13 साल की उम्र से शुरू हुआ नरक! ब्रिटिश संसद में गूंजी ग्रूमिंग गैंग पीड़ितों की दर्दनाक दास्तान

ब्रिटेन की संसद में सांसद रूपर्ट लोव ने ग्रूमिंग गैंग कांड की पीड़िताओं की दर्दनाक गवाही पढ़कर देशभर में नई बहस छेड़ दी। सुनवाई के दौरान सामने आए आरोपों में सामूहिक दुष्कर्म, हिंसा, धमकी, ड्रग्स और संगठित यौन शोषण की भयावह कहानियां शामिल हैं।

13 साल की उम्र से शुरू हुआ नरक! ब्रिटिश संसद में गूंजी ग्रूमिंग गैंग पीड़ितों की दर्दनाक दास्तान

ब्रिटेन की संसद में एक बार फिर 'ग्रूमिंग गैंग' (Grooming Gang) के खौफनाक चेहरे को लेकर बहस छिड़ गई है। ब्रिटिश सांसद रूपर्ट लोव (Rupert Lowe) ने संसद में अपने भाषण के दौरान इस महापाप का शिकार हुईं पीड़ितों की जो गवाहियां पढ़कर सुनाईं, उसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। सांसद लोव ने दावा किया कि ब्रिटेन के कम से कम 85 इलाकों में संगठित बाल यौन शोषण के गहरे संकेत मिले हैं। इन मामलों में ज्यादातर आरोपी पाकिस्तानी मूल के बताए जा रहे हैं, जो दशकों से इस खौफनाक नेटवर्क को चला रहे हैं।

झकझोर देने वाली दास्तां: 3 साल में 700 दरिंदे..
संसद में पीड़ित लड़कियों की जो आपबीती पढ़ी गई, उनमें सामूहिक दुष्कर्म, हिंसा, ड्रग्स देकर पिंजरों में कैद करने और नस्लीय अपमान जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

  • केस 1: एक पीड़िता ने गवाही में बताया, "यह नरक तब शुरू हुआ जब मैं महज 13 साल की थी। अगले तीन साल में लगभग 600 से 700 अलग-अलग पुरुषों ने मेरा रेप किया।"
  • केस 2: एक अन्य पीड़ित ने बताया, "जब मैं 12-13 साल की थी, तब आरोपी ने रेप के बाद जबरदस्ती मेरे प्राइवेट पार्ट में कांच की बोतल डाली और उसे अंदर ही तोड़ दिया।"
  • केस 3: एक पीड़ित महिला ने सीधे सिस्टम पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में खुद कई पुलिस अधिकारियों ने उसका रेप किया।

'श्वेत और ईसाई' लड़कियों को निशाना बनाने का पैटर्न..
जांच के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला धार्मिक और नस्लीय एंगल भी सामने आया है। एक पीड़िता ने बताया कि आरोपी लगातार ऐसी टिप्पणियां करते थे, जिससे साफ था कि वे श्वेत (White) और ईसाई (Christian) लड़कियों को कम नैतिक या निचले दर्जे का मानते थे। वे मुस्लिम लड़कियों को इज्जतदार बताते थे और इस मानसिकता के तहत गैर-मुस्लिम नाबालिग लड़कियों के साथ किए जा रहे इस घिनौने व्यवहार को सही ठहराते थे।

क्या होता है 'ग्रूमिंग गैंग'..
ब्रिटेन में 'ग्रूमिंग गैंग' शब्द का इस्तेमाल ऐसे अपराधियों के नेटवर्क के लिए किया जाता है जो नाबालिग और कमजोर लड़कियों को निशाना बनाते हैं।

काम करने का तरीका..
ये गैंग पहले तोहफों, पैसों या सहानुभूति के जरिए लड़कियों का भरोसा जीतते हैं (इसे ग्रूमिंग कहा जाता है)। इसके बाद उन्हें ड्रग्स, ब्लैकमेल, हिंसा और जान से मारने की धमकी देकर भयानक यौन शोषण के दलदल में धकेल दिया जाता है।

पाकिस्तानी कनेक्शन..
ब्रिटेन के रोदरहम, रोशडेल, ओल्डहैम और टेलफोर्ड जैसे शहरों में हुई जांचों में यह बात सामने आ चुकी है कि इन संगठित गैंग्स में शामिल अधिकांश आरोपी पाकिस्तानी मूल के हैं।

दशकों पुराना है यह दर्द, सिस्टम भी रहा खामोश..
यह मामला नया नहीं है। साल 2002 में पहली बार तत्कालीन सांसद ऐन क्रायर ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तानी मूल के पुरुषों का गैंग लड़कियों का शोषण कर रहा है। इसके बाद 2010 में रोदरहम कांड के सामने आने पर दुनिया हैरान रह गई थी, जहां हजारों बच्चियां इसका शिकार पाई गईं।संसद में यह भी बात सामने आई कि सिस्टम ने भी इन पीड़ितों की अनदेखी की। एक पीड़िता के मुताबिक, जब वह घायल हालत में अस्पताल पहुंची और कर्मचारियों को अपनी आपबीती बताई, तो उन्होंने डर या लापरवाही के चलते कोई सवाल नहीं पूछा और बस दवा देकर छुट्टी दे दी।

सांसद रूपर्ट लोव का कड़ा रुख..
ब्रिटेन के इतिहास के इस काले पन्ने पर अब और चुप नहीं रहा जा सकता। इसकी गहराई और आरोपियों की संख्या हमारे अनुमान से कहीं ज्यादा है, जिसे पूरी दुनिया के सामने लाना बेहद जरूरी है।