UP ATS की बड़ी कार्रवाई, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा संदिग्ध आतंकी जफर गिरफ्तार

24 साल का जफर बिहार के पूर्णिया का रहने वाला बताया जा रहा है। आतंकी जफर अभी दो महीने पहले ही ये मेरठ आया था।

UP ATS की बड़ी कार्रवाई, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा संदिग्ध आतंकी जफर गिरफ्तार

JeM Terrorist Zafar Arrested : मेरठ। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने मेरठ से 24 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया है। ATS के मुताबिक, आरोपी के पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध सामने आए हैं। आरोपी बिहार के पूर्णिया का रहने वाला बताया गया है। एजेंसी का आरोप है कि वह मदरसे के नाम पर चंदा जुटाकर रकम पाकिस्तान भेजने की कोशिश कर रहा था। उसके मोबाइल और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

मस्जिद से हुई गिरफ्तारी

ATS के अनुसार आरोपी की पहचान मोहम्मद जफर के रूप में हुई है। उसकी गिरफ्तारी मेरठ की एक मस्जिद से की गई। जांच में सामने आया है कि जफर कुछ समय पहले ही मेरठ आया था। उसने 2022 में मेरठ के एक मदरसे से मौलवी की डिग्री हासिल की थी। एजेंसी अब उसके मेरठ आने, यहां रहने और अलग-अलग लोगों से संपर्क की भी जांच कर रही है।

मदरसे के नाम पर चंदा जुटाने का आरोप

ATS का आरोप है कि जफर मदरसे के नाम पर लोगों से चंदा जुटाता था। जांच एजेंसी के अनुसार, इस रकम का एक हिस्सा पाकिस्तान में मौजूद आतंकी नेटवर्क तक भेजने की कोशिश की गई। ATS अब यह पता लगाने में जुटी है कि चंदे के नाम पर कितनी रकम जुटाई गई और उसका इस्तेमाल कहां किया गया। मामले में वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है।

मोबाइल में पाकिस्तानी ग्रुप मिलने का दावा

ATS ने दावा किया है कि आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में पाकिस्तान से जुड़े कुछ जेहादी वॉट्सऐप ग्रुप मिले हैं। इन ग्रुपों में कथित तौर पर जेहाद और चंदे से संबंधित बातचीत होती थी। जांच एजेंसी का कहना है कि जफर ऐसे ही एक ग्रुप के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आया था। उसके डिजिटल संपर्कों और चैट की जांच आगे भी जारी है।

मसूद अजहर के भाषणों से प्रभावित होने का आरोप

ATS के मुताबिक, जफर जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के भाषणों से प्रभावित था। एजेंसी का दावा है कि वह सोशल मीडिया पर कथित तौर पर जेहाद और खिलाफत से संबंधित सामग्री साझा करता था। फेसबुक और दूसरे सोशल मीडिया अकाउंट से मिली सामग्री की भी जांच की जा रही है। ATS यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने ऐसी सामग्री कितने लोगों तक पहुंचाई और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।

पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क की जांच

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर एक पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आया था। ATS का दावा है कि उसने हैंडलर के सामने आतंकी गतिविधियों में मदद करने की पेशकश भी की थी। इसके बाद उसके संपर्कों और ऑनलाइन बातचीत की निगरानी की गई। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं।

क्रिप्टोकरेंसी के जरिए रकम भेजने की जांच

ATS के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर पाकिस्तान से जुड़े लोगों के संपर्क में रहते हुए क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से रकम भेजने की कोशिश की। एजेंसी ने Binance अकाउंट और USDT लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू की है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि रकम का स्रोत क्या था, किसे भेजी गई और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।

जैश-ए-मोहम्मद का भारत में आतंकी इतिहास

जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन है। भारत समेत कई देशों और संयुक्त राष्ट्र ने इसे आतंकी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया है। संगठन का नाम 2001 के संसद हमले, 2016 के पठानकोट और उरी हमलों तथा 2019 के पुलवामा हमले जैसे बड़े आतंकी मामलों से जुड़ा रहा है। इन घटनाओं के कारण भारत-पाकिस्तान संबंधों पर भी गंभीर असर पड़ा था।

नेटवर्क की तलाश जारी

ATS ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है। एजेंसी उसके मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट और कथित विदेशी संपर्कों की पड़ताल कर रही है। साथ ही वित्तीय लेनदेन की जानकारी भी जुटाई जा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आरोपी के संपर्क में कितने लोग थे और कथित तौर पर जुटाई गई रकम कहां तक पहुंची। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।