फिर फूटी नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन: इंदौर में 24 घंटे का जलसंकट, 40% शहर की पानी सप्लाई प्रभावित होने के आसार

इंदौर में भीषण गर्मी के बीच एक बार फिर नर्मदा जल प्रदाय योजना की मुख्य पाइपलाइन फूटने से जलसंकट गहरा गया है। महू क्षेत्र के पास प्रथम चरण की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण जलूद से इंदौर तक पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

फिर फूटी नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन: इंदौर में 24 घंटे का जलसंकट, 40% शहर की पानी सप्लाई प्रभावित होने के आसार

इंदौर। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच इंदौर वासियों के लिए बेहद बुरी और चिंताजनक खबर है। शहर की जीवनरेखा कही जाने वाली नर्मदा जल प्रदाय योजना की मुख्य पाइपलाइन एक बार फिर फूट गई है। इस बड़े हादसे के कारण अगले 24 से 36 घंटों के लिए शहर पर गंभीर जलसंकट का साया मंडरा गया है। पाइपलाइन फटने से करीब 40 फीसदी शहर में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप होने के आसार हैं। नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुट गई हैं, लेकिन सप्लाई सामान्य होने में काफी समय लग सकता है।

महू के पास फूटी लाइन, लाखों लीटर पानी हुआ बर्बाद
मिली जानकारी के मुताबिक, महू क्षेत्र के पास नर्मदा परियोजना के प्रथम चरण (First Phase) की मुख्य पाइपलाइन अचानक क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन फूटते ही वहां ऊंचे फव्वारे उठने लगे और देखते ही देखते लाखों लीटर साफ पानी सड़क और आस-पास के खेतों में बह गया। इस तकनीकी खराबी के कारण जलूद पंपिंग स्टेशन से इंदौर की तरफ होने वाली मुख्य जल आपूर्ति को तुरंत रोकना पड़ा है।

बायपास और BRTS कॉरिडोर से जुड़े इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित
गर्मी के इस सीजन में जब शहर में पानी की मांग पहले से ही चरम पर है, तब इस बड़े फाल्ट ने नगर निगम की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस मुख्य लाइन के बंद होने का सीधा असर शहर की 51 बड़ी पानी की टंकियों पर पड़ेगा।

मुख्य रूप से प्रभावित होने वाले क्षेत्र:

  1. बायपास से सटी तमाम कॉलोनियां
  2. बीआरटीएस (BRTS) कॉरिडोर से जुड़े इलाके
  3. पूर्वी और मध्य इंदौर के कई प्रमुख रिहायशी क्षेत्र

इन टंकियों के न भरने के कारण शुक्रवार और शनिवार को शहर के लगभग 40 प्रतिशत हिस्से में या तो पानी की सप्लाई बिल्कुल नहीं होगी, या फिर बेहद कम दबाव (Low Pressure) से पानी मिलेगा।

युद्धस्तर पर सुधार कार्य जारी, लेकिन लगेगा लंबा वक्त
हादसे की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम कमिश्नर और जलकार्य प्रभारी ने तकनीकी अमले को तुरंत मौके पर रवाना किया। भारी मशीनों और क्रेन की मदद से वेल्डिंग और पाइप बदलने का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि भारी दबाव वाली इस मुख्य लाइन को सुधारने, कंक्रीट सेट होने और उसके बाद दोबारा जलूद से पानी को इंदौर तक पंप कर टंकियों को भरने की पूरी प्रक्रिया में कम से कम 24 से 30 घंटे का समय लगेगा।

निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे उपलब्ध पानी का बेहद किफायत से इस्तेमाल करें और संकट के इस दौर में सहयोग करें।

क्या कहना है जिम्मेदार अधिकारियों का?
महू के पास प्रथम चरण की मेन लाइन डैमेज हुई है। हमारी तकनीकी टीम और इंजीनियर मौके पर मौजूद हैं और युद्धस्तर पर वेल्डिंग व मरम्मत का काम किया जा रहा है। चूंकि यह मुख्य लाइन है, इसलिए बीआरटीएस और बायपास क्षेत्र की करीब 51 टंकियों का शेड्यूल्ड जलप्रदाय प्रभावित होगा। हम कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द काम पूरा कर सप्लाई बहाल की जाए- अभिषेक उर्फ बबलू शर्मा, जलकार्य समिति प्रभारी, इंदौर

नर्मदा लाइन में आई तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए निगम का अमला लगातार काम कर रहा है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद जलूद से पानी को दोबारा टंकियों तक पहुंचाने में समय लगेगा, जिसके कारण लगभग 40 फीसदी शहर में जल वितरण प्रभावित रहने की आशंका है। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं- क्षितिज सिंघल, आयुक्त, नगर निगम इंदौर