रीवा: नशीली सिरप जब्ती मामले में 3 पुलिसकर्मी निलंबित, सोने के जेवरात में हेराफेरी का खुलासा

मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची, जिसके बाद जांच कराई गई और तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।

रीवा: नशीली सिरप जब्ती मामले में 3 पुलिसकर्मी निलंबित, सोने के जेवरात में हेराफेरी का खुलासा

रीवा। जिले के मनगवां क्षेत्र में नशीली सिरप जब्ती के दौरान पुलिस ने जो सामान बरामद किया था, उसमें हेराफेरी करने का मामला सामने आया है। मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची, जिसके बाद जांच कराई गई और तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, मनगवां पुलिस ने 11 फरवरी को आरोपी सुभाष मिश्रा उर्फ दादू और राहुल तिवारी को कार से 31 शीशी नशीली सिरप के साथ गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के दौरान आरोपी के घर पर भी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस को सोने के आभूषण और नकदी भी मिली, लेकिन इसे रोजनामचे में दर्ज नहीं किया गया।

आरोपी के परिजनों ने इस मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की, जिसके बाद जांच शुरू हुई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि पुलिस ने बरामद आभूषण और नकदी को रिकॉर्ड में दर्ज नहीं कर कार्रवाई में हेराफेरी की। मामले में शामिल थाना प्रभारी निरीक्षक गजेंद्र सिंह धाकड़, आरक्षक विजय यादव और आरक्षक बृजकिशोर अहिरवार को निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि पुलिस कर्मियों की यह कार्रवाई कानून और नियमों के खिलाफ थी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना जिले में पुलिस की छवि और कार्रवाई में पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोषियों को निलंबित किया, जिससे यह संदेश गया कि सरकारी कर्मचारियों के कार्यों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। इस पूरे मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नशीली दवाओं और अन्य अवैध वस्तुओं की जब्ती के समय पुलिस को निष्पक्ष और पारदर्शी रहना अनिवार्य है।