अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राज्यों को लगाई फटकार; भोपाल के मामलों पर 5 अगस्त को होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण और भूमि उपयोग उल्लंघन पर कई राज्यों को फटकार लगाई। अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए। भोपाल के अवैध निर्माण और लैंड यूज से जुड़े मामलों पर 5 अगस्त को सुनवाई होगी।

अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राज्यों को लगाई फटकार; भोपाल के मामलों पर 5 अगस्त को होगी सुनवाई

भोपाल। देशभर में अवैध निर्माण और भूमि उपयोग (लैंड यूज) के उल्लंघन पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कड़ी नाराजगी जताई। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और आर. महादेवन की पीठ ने करीब दो घंटे तक सुनवाई करते हुए कई राज्यों के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और लापरवाही बरतने पर सख्त टिप्पणियां कीं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट कहा कि अवैध निर्माण और नियमों के विपरीत भूमि उपयोग के मामलों में सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं चलेगी, बल्कि प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।

कई राज्यों के अधिकारियों को फटकार, अवमानना नोटिस भी जारी

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और मिजोरम के मुख्य सचिवों को चेतावनी दी। वहीं गुरुग्राम और लखनऊ नगर निगम के आयुक्तों को अवमानना नोटिस जारी किए। जयपुर, ग्रेटर नोएडा और पटना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी अदालत ने नाराजगी जताई।

अदालत ने कहा कि जहां भी भवन सील किए जाने के बाद दोबारा खोले गए हैं, वहां संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।

जयपुर के कोचिंग सेंटरों पर भी सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर के कमर्शियल लैंड यूज क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थानों पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि इन्हें नियोजित कोचिंग हब में स्थानांतरित किया जाना चाहिए, जिस पर करीब 500 करोड़ रुपये की लागत आई है।

अवैध निर्माण हटाने के दिए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्यों को निर्देश दिए कि जहां भी अवैध निर्माण पाए जाएं, वहां तय समय सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कुछ मामलों में 24 घंटे के भीतर और अन्य मामलों में चार सप्ताह के अंदर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

भोपाल के अवैध निर्माण मामलों पर 5 अगस्त को सुनवाई

भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में कथित अवैध निर्माण और भूमि उपयोग परिवर्तन को लेकर भी मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा है। जानकारी के मुताबिक, अरेरा कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में नियमों के विपरीत निर्माण को लेकर शिकायतें की गई थीं।

इन मामलों में दायर याचिकाओं में से भोपाल सिटीजन फोरम की याचिका पर सुनवाई से अदालत ने पहले ही इनकार कर दिया था। अब अरेरा कॉलोनी निवासी विवेक त्रिपाठी की याचिका पर 5 अगस्त को सुनवाई प्रस्तावित है।

आधिकारिक आदेश का इंतजार

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पूरी हो चुकी है। विस्तृत और आधिकारिक आदेश (ऑर्डर) जारी होने के बाद ही सभी निर्देशों की पूरी जानकारी सामने आएगी।