भोजशाला पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से संतुष्ट आरिफ मसूद, बोले- संविधान से चलेगा देश

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भोजशाला में तय समय-सारणी के तहत पूजा और नमाज दोनों की अनुमति दी गई है, जिस पर आरिफ मसूद ने संविधान और आपसी सौहार्द की जीत बताया है।

भोजशाला पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से संतुष्ट आरिफ मसूद, बोले- संविधान से चलेगा देश

भोेपाल: मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश पर विधायक आरिफ मसूद ने संतोष और खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि देश में शासन संविधान के अनुसार चलेगा और नफरत या टकराव की राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है।

संविधान सर्वोपरि, नफरत की कोई जगह नहीं:आरिफ मसूद

आरिफ मसूद ने साफ तौर पर कहा कि भोजशाला में दोनों समुदायों को अपने-अपने धार्मिक अनुष्ठान करने का पूरा अधिकार है। उनके मुताबिक, यहां नमाज भी अदा होगी और पूजा भी संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए और आपसी सौहार्द बनाए रखना सबसे जरूरी है। विधायक ने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2016 में उन्होंने इस मामले को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उस समय भी स्थिति संवेदनशील थी और उन्होंने अदालत से कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध किया था।

भोजशाला विवाद पर अदालत का स्पष्ट संदेश, इंदौर हाईकोर्ट ने लागू किए निर्देश

इस बीच भोजशाला मामले में इंदौर हाईकोर्ट ने भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हाईकोर्ट ने उसी व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने पूजा और नमाज के लिए तय समय-सारणी स्पष्ट कर दी है, जिसका पालन कराने की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन को सौंपी गई है।

धार भोजशाला: कोर्ट के आदेश पर पूजा और नमाज का समय तय

हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, भोजशाला परिसर में सूर्योदय से दोपहर 12 बजे तक बसंत पंचमी की पूजा की जाएगी। इसके बाद दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज अदा करने की अनुमति रहेगी। वहीं, दोपहर 3 बजे से सूर्यास्त तक एक बार फिर पूजा की जा सकेगी।

प्रशासन सतर्क, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का होगा सख्ती से पालन

यह पूरा मामला धार निवासी जुबरान अंसारी सहित अन्य याचिकाकर्ताओं द्वारा शुक्रवार की नमाज की अनुमति को लेकर दायर याचिका के बाद सामने आया। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हर हाल में पालन किया जाए। नमाज के लिए प्रशासन की ओर से पास जारी किए जाएंगे, हालांकि नमाजियों की संख्या को लेकर फिलहाल कोई निश्चित सीमा तय नहीं की गई है।प्रशासन को पूरे घटनाक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और कानून-व्यवस्था पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। फिलहाल कोर्ट के आदेशों के अनुसार भोजशाला में निर्धारित समय पर ही पूजा और नमाज होगी, और प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।