पंजाब सरकार ने राघव चड्ढा की Z+ सुरक्षा छीनी

पंजाब सरकार ने Raghav Chadha की सुरक्षा वापस ले ली है। AAP नेताओं ने दावा किया कि उन्हें जल्द केंद्र से Z+ सिक्योरिटी मिल सकती है, जिससे सियासी विवाद और गहरा गया है।

पंजाब सरकार ने राघव चड्ढा की Z+ सुरक्षा छीनी

आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच बढ़ते विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने चड्ढा को दी गई Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। यह सुरक्षा पंजाब पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई जा रही थी। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि अब केंद्र सरकार चड्ढा को Z+ सुरक्षा देगी। उन्होंने सवाल उठाया, “सांसद हमारा है, फिर केंद्र इतनी मेहरबानी क्यों कर रहा है.

सुरक्षा हटाए जाने के बाद केंद्र ने दिल्ली पुलिस को चड्ढा को अस्थायी सुरक्षा देने का निर्देश दिया है। जल्द ही केंद्र से Z+ सुरक्षा मिलने की संभावना है। चड्ढा के करीबी सूत्रों का कहना है कि अभी केंद्र से औपचारिक सुरक्षा नहीं मिली है, लेकिन प्रक्रिया तेज है।

विवाद की शुरुआत..
उपनेता पद से हटाया गया, यह घटनाक्रम 2 अप्रैल को शुरू हुआ, जब AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता (Deputy Leader) के पद से हटा दिया। उनकी जगह पंजाब के सांसद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर बताया कि अब चड्ढा को AAP कोटे से बोलने का समय न दिया जाए। इसके बाद चड्ढा ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “मुझे खामोश किया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं। मेरी खामोशी को हार मत समझना। मैं वो दरिया हूं, जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।

AAP नेताओं का पलटवार..
चड्ढा के वीडियो के जवाब में AAP के कई बड़े नेता सामने आए। सौरभ भारद्वाज, आतिशी, अनुराग ढांडा और पंजाब CM भगवंत मान ने आरोप लगाया कि केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय चड्ढा UK में आंखों के ऑपरेशन की बात कहकर चले गए थे। उन्होंने कहा कि चड्ढा संसद में केंद्र सरकार या PM मोदी से सवाल नहीं पूछते, मोदी से डरते हैं और समोसे के दाम जैसे छोटे मुद्दे उठाते हैं। कुछ नेताओं ने यहां तक कहा कि चड्ढा ने PM मोदी और BJP की आलोचना वाले पुराने पोस्ट डिलीट कर दिए हैं।

चड्ढा का जवाब..
स्क्रिप्टेड कैंपेन और पंजाब के मुद्दे, राघव चड्ढा ने लगातार वीडियो जारी कर जवाब दिया। 4 अप्रैल को उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ “स्क्रिप्टेड कैंपेन” चलाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वे संसद में शोर मचाने या माइक तोड़ने नहीं गए, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने गए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “घायल हूं, इसलिए घातक हूं।” 5 अप्रैल को एक और वीडियो में चड्ढा ने पंजाब के मुद्दों पर संसद में अपनी बात रखने के क्लिप साझा किए और लिखा, “पंजाब मेरे लिए सिर्फ विषय नहीं, मेरा घर, कर्तव्य, मिट्टी और आत्मा है।

उन्होंने रॉबर्ट ग्रीन की किताब ‘द 48 लॉज ऑफ पावर’ का एक पन्ना भी शेयर किया, जिसमें लिखा था कि बॉस से ज्यादा चमकने की कोशिश न करें, वरना उल्टा असर होता है। इससे पार्टी में असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है।



क्या है पूरा मामला..
राघव चड्ढा AAP के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। वे 2012-13 में अन्ना हजारे के इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन से जुड़े थे। पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए चड्ढा को पहले पार्टी में अहम भूमिका मिली थी, लेकिन हाल के महीनों में उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरी बढ़ती गई। पार्टी आरोप लगाती है कि चड्ढा पंजाब के मुद्दे ठीक से नहीं उठाते और राष्ट्रीय मुद्दों पर भी नरम रुख रखते हैं। वहीं चड्ढा इसे “राजनीतिक साजिश” और “खामोश करने की कोशिश” बता रहे हैं। सुरक्षा हटाए जाने की घटना ने इस आंतरिक कलह को और सार्वजनिक कर दिया है।

वर्तमान में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। AAP का कहना है कि चड्ढा अभी भी पार्टी के सदस्य हैं, लेकिन केंद्र द्वारा सुरक्षा दिए जाने पर सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर चड्ढा के समर्थक इसे पार्टी की “असुरक्षा” का संकेत बता रहे हैं। पंजाब की राजनीति में नया अध्याय: यह विवाद पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले AAP के अंदरूनी हालात को उजागर कर रहा है। दोनों पक्षों की बयानबाजी जारी है और आगे क्या होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।