Shashi Tharoor के बयान पर कांग्रेस में घमासान, वेणुगोपाल ने दी नसीहत
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान पर शशि थरूर की टिप्पणी के बाद कांग्रेस में बहस शुरू हो गई है। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि ऐसे बयानों से BJP को फायदा होगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर के एक बयान ने पार्टी के भीतर नई बहस छेड़ दी है। मामला राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से जुड़ा है। थरूर ने इस अभियान को लेकर कहा था कि इसे वैसा रिस्पॉन्स नहीं मिला, जैसा हाल में हुए CJP के विरोध प्रदर्शनों को मिला था। इसके बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने थरूर के बयान पर नाराजगी जताई और पार्टी नेताओं को सार्वजनिक तौर पर ऐसी टिप्पणी करने से बचने की सलाह दी।हालांकि वेणुगोपाल ने यह भी साफ किया कि उन्हें नहीं लगता कि थरूर ने जानबूझकर राहुल गांधी या कांग्रेस नेतृत्व को निशाना बनाते हुए यह बात कही है।
थरूर ने कार्यक्रम पर क्या कहा था?
8 अगस्त को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में शशि थरूर से राहुल गांधी के छात्र आउटरीच अभियान को लेकर सवाल किया गया था। जवाब में उन्होंने माना कि ‘छात्रों की गूंज’ को युवाओं के बीच वैसी प्रतिक्रिया नहीं मिली, जैसी हाल के CJP प्रदर्शनों में दिखाई दी।
थरूर ने इसे लेकर पार्टी के सामने ही कुछ सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह सोचना चाहिए कि आखिर Gen Z यानी युवा पीढ़ी के बीच उसकी बात उतनी प्रभावी तरीके से क्यों नहीं पहुंच रही है।उनका सवाल था कि क्या पार्टी युवाओं को ठीक से सुन नहीं पा रही है? क्या कांग्रेस युवा पीढ़ी की सोच और उसकी राजनीतिक नब्ज को समझने में कहीं चूक रही है?
थरूर ने इस चर्चा को राहुल गांधी तक सीमित रखने के बजाय इसे पूरी कांग्रेस की युवा रणनीति से जोड़ने की कोशिश की। उनका कहना था कि राजनीतिक दलों को युवाओं के लिए राजनीति में ज्यादा जगह बनानी होगी।
वेणुगोपाल ने कहा- बयान देने में सावधानी रखें नेता
थरूर की टिप्पणी सामने आने के बाद केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से बातचीत में इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने थरूर का बयान कुछ मीडिया चैनलों पर देखा है, लेकिन उसे पूरी तरह सुन नहीं पाए हैं। ऐसे में थरूर को ही अपनी बात का सही संदर्भ बताना चाहिए।लेकिन इसके साथ ही वेणुगोपाल ने कांग्रेस नेताओं को एक साफ संदेश दे दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं को ऐसी टिप्पणियों से बचना चाहिए, जिनसे BJP को कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक मुद्दा मिल जाए।
वेणुगोपाल के मुताबिक, अगर कांग्रेस के नेता ही राहुल गांधी के खिलाफ या उनकी कमियों को लेकर सार्वजनिक बयान देंगे, तो इससे सबसे ज्यादा फायदा BJP को होगा।
'BJP को इससे खुशी होगी'
वेणुगोपाल की टिप्पणी का सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला हिस्सा BJP को लेकर था। उन्होंने कहा कि अगर कोई राहुल गांधी की आलोचना करता है या उनके बारे में नकारात्मक बातें करता है, तो इससे BJP को राजनीतिक तौर पर फायदा मिलेगा।दरअसल, कांग्रेस इन दिनों राहुल गांधी के जरिए छात्रों और युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पार्टी के ही एक वरिष्ठ नेता की ओर से अभियान के प्रभाव पर सवाल उठना कांग्रेस के लिए असहज स्थिति पैदा करता है।
थरूर की नीयत पर वेणुगोपाल ने दी सफाई
हालांकि वेणुगोपाल ने थरूर पर सीधे हमला नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि थरूर ने जानबूझकर ऐसा बयान दिया है। यानी पार्टी महासचिव ने बयान पर असहमति तो जताई, लेकिन इसे थरूर की तरफ से पार्टी नेतृत्व के खिलाफ किसी सोची-समझी कोशिश के तौर पर पेश नहीं किया।यह भी माना जा रहा है कि कांग्रेस इस विवाद को ज्यादा तूल देने के बजाय इसे पार्टी के अंदर की बहस तक सीमित रखना चाहती है।
राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' अभियान
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान छात्रों और युवाओं के बीच सीधे संवाद की कोशिश है। इसके तहत राहुल गांधी कोटा और देहरादून के बाद प्रयागराज में भी कार्यक्रम कर चुके हैं।कांग्रेस का कहना है कि इन कार्यक्रमों के जरिए छात्रों से जुड़े मुद्दों को सीधे सुना जा रहा है और उन्हें राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाया जा रहा है।प्रयागराज के कार्यक्रम को लेकर वेणुगोपाल ने भी राहुल गांधी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि वहां का कार्यक्रम कांग्रेस के पारंपरिक संगठनात्मक दायरे से बाहर जाकर युवाओं को जोड़ने में सफल रहा।

विवाद के पीछे बड़ा सवाल- क्या Gen Z से जुड़ पा रही कांग्रेस?
पूरे विवाद को देखें तो असली बहस सिर्फ थरूर के बयान पर नहीं है। सवाल यह है कि कांग्रेस युवा वोटरों और खासकर Gen Z तक अपनी बात कितनी मजबूती से पहुंचा पा रही है।
थरूर ने इसी सवाल को उठाया है। उनका कहना है कि सिर्फ युवाओं के बीच कार्यक्रम करने से बात नहीं बनेगी। उनकी समस्याओं, भाषा और सोच को भी समझना होगा।
वहीं वेणुगोपाल का जोर इस बात पर है कि पार्टी के नेता सार्वजनिक मंचों पर ऐसी बातें न कहें, जिनसे विपक्ष को कांग्रेस पर हमला करने का मौका मिले।फिलहाल थरूर की टिप्पणी ने कांग्रेस के भीतर एक पुरानी बहस को फिर सामने ला दिया है .युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए सिर्फ अभियान काफी है या कांग्रेस को अपनी पूरी राजनीतिक शैली में बदलाव करना होगा?
Anubhav Dubey 
