मध्यप्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून की तैयारी तेज, 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित
पत्रकारों की सुरक्षा के लिए बनेगा कड़ा कानून, MP सरकार ने समिति को सौंपी मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी
मध्यप्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की दिशा में राज्य शासन के जनसंपर्क विभाग ने 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति को देश के विभिन्न राज्यों में लागू पत्रकार सुरक्षा कानूनों का अध्ययन कर मध्यप्रदेश के लिए कानून का मसौदा और विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य शासन की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक समिति के अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग होंगे। इसके अलावा प्रमुख सचिव, विधि-विधायी कार्य विभाग को समिति का सदस्य बनाया गया है। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के नामांकित प्रतिनिधि भी समिति में सदस्य के तौर पर शामिल होंगे।
समिति में एक वरिष्ठ पत्रकार को भी सदस्य बनाया गया है। शासन ने वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव को इस पद के लिए नामांकित किया है। वहीं सचिव, जनसंपर्क विभाग समिति के सदस्य सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे।
समिति का प्रमुख काम देश के अलग-अलग राज्यों में लागू पत्रकार सुरक्षा कानूनों और उनके प्रावधानों का बारीकी से अध्ययन करना होगा। विशेष रूप से महाराष्ट्र सहित उन राज्यों के कानूनों का परीक्षण किया जाएगा, जहां पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कानूनी प्रावधान लागू हैं।
इसके साथ ही समिति पत्रकार संगठनों और अन्य संबंधित हितधारकों से चर्चा करेगी और उनके सुझाव भी लेगी। पत्रकारों के खिलाफ होने वाली हिंसा, धमकी, उत्पीड़न और झूठे मुकदमों जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कानूनी प्रावधानों पर विचार किया जाएगा।
समिति अध्ययन और सुझावों के आधार पर मध्यप्रदेश के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून का प्रारूप तैयार कर सरकार को सौंपेगी। माना जा रहा है कि इस पहल से प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता को लेकर एक मजबूत कानूनी व्यवस्था तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता साफ होगा।
Varsha Shrivastava 
