उज्जैन शाही मस्जिद मामला : इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई, 3 फीट हिस्सा ही तोड़ने की मांग

Ujjain Shahi Masjid Case : हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नई कमिटी की ओर से भी एक याचिका दायर की गई थी, लेकिन प्रशासन के साथ बातचीत के बाद उसे वापस ले लिया गया।

उज्जैन शाही मस्जिद मामला : इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई, 3 फीट हिस्सा ही तोड़ने की मांग

Ujjain Shahi Masjid Case : मध्य प्रदेश। उज्जैन में शाही मस्जिद के बाधक हिस्से को हटाने के मामले में दायर रिट अपील पर आज अदालत में सुनवाई हुई। 9 सितंबर को दायर याचिका को मास्टर प्लान की सड़क का हवाला देते हुए खारिज किए जाने के बाद एडवोकेट अशहर वारसी की ओर से इस फैसले के खिलाफ रिट अपील दायर की गई थी। जिसकी आज सुनवाई के दौरान मस्जिद का केवल 3 फीट हिस्सा हटाने और नगर निगम द्वारा पूर्व में दिए गए टीडीआर और एफएआर के आश्वासनों का पूरी तरह पालन कराने की मांग अदालत के सामने रखी गई। वहीं, नई कमिटी की ओर से दायर याचिका को प्रशासन से बातचीत के बाद वापस ले लिया गया।

दरअसल, उज्जैन में सिंहस्थ मेले के मद्देनजर मास्टर प्लान के तहत सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसी के तहत सड़क में बाधक निर्माणों को हटाने की कार्रवाई नगर निगम द्वारा की जा रही है। शाही मस्जिद के निर्माण को लेकर भी इसी कार्रवाई के तहत विवाद सामने आया है। 

इस मामले में 9 सितंबर को एक याचिका दायर की गई थी, जिसे मास्टर प्लान की सड़क का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया था। इसके बाद एडवोकेट अशहर वारसी की ओर से फैसले के खिलाफ रिट अपील दायर की गई।

आज हुई सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि मस्जिद का केवल 3 फीट हिस्सा ही हटाया जाए, जिसको लेकर पहले भी चर्चा हो चुकी थी। इसके साथ ही नगर निगम द्वारा पूर्व में दिए गए टीडीआर और एफएआर से जुड़े आश्वासनों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के लिए अदालत से आदेश देने की मांग की गई। सुनवाई के दौरान नई कमिटी की ओर से भी एक याचिका दायर की गई थी, लेकिन प्रशासन के साथ बातचीत के बाद उसे वापस ले लिया गया।

गौरतलब है कि इसी मास्टर प्लान सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के तहत कल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पैतृक घर के बाधक हिस्से को भी हटाया गया था। मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की।