अस्पताल परिसर में रखे सामान को नुकसान पहुंचाया गया और बाहर खड़े कुछ वाहनों को भी क्षति पहुंची। स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल स्टाफ ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
उग्र भीड़ ने किया पथराव, 3 पुलिसकर्मी घायल
सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। पुलिस ने परिजनों से कहा कि वे थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि मामले की विधिवत जांच की जा सके। हालांकि इस दौरान भीड़ और ज्यादा उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में एक पुलिसकर्मी के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि तीन अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।

पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों को समझाकर शांत कराया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ देर तक तनाव का माहौल बना रहा। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे बेहतर इलाज की उम्मीद में सागर जिले से करीब 200 किलोमीटर दूर भोपाल आए थे, लेकिन यहां उन्हें इलाज के बजाय अपने परिजन की मौत की खबर मिली। परिजनों का कहना है कि यह केवल मौत नहीं बल्कि लापरवाही के कारण हुई हत्या है।
डॉक्टर की गिरफ्तारी, अस्पताल को बंद करने की मांग
परिजनों ने इलाज करने वाले डॉक्टर की तत्काल गिरफ्तारी, अस्पताल को बंद करने और अस्पताल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में मर्ग कायम किया जाएगा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अस्पताल में हुई तोड़फोड़ और पुलिस पर हुए हमले की भी जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि युवक की मौत के पीछे लापरवाही थी या कोई अन्य कारण। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग प्राइवेट अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहे हैं।
Varsha Shrivastava 
