उज्जैन: 200 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 3 साल के मासूम की मौत, 22 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म
उज्जैन जिले के बड़नगर में 22 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 200 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 3 साल के भागीरथ को बाहर निकाला गया पर मासूम की जान नहीं बच पाई।
उज्जैन। जिले के बड़नगर क्षेत्र में 200 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 3 साल के मासूम की जान नहीं बच पाई। करीब 22 घंटे तक चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्चे के शव को बाहर निकाला गया। गुरुवार शाम करीब 7 बजे 3 साल का मासूम भागीरथ देवासी 200 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। रेस्क्यू टीमों ने दिन-रात बिना रुके मेहनत की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी। बच्चे के शव को बड़नगर के सरकारी अस्पताल भेजा गया है।

भागीरथ अपने परिवार के साथ पाली जिले से भेड़ चराने के लिए यहां आया था। घटना के समय वह घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान उसने पत्थर से बोरवेल का ढक्कन हटाया और गलती से उसमें गिर गया। मां ने उसे गिरते हुए देखा और बचाने की कोशिश भी की, लेकिन बच्चा गहराई में जा चुका था।

घटना की सूचना मिलते ही National Disaster Response Force (NDRF) और State Disaster Response Force (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं। चार जिलों से आई रेस्क्यू टीमों ने लगातार 22 घंटे तक अभियान चलाया। बच्चे को निकालने के लिए पाइप, रस्सी और बोरवेल की मोटर निकालने वाली मशीन का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, 5 पोकलेन मशीनों की मदद से करीब 25 फीट तक समानांतर खुदाई भी की गई।

उज्जैन के एसपी प्रदीप मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर खुले और असुरक्षित बोरवेलों की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है।
Varsha Shrivastava 
