भोपाल में करंट की चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत

भोपाल के बिलखिरिया में खेत में फसल पर दवा का छिड़काव करने के दौरान करंट लगने से पिता-पुत्र की मौत हो गई। खुले बिजली तार की चपेट में पहले बेटा आया, उसे बचाने पहुंचे पिता भी करंट की चपेट में आ गए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

भोपाल में करंट की चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत

राजधानी भोपाल के बिलखिरिया थाना क्षेत्र में खेत में काम करने के दौरान करंट लगने से पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा गुरुवार रात उस समय हुआ, जब दोनों खेत में फसल पर दवा का छिड़काव करने गए थे। खुले पड़े बिजली के तार की चपेट में आने से पहले बेटे और फिर उसे बचाने पहुंचे पिता की मौत हो गई। 

जानकारी के मुताबिक, 18 वर्षीय आशीष गुरुवार रात खेत में फसल पर दवा का छिड़काव कर रहा था। इसी दौरान वह खेत में खुले पड़े बिजली के तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से आशीष मौके पर गिर पड़ा। बेटे को करंट लगता देख उसके पिता ब्रजमोहन (44) उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन वह भी बिजली के तार की चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना तेज था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। 

रातभर खेत में पड़े रहे शव

हादसे के बाद पिता-पुत्र के शव पूरी रात खेत में ही पड़े रहे। रात में दोनों के घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को घटना की जानकारी नहीं हो सकी। शुक्रवार सुबह जब परिजन खेत पहुंचे तो वहां दोनों के शव पड़े मिले। यह देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। इसके बाद परिजनों ने बिलखिरिया थाना पुलिस को सूचना दी। 

शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे

सूचना मिलते ही बिलखिरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। 

खुले बिजली तार की जांच

प्रारंभिक जांच में खेत में खुले पड़े बिजली के तार को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बिजली का तार खेत में किस परिस्थिति में पड़ा था और उसमें करंट कैसे प्रवाहित हो रहा था। पुलिस बिजली लाइन की स्थिति के साथ ही हादसे में किसी

तरह की लापरवाही की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।  हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पिता-पुत्र की एक साथ मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।