Bhopal Murder Case : इंस्टा पर देखी प्राइवेट पार्ट के 1.20 करोड़ मिलने वाली रील, फिर बनाया रेहान के मर्डर का प्लान
पुलिस का दावा है कि जोहेब ने एक वीडियो दिखाया था, जिसमें शरीर के अंग निकालने से जुड़ी आपत्तिजनक और भ्रामक जानकारी दिखाई गई थी।
Bhopal Rehan Murder Case : मध्य प्रदेश। भोपाल के छोटे तालाब के धोबी घाट के पास मिले किशोर रेहान के शव ने पुलिस जांच को एक गंभीर और चौंकाने वाली दिशा में पहुंचा दिया। पुलिस के मुताबिक, रेहान को कथित तौर पर 1 करोड़ 20 लाख रुपये कमाने के लालच में निशाना बनाया गया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर चल रहे एक वीडियो से प्रभावित होकर मानव अंगों को बेचने से जुड़ा दावा सच मान लिया था। पुलिस का कहना है कि इसी लालच में हत्या की साजिश रची गई। मामले में दो बालिग और तीन नाबालिग आरोपियों को पकड़ा गया है।
100 रुपये का लालच देकर साथ ले गए
पुलिस के अनुसार, रेहान इलाके में पेन और चाबी के छल्ले बेचकर अपना गुजारा करता था। 6 अगस्त को दो नाबालिग उसे इकबाल मैदान में मिले। उन्होंने उसे कुछ लड़कों से विवाद की बात बताकर अपने साथ चलने को कहा और इसके बदले 100 रुपये देने का लालच दिया।
रेहान उनके साथ चला गया। रास्ते में रेतघाट के पास आमिर और कुछ अन्य नाबालिग भी उनके साथ जुड़ गए। इसके बाद वे उसे गिन्नौरी और किलोल पार्क होते हुए छोटे तालाब के धोबी घाट की ओर ले गए।
खुद को मेडिकल छात्र बताता था आरोपी
पुलिस जांच में जोहेब नाम के युवक की भूमिका सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, करीब एक महीने पहले उसकी पहचान एक नाबालिग से हुई थी। जोहेब कथित तौर पर खुद को मेडिकल की पढ़ाई करने वाला बताता था और एप्रन व स्टेथोस्कोप पहनकर मिलता था।
पुलिस का दावा है कि उसने एक वीडियो दिखाया था, जिसमें शरीर के अंग निकालने से जुड़ी आपत्तिजनक और भ्रामक जानकारी दिखाई गई थी। इसके बाद आरोपियों को कथित तौर पर बताया गया कि ऐसे अंग बेचकर करोड़ों रुपये कमाए जा सकते हैं।
"6 करोड़ साथ लेकर चलते हैं" बोलने वाले सावधान हो जाएं!
— अभिषेक 'अजनबी' ✍???? (@abhishekAZNABI) August 18, 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 16 वर्षीय रेहान की 6 अगस्त को हत्या हुई.
लाश तालाब के पास लाश मिली और इस केस में आमिर कुरैशी, जोहेब खान और 3 नाबालिग लड़के पकड़े गए.
इन सभी ने सोशल मीडिया पर एक रील देखी थी, जिसमें बताया… pic.twitter.com/V7sJqDapPn
1.20 करोड़ रुपये के दावे पर रची कथित साजिश
पुलिस के मुताबिक, इसी दावे के बाद आरोपियों ने करीब 15 से 16 साल के लड़के को निशाना बनाने की योजना बनाई। एक नाबालिग ने कथित तौर पर आमिर को इसमें शामिल किया और आगे दो अन्य नाबालिग भी साजिश से जुड़ गए।
पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त को रेहान को छोटे तालाब के पास ले जाने के बाद जोहेब लगातार फोन के जरिए अन्य आरोपियों के संपर्क में था। उसे बताया गया कि जिस उम्र के लड़के की जरूरत बताई गई थी, वह मिल गया है। इसके बाद रेहान की हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद अंग निकालने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि हत्या के बाद आरोपियों ने शव के साथ छेड़छाड़ की और उसके निजी अंग अलग कर दिए। पुलिस के अनुसार, इन्हें प्लास्टिक की थैली में रखा गया था। कथित योजना के मुताबिक इन्हें बेचने की कोशिश की गई, लेकिन सौदा नहीं हो सका।
पुलिस का कहना है कि बाद में ये हिस्से आरोपियों को वापस कर दिए गए और कुछ दिन बाद उन्हें तालाब में फेंक दिया गया। इस पूरे दावे की जांच अभी जारी है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कथित नेटवर्क की कड़ी जोड़ रही है।
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शव की पहचान टैटू से हुई
रेहान के लापता होने के बाद परिवार उसकी तलाश कर रहा था। छोटे तालाब के धोबी घाट के पास 10 अगस्त को एक अज्ञात किशोर का शव मिला। पोस्टमॉर्टम में शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले और पुलिस ने हत्या की जांच शुरू की।
बाद में परिवार ने हाथ पर बने टैटू की मदद से शव की पहचान रेहान के रूप में की। पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके संपर्कों, आखिरी बार साथ देखे गए लोगों और मोबाइल गतिविधियों की जांच तेज कर दी।
पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में दो बालिग और तीन नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित साजिश और सोशल मीडिया वीडियो से जुड़े दावों की जानकारी मिली। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में कोई और व्यक्ति भी शामिल था।
साथ ही कथित तौर पर अंगों को कहीं बाहर भेजने या बेचने की कोशिश के एंगल की भी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, करीब 13 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
दूसरे किशोर पर हमले की भी जांच
जांच के दौरान एक अन्य किशोर से जुड़े हत्या के प्रयास के मामले की जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, रेहान की हत्या से कुछ दिन पहले एक अन्य किशोर पर हमला किया गया था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है।

जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि आरोपियों के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था या उन्होंने सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक जानकारी से प्रभावित होकर खुद यह साजिश रची।
सोशल मीडिया के भ्रामक दावों पर भी सवाल
इस मामले ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली झूठी और भ्रामक जानकारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, एम्स भोपाल के विशेषज्ञ ने मानव अंगों को करोड़ों रुपये में बेचने से जुड़े ऐसे सोशल मीडिया दावों को फर्जी और भ्रामक बताया है।
पुलिस की शुरुआती जांच भी इसी कथित लालच की ओर इशारा कर रही है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत में पेश होने वाले सबूतों के आधार पर ही सामने आएगा।
Deekshamehra 
