Delhi Bus Gang Rape : दिल्ली में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप, सड़क पर दौड़ती स्लीपर बस में दरिंदगी
Delhi Bus Gang Rape : पुलिस के मुताबिक पीड़ित ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर बस में बैठी। आरोपियों ने उसे कश्मीरी गेट पर छोड़ा। इस दौरान बस करीब 47 किमी दौड़ती रही। बस के शीशों पर पर्दे लगे थे।
Delhi Bus Gang Rape : नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में सड़क पर दौड़ती स्लीपर बस में नाबालिग से गैंगरेप का मामला सामने आया है। पुलिस के बताए अनुसार, यह घटना बीते 4 अगस्त की है और मामले की जानकारी पुलिस को 31 अगस्त को मिली है। पुलिस ने मामले के आरोपियों गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर बस में बैठी। आरोपियों ने उसे कश्मीरी गेट पर छोड़ा। इस दौरान बस करीब 47 किमी दौड़ती रही। बस के शीशों पर पर्दे लगे थे।
पुलिस ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि, मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई और बस ड्राईवर कुलदीप कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता 11वीं की छात्रा है और उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली है।
घर से झगड़ा करके निकली थी छात्रा
पीड़ित छात्रा का मैनपुरी में अपने घर में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इसके बाद वह देर रात परिवार को बिना कुछ बताये घर वसे बाहर निकल गई थी। बताया जा रहा है कि, वह नोएडा में रहने वाले अपने कजिन से मिलने जा रही थी। तेज बारिश और अंधेरा होने के कारण वह गलती से परी चौक पर उतर गई। इसी दौरान वहां से एक खाली स्लीपर बस गुजरी। छात्रा बारिश में फंसी थी, उसने बस को रुकने का इशारा किया।
छात्रा के साथ अश्लील हरकत
ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे बैठा लिया और बताया कि बस नोएडा सेक्टर-63 जा रही है। पुलिस के मुताबिक बस चलने के कुछ समय बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने की कोशिश शुरू की। पीड़ित के मुताबिक ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ रेप किया। विरोध किया तो दोनों ने छात्रा को जान से मारने की धमकी दी।
आरोप है कि दोनों ने देर रात छात्रा को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर उतार दिया और वहां से फरार हो गए। रात में ही छात्रा ने कश्मीरी गेट पुलिस से संपर्क कर पूरी घटना बताई।
बस पार्किंग से आरोपी अरेस्ट
जांचकर्ता पुलिस ने बताया कि, दोनों आरोपियों को तिमारपुर की एक बस पार्किंग से गिरफ्तार किया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल स्लीपर बस भी जब्त कर ली है। बस की फोरेंसिक जांच की जा रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना वाले दिन बस में खराबी आने के बाद आरोपी उसे मरम्मत के लिए सूरजपुर (नोएडा) की एक वर्कशॉप में ले गए थे। फिर मरम्मत पूरी होने के बाद ड्राइवर और कंडक्टर खाली बस को तिमारपुर ले जा रहे थे, तभी परी चौक पर छात्रा ने रुकने का इशारा किया।
पुलिस ने बताया कि दोनों ने बस के पर्दे वाले अंदरूनी हिस्से का इस्तेमाल देर रात सफर के दौरान अपराध छिपाने के लिए किया। इससे बाहर से गुजर रहे लोग अंदर नहीं देख सके।
14 साल पहले दिल्ली में हुआ था निर्भया कांड
16 दिसंबर 2012 की रात दिल्ली में 23 साल की युवती के साथ चलती बस में गैंगरेप किया गया। उसके प्राइवेट पार्ट में सरिया डाला गया था। गंभीर चोटों के चलते युवती को सिंगापुर रेफर किया गया, जहां 29 दिसंबर को अस्पताल में मौत हो गई। मामले में दिल्ली समेत पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुआ। मीडिया में इसे निर्भया केस नाम दिया गया।
मामले में 6 लोग आरोपी बनाए गए थे। एक आरोपी नाबालिग था, एक आरोपी ने जेल में सुसाइड कर लिया था। चार दोषियों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को मौत की सजा सुनाई गई। चारों को 20 मार्च 2020 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दी गई।

