मध्यप्रदेश के अमरपाटन में 23 वर्षीय युवक राजभान कोल की हत्या अवैध संबंधों के चलते कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी के प्रेमी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि तीन आरोपी अब भी फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक, राजभान कोल 3 अप्रैल की शाम को एक फोन कॉल आने के बाद घर से निकला था, लेकिन रात भर वापस नहीं लौटा। अगले दिन उसकी लाश गांव से करीब एक किलोमीटर दूर पड़क्का इंडस्ट्रियल एरिया में मिली। शव पर चेहरे, गले और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका पुख्ता हो गई।

जांच के दौरान पुलिस ने साइबर सेल की मदद और परिजनों से पूछताछ के आधार पर संदेह के दायरे में आए दिलीप पटेल को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात कबूल कर ली।
आरोपी ने बताया कि मृतक की पत्नी साधना कोल से उसका लंबे समय से प्रेम संबंध था। शादी के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा, लेकिन राजभान को इस रिश्ते पर शक होने लगा था। इसी कारण उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई।

योजना के तहत आरोपियों ने राजभान को बहाने से पड़क्का बुलाया, जहां उसे शराब पिलाई गई और फिर बेरहमी से मारपीट की गई। इसके बाद पत्थर से सिर कुचलकर और टूटी बोतल से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी गई। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने इस मामले में दिलीप पटेल और जितेंद्र कुशवाहा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं, अन्य तीन आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

नाना ने 4 साल की नातिन को पीटकर खेत में फेंका
सतना के उचेहरा थाना अंतर्गत इचौल गांव में 4 वर्षीय नातिन के कत्ल की कोशिश पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी नाना को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस ने बताया कि मां की मौत और पिता के जेल जाने के बाद मासूम बालिका नायरा उर्फ पलक अपने ननिहाल में नाना-नानी के साथ रहने लगी थी।

मगर 4 अप्रैल की शाम को आरोपी नाना आशाराम उसे बहाने से खेत पर ले गया और बेरहमी से पिटाई कर बेहोशी की हालत में खेत पर फेंककर घर लौट आया। उधर, जब परिवार के लोगों ने बच्ची के संबंध में पूछताछ की, तो आरोपी ने अनभिज्ञता जताते हुए पत्नी के साथ थाने पहुंचकर उसके गायब होने की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर अपहरण का अपराध दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई। लगभग 12 घंटे बाद पीड़ित बालिका खेत में पड़ी मिली, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया।

हालत में सुधार होने पर काउंसिलिंग के बाद न्यायालय में प्रस्तुत कर बयान लिए गए, तो बच्ची ने नाना द्वारा पिटाई करने का खुलासा कर दिया। ऐसे में मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अपहरण के प्रकरण में हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। तब पता चला कि 4 वर्षीय बालिका की मां ने एक साल पहले ससुराल में प्रताड़ना से परेशान होकर खुदकुशी कर ली थी, जिस पर दहेज हत्या का अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस ने उसके सौतेले पिता को जेल भेज दिया था।

तब से ही बच्ची की ननिहाल में देखभाल हो रही थी। 4 अप्रैल को किसी बात से नाराज होकर आरोपी ने जान लेने के इरादे से उसकी पिटाई कर खेत में फेंक दिया और घर लौट आया। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया, वहीं पीड़ित बच्ची अब भी अस्पताल में भर्ती है।