ईरान का कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला US बोला- सभी हमले नाकाम
ईरान का कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला US बोला- सभी हमले नाकाम अमेरिका ने होर्मुज में ईरानी आइलैंड को निशाना बनाया
अमेरिका और ईरान के बीच 3 जून को तनाव फिर बढ़ गया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के हेडक्वार्टर, मिलिट्री एयरबेस और हेलीकॉप्टरों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए है।

वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ईरान ने क्षेत्रीय देशों की तरफ कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, सभी हमले फेल हो गए। कुवैत पर दागी गई दो मिसाइलें या तो टारगेट से चूक गईं या रास्ते में ही नष्ट कर दी गईं। बहरीन पर दागी गई 3 मिसाइलों को अमेरिकी और बहरीन एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया। दूसरी ओर, अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के केश्म आईलैंड स्थित एक कम्युनिकेशन्स टावर पर अटैक किया। अमेरिकी सेना ने इसे आत्मरक्षा में किया हमला बताया है।
अमेरिका ने होर्मुज के पास एक ऑयल टैंकर पर भी हमला किया है। CENTCOM ने इसका एक ड्रोन वीडियो भी जारी किया। बोत्सवाना के झंडे वाले इस ऑयल टैंकर से आग की लपटें निकलती दिखाई दीं। अमेरिकी नाकेबंदी के हमले का शिकार हुआ यह टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से ईरान के खार्ग आइलैंड की तरफ जा रहा था।

WFP- साइबर हमले में गाजा के 6 लाख परिवारों का डेटा लीक
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम यानी WFP ने बताया की गाजा के करीब 6 लाख फिलिस्तीनी परिवारों की निजी जानकारी एक साइबर हमले में लीक हो गई है। यह डेटा उस सेल्फ-रजिस्ट्रेशन ऐप से जुड़ा था, जिसके जरिए लोग खाद्य और नकद सहायता पाने के लिए आवेदन करते थे। WFP ने कहा कि लीक हुई निजी जानकारी में नाम, पहचान पत्र नंबर, मोबाइल नंबर और लोकेशन डेटा शामिल हैं।
अमेरिका-ईरान टकराव के बाद तेल की कीमतों में उछाल
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बुधवार सुबह कच्चे तेल की कीमतों में 1% से ज्यादा तेजी आई। ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.05 डॉलर यानी 1.09% बढ़कर 97.05 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड 1.01 डॉलर यानी 1.08% चढ़कर 94.77 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
लेबनान में इजराइली हमले बढ़ने से UN की संस्था पर सवाल उठे
दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना के आगे बढ़ने के बाद संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन UNIFIL की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पिछले हफ्ते इजराइली सैनिक लेबनान के अंदर पहले से ज्यादा आगे तक पहुंच गए। इसके बाद कई लोगों ने पूछा कि अगर UNIFIL का काम शांति बनाए रखना है, तो वह इजराइली सेना को आगे बढ़ने से क्यों नहीं रोक सका। UNIFIL संयुक्त राष्ट्र का एक शांति मिशन है, जिसे दक्षिणी लेबनान में युद्धविराम की निगरानी और शांति बनाए रखने के लिए तैनात किया गया है। लेकिन लंबे समय से इस मिशन को दोनों पक्षों की आलोचना झेलनी पड़ रही है। इजराइल का आरोप है कि UNIFIL हिजबुल्लाह की सैन्य गतिविधियों को रोकने में नाकाम रहा है। वहीं हिजबुल्लाह और उसके समर्थकों का कहना है कि UNIFIL की कुछ गतिविधियां इजराइल के हितों के मुताबिक काम करती हैं।

कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर फिर ईरानी ड्रोन हमला
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि ईरान ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी बलों पर फिर ड्रोन हमले किए। हालांकि, सारे हमले नाकाम हो गए। CENTCOM के मुताबिक, अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ड्रोन को मार गिराया और किसी अमेरिकी सैनिक या सैन्य संसाधन को नुकसान नहीं हुआ।
हिजबुल्लाह का दावा- दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना पर 13 हमले
हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना पर 13 हमले किए। संगठन के मुताबिक, इन हमलों में सैनिक जमावड़ों, सैन्य वाहनों और कमांड पोस्ट को निशाना बनाया गया। हिजबुल्लाह ने बयान में कहा कि उसके लड़ाकों ने रॉकेट, आर्टिलरी, गाइडेड मिसाइल और अटैक ड्रोन का इस्तेमाल कर इजराइली सेना की आगे बढ़ने की कोशिशों को रोका। संगठन के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में दोनों पक्षों के बीच भारी संघर्ष हुआ, जहां इजराइली सेना ने घुसपैठ बढ़ाई है।
हद्दाथा और अल-बलू इलाके में हिजबुल्लाह ने कई इजराइली मर्कावा टैंकों को निशाना बनाने और एक सैन्य वाहन के पास विस्फोटक डिवाइस उड़ाने का दावा किया। संगठन का कहना है कि इसके बाद इजराइली सैनिकों को अपनी कार्रवाई रोकनी पड़ी और एयर स्ट्राइक के सहारे पीछे हटना पड़ा। बयान में यह भी कहा गया कि दक्षिणी लेबनान के ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट कैसल और बिय्यादा कस्बे के आसपास तैनात इजराइली बलों पर भी मिसाइल और रॉकेट हमले किए गए। हिजबुल्लाह के मुताबिक, इन हमलों में एक कमांड मुख्यालय और बख्तरबंद यूनिट्स को निशाना बनाया गया।

