नीट पेपर लीक मामले में छात्रा ने नागपुर में की आत्महत्या
मऊगंज की होनहार छात्रा ने नीट परीक्षा पेपर लीक से आहत होकर नागपुर में की आत्महत्या
राजेंद्र पयासी मऊगंज: जिले की एक होनहार छात्रा ने नीट परीक्षा पेपर लीक से आहत होकर 25 मई को नागपुर में आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। आकांक्षा एक मेधावी छात्रा थी और उसे नीट परीक्षा में लगभग 650 अंक प्राप्त होने की उम्मीद थी। लेकिन जिस परीक्षा व्यवस्था पर लाखों विद्यार्थियों का भविष्य निर्भर करता है, उसी व्यवस्था में हुई कथित अनियमितताओं, लापरवाही और भ्रष्टाचार ने एक प्रतिभाशाली बेटी की जान ले ली। पीड़ित छात्रा के पिता गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।
घटना की जानकारी होने के बाद राष्ट्रीय छात्र संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ एवं कांग्रेस पार्टी के इन्दौर जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े रीवा पहुंचे तथा मऊगंज जिले के नईगढ़ी क्षेत्र अंतर्गत छात्रा के गृह ग्राम पुरवा ग्राम पंचायत के मगनियां गांव जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार के सदस्यों से घटना की जानकारी प्राप्त की और उनका हालचाल जाना। परिवार ने बताया कि छात्रा की उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उसके पिता ने किसान क्रेडिट कार्ड यानी केसीसी के माध्यम से लगभग 3 लाख रुपए का ऋण लिया था। परिवार का कहना है कि नीट परीक्षा में हुए पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली पर उठे गंभीर सवालों के कारण छात्रा मानसिक रूप से अत्यंत आहत थी। इस दुखद घटना के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है। इस पर एनएसयूआई राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निर्देशानुसार एनएसयूआई द्वारा परिवार को तत्काल राहत के रूप में किसान क्रेडिट कार्ड के ऋण की राशि में से 2,50,000 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है तथा शेष राशि भी शीघ्र उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर विनोद जाखड़ ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या छात्रों की जान और उनका भविष्य सरकार के लिए कोई मायने नहीं रखता? उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक केवल एक परीक्षा में हुई गड़बड़ी नहीं है, बल्कि यह लाखों मेहनती छात्रों के सपनों, संघर्षों और उनके विश्वास की हत्या है। जिन परिवारों ने इस प्रकार की अव्यवस्था और अन्याय के कारण अपने बच्चों को खोया है, उनके दर्द को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई भारत सरकार से मांग करती है कि पीड़ित परिवार को 5 करोड़ रुपए का आर्थिक मुआवजा, परिवार के भाई-बहनों में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा परिवार के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। विनोद जाखड़ ने कहा कि एनएसयूआई इस दुख की घड़ी में प्रत्येक पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। संगठन देशभर में पेपर लीक माफिया और शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) पर कार्रवाई की मांग को लेकर संगठन का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

रीवा आगमन पर यूथ कांग्रेस रीवा के जिला अध्यक्ष अनूप सिंह चंदेल के नेतृत्व में एनएसयूआई राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाकड़ का चोरहटा बायपास में गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। इसके अतिरिक्त कॉलेज चौराहा एवं मनगवां एवं मऊगंज में भी उनका भव्य स्वागत किया गया।
जिला कांग्रेस कमेटी मऊगंज के अध्यक्ष हरिलाल कोल, पूर्व जिला अध्यक्ष पद्मेश गौतम, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नईगढ़ी के अध्यक्ष एडवोकेट अखिलेश पटेल, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मऊगंज के अध्यक्ष मृत्युंजय चतुर्वेदी एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मंजुल त्रिपाठी, एनएसयूआई रीवा जिला अध्यक्ष पंकज उपाध्याय, एनएसयूआई मध्यप्रदेश के प्रदेश सचिव रवि सुमित सिंह, यूथ कांग्रेस के विष्णु सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।
डॉक्टर बनने का सपना टूटा,पेपर लीक की खबरों ने तोड़ दिया मनोबल
समीक्षा का सपना डॉक्टर बनकर अपने किसान पिता का नाम रोशन करना था, लेकिन नीट में कथित पेपर लीक की खबरों ने उसकी उम्मीद तोड़ दी। पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी एक सीमित संसाधनों वाले किसान हैं। बेटी को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए वे परिवार सहित नागपुर शिफ्ट हो गए थे। हृदय रोगी होने और बाईपास सर्जरी के बावजूद वे रोजाना 18 घंटे तक कड़ी मेहनत करते रहे,उनकी एक ही इच्छा थी कि बेटी डॉक्टर बने।
परिजनों ने बताया कि समीक्षा बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल थी। नीट की तैयारी के लिए उसने दिन रात एक कर दिया था। परीक्षा देकर लौटने के बाद उसने पिता को गले लगाकर कहा था, पापा, आपकी बेटी अब डॉक्टर बनेगी। मेरा पेपर बहुत अच्छा गया है। कुछ दिन बाद जब मीडिया में नीट पेपर लीक संबंधी खबरें आने लगीं, तो समीक्षा भीतर से टूट गई। परिवार का कहना है कि उसे लगने लगा कि उसकी वर्षों की मेहनत बेकार हो गई। तथाकथित सिस्टम से भरोसा उठने और भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण वह गहरे अवसाद में चली गई और शायद इसी मानसिक तनाव के चलते उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
कब तक कुचले जाएंगे गरीब के सपने- नृपेन्द्र सिंह पिंटू
घटना की जानकारी मिलते हैं जिला कांग्रेस कमेटी मऊगंज के उपाध्यक्ष एवं पूर्व जनपद उपाध्यक्ष नृपेन्द्र सिंह पिंटू समीक्षा के गृह गांव मगनिया पहुंचकर परिवारजनों से मिले और परिवार को ढांढ़स बंधाया। उन्होंने कहा कि समीक्षा की मौत ने कई यक्ष प्रश्न खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि कब तक मेहनती छात्र पेपर लीक माफिया का शिकार बनते रहेंगे? क्या गरीब किसान के बच्चों के सपने यूं ही कुचले जाते रहेंगे?परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और फुलप्रूफ बनाने के लिए सरकार कब ठोस कदम उठाएगी? समीक्षा का अधूरा सपना आज भी न्याय मांग रहा है।


