ऑपरेशन सिंदूर से सिंधु जल संधि तक… राष्ट्रपति मुर्मू का पाकिस्तान को कड़ा संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ऑपरेशन सिंदूर, आतंकवाद, सिंधु जल संधि, विकसित भारत, युवा और महिला सशक्तिकरण पर देश को संबोधित किया।
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए देश की विकास यात्रा, राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, सिंधु जल संधि, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और विकसित भारत के लक्ष्य समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की।
आतंकवादियों को भुगतना होगा अंजाम
राष्ट्रपति मुर्मू ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त रुख को दोहराते हुए कहा कि आतंकवादी और उनका समर्थन करने वाले चाहे कहीं भी छिपें, उन्हें अपने कृत्यों का परिणाम भुगतना होगा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता और साहस की सराहना की।
राष्ट्रपति ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने की भारत की क्षमता को प्रदर्शित किया है।
सिंधु जल संधि पर भी बड़ा संदेश
भारत-पाकिस्तान संबंधों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के फैसले को राष्ट्रीय हित से जोड़ा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ यह कदम विशेष रूप से किसानों के हित में महत्वपूर्ण है।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत तेजी से आधुनिक और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और देश की प्रगति में किसी भी नागरिक को पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
परीक्षा व्यवस्था और युवाओं पर भी जोर
राष्ट्रपति ने छात्रों और युवाओं के भविष्य को लेकर परीक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। युवाओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उन्होंने राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
महिला सशक्तिकरण और डिजिटल भारत की उपलब्धियां
राष्ट्रपति ने महिला सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूहों और आर्थिक भागीदारी का उल्लेख किया। साथ ही भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि दुनिया के रियल-टाइम डिजिटल लेन-देन में भारत की हिस्सेदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
हर नागरिक राष्ट्र निर्माण का भागीदार
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। किसान, मजदूर, शिक्षक, विद्यार्थी, वैज्ञानिक, डॉक्टर, सैनिक और देश का हर जिम्मेदार नागरिक भारत के निर्माण में अपना योगदान दे रहा है।
उन्होंने देशवासियों से स्वतंत्रता दिवस को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को याद करने के अवसर के रूप में मनाने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति का संदेश साफ रहा—भारत की आजादी केवल इतिहास की उपलब्धि नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह देश को और मजबूत, सुरक्षित और विकसित बनाने में अपना योगदान दे।
Varsha Shrivastava 
