अवध ओझा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, बोले- विपक्ष के नेता का काम सिर्फ हंसाना नहीं
अवध ओझा ने राहुल गांधी की विपक्ष के नेता के तौर पर भूमिका पर सवाल उठाए. उन्होंने CJP, AAP कनेक्शन और स्वतंत्रता दिवस समारोह में कांग्रेस नेताओं की गैर-मौजूदगी पर भी अपनी राय रखी.
नई दिल्ली: छात्रों के बीच ‘ओझा सर’ के नाम से मशहूर शिक्षाविद अवध ओझा ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लेकर अपनी राय रखी है. उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणी, स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं की गैर-मौजूदगी और विपक्ष की भूमिका जैसे मुद्दों पर बात की.अवध ओझा ने राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता की भूमिका सिर्फ लोगों को हंसाने तक सीमित नहीं हो सकती. उनके मुताबिक विपक्ष को देश के सामने अपनी सोच और दिशा भी रखनी चाहिए.उन्होंने कहा कि आज की Gen-Z काफी समझदार है. युवा किसी बयान पर हंस सकते हैं, लेकिन हर बात को गंभीरता से लें, यह जरूरी नहीं. उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि अगर विपक्ष की भूमिका सिर्फ लोगों का मनोरंजन करने तक रह जाए तो यह किसी कॉमेडी शो जैसा हो जाएगा.
राहुल गांधी से इस बात पर असहमत हैं अवध ओझा
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं की गैर-मौजूदगी पर भी अवध ओझा ने सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और एक समझदार व्यक्ति हैं, लेकिन राष्ट्रीय पर्व के मामले में राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों को अलग रखना चाहिए.अवध ओझा के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस किसी एक पार्टी का कार्यक्रम नहीं है. यह पूरे देश का राष्ट्रीय अवसर है, इसलिए सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को इसमें शामिल होना चाहिए.उन्होंने कहा कि विचारधारा को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इन्हें दुश्मनी में नहीं बदलना चाहिए.
पीएम मोदी के दूसरे नेताओं को गले लगाने पर क्या बोले?
अवध ओझा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्षों को गले लगाने को लेकर भी सवाल किया गया. इस पर उन्होंने इसे गलत मानने से इनकार किया.उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों के नेता एक-दूसरे से मुलाकात के दौरान गले मिलते हैं और इसमें कोई गलत बात नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी पर जबरदस्ती अपना व्यवहार नहीं थोपा जाना चाहिए.
CJP और AAP के कनेक्शन पर भी बोले
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी CJP और आम आदमी पार्टी के बीच कथित संबंधों को लेकर पूछे गए सवाल पर अवध ओझा ने कहा कि उन्हें ऐसा कोई सीधा कनेक्शन नहीं लगता.उन्होंने माना कि आम आदमी पार्टी की तरफ से CJP को समर्थन मिला है, लेकिन इसे सीधे तौर पर दोनों के बीच राजनीतिक कनेक्शन के तौर पर देखना उन्हें सही नहीं लगता.अवध ओझा ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली भाषा पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि समाज पर फिल्मों और साहित्य का असर पड़ता है और अगर फिल्मों में अभद्र भाषा दिखाई जाती है, तो युवा भी उससे प्रभावित हो सकते हैं.
CJP के भविष्य को लेकर दी ये सलाह
अवध ओझा ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के उभरने को युवाओं की राजनीतिक भागीदारी के लिहाज से सकारात्मक कदम बताया. हालांकि, उन्होंने संगठन को सलाह दी कि युवाओं के साथ कुछ अनुभवी लोगों को भी जोड़ा जाना चाहिए.उन्होंने कहा कि युवाओं में ऊर्जा, उत्साह और सोच है, लेकिन उन्हें सही दिशा देने के लिए एक वरिष्ठ और अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन मंडल बनाया जा सकता है. इससे संगठन को आगे काम करने और अपनी रणनीति तय करने में मदद मिलेगी.
Anubhav Dubey 
