अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत: री-जॉइनिंग में 90% E-Attendance में छूट, नया आदेश जारी
MP के अतिथि शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर, री-जॉइनिंग में 90% E-Attendance नियम में अनिवार्यता से मिली छूट
भोपाल। मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। लोक शिक्षा संचालनालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए री-जॉइनिंग प्रक्रिया में 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस (E-Attendance) की अनिवार्यता में शिथिलता देने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय अतिथि शिक्षकों से प्राप्त आवेदनों और उनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
आवेदन और समस्याओं को देखते हुए लिया फैसला
लोक शिक्षा संचालनालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पहले जारी निर्देशों के अनुसार री-जॉइनिंग की प्रक्रिया ई-अटेंडेंस के आधार पर पोर्टल के माध्यम से की जानी थी। हालांकि, बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों और तकनीकी और अन्य समस्याओं को देखते हुए इस सत्र के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता में छूट देने का निर्णय लिया गया है।

री-जॉइनिंग के समय देना होगा वचन पत्र
आदेश के अनुसार जिन अतिथि शिक्षकों को इस छूट का लाभ मिलेगा, उनसे री-जॉइनिंग के समय एक वचन पत्र लिया जाएगा। इसमें उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे वर्तमान शैक्षणिक सत्र के दौरान अनिवार्य रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करेंगे।
अगले सत्र से नियम का सख्ती से होगा पालन
लोक शिक्षा संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दी गई है। इसे भविष्य के लिए उदाहरण नहीं माना जाएगा। आगामी सत्रों में री-जॉइनिंग की प्रक्रिया पूरी तरह ई-अटेंडेंस के आधार पर होगी और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता नहीं दी जाएगी।
यह आदेश सभी संभागीय संयुक्त संचालकों, जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और प्रदेश के सभी हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों को भेज दिया गया है, ताकि नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया जा सके।
Varsha Shrivastava 
